July 12, 2026

Success Story: आयुष ओझा ने हासिल की बड़ी सफलता, डीआईपी में बने सहायक सूचना अधिकारी - Haribhoomi

यूजीसी-नेट (जेआरएफ) क्वालिफाई कर चुके आयुष ओझा ने कानपुर मेट्रो और डिजिटल मीडिया में भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका।

Success Story

आयुष ओझा ने हासिल की बड़ी सफलता

  • Published: 12 Jul 2026, 10:16 AM IST
  • Last Updated: 12 Jul 2026, 10:16 AM IST

Success Story: माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) के लिए गर्व का क्षण है। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र आयुष ओझा का चयन सूचना एवं प्रचार निदेशालय (डीआईपी), नई दिल्ली में सहायक सूचना अधिकारी (Assistant Information Officer) के पद पर हुआ है। पत्रकारिता, जनसंचार और जनसंपर्क के क्षेत्र में उनकी यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत मानी जा रही है।

केंद्र सरकार के सूचना विभाग में मिली नई जिम्मेदारी
आयुष ओझा को सूचना एवं प्रचार निदेशालय (डीआईपी), नई दिल्ली में सहायक सूचना अधिकारी के पद पर नियुक्ति मिली है। यह पद जनसंचार और सरकारी सूचना तंत्र के बीच महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। उनकी नियुक्ति को पेशेवर क्षमता और शैक्षणिक उत्कृष्टता का परिणाम माना जा रहा है।

कानपुर मेट्रो और डिजिटल मीडिया में रहा अनुभव
नई जिम्मेदारी संभालने से पहले आयुष ओझा उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (कानपुर मेट्रो) में जनसंपर्क सहायक के रूप में कार्य कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया समन्वय, जन-जागरूकता अभियान, संस्थागत संचार और जनसंपर्क गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई।

इसके अलावा वे डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म Inshorts के साथ भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने मीडिया और कंटेंट कम्युनिकेशन के क्षेत्र में अनुभव हासिल किया।

शैक्षणिक क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन
आयुष ओझा ने पत्रकारिता एवं जनसंचार विषय में यूजीसी-नेट परीक्षा जेआरएफ (Junior Research Fellowship) के साथ उत्तीर्ण की है। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों में जनसंचार और जनसंपर्क विषयों पर पांच से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित होना भी शामिल है।

आयुष ओझा ने क्या कहा?
अपनी नियुक्ति पर खुशी व्यक्त करते हुए आयुष ओझा ने कहा कि यह अवसर उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि प्रभावी जनसंचार के माध्यम से सरकार और समाज के बीच संवाद को और अधिक मजबूत, सार्थक और प्रभावशाली बनाया जा सके।

शिक्षकों और परिजनों ने जताई खुशी
आयुष ओझा की इस उपलब्धि पर उनके परिजनों, शिक्षकों, सहपाठियों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे विश्वविद्यालय और पत्रकारिता जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।