Students Suicide in India: देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों से अक्सर उम्मीद की जाती है कि वे हर चुनौती का सामना मजबूती से करेंगे और सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल करेंगे. लेकिन हाल ही में IIT Bombay के छात्र की आत्महत्या की घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या पढ़ाई, परीक्षा, करियर और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव छात्रों की मानसिक सेहत पर भारी पड़ रहा है. अब यह मामला सिर्फ एक छात्र की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर सोंचने का विषय बन गई है. तो आइए आज हम इस आर्टिकल में जानते हैं कि भारत में छात्रों के बीच आत्महत्या से जुड़े आंकड़े क्या कहते हैं और आखिर यह मुद्दा इतना गंभीर क्यों बनता जा रहा है.
NCRB Suicidal Report 2020-24: जानिए NCRB के रिपोर्ट में क्या है आंकड़ें
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो NCRB की ऑफिशियल वेबसाइट पर ncrb.gov.in पर जारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 में कुल 1,53,052 आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए थे, जब देश की अनुमानित आबादी 13,533.9 लाख थी और आत्महत्या की दर 11.3 प्रति लाख दर्ज की गई थी. इसके बाद साल 2021 में आत्महत्या की संख्या बढ़कर 1,64,033 हो गई और आबादी 13,671.8 लाख होने पर यह दर बढ़कर 12.0 पहुंच गई. वर्ष 2022 में मामलों में और उछाल आया, जहां कुल 1,70,924 आत्महत्याओं और 13,797.5 लाख आबादी के साथ आत्महत्या की दर 12.4 दर्ज की गई.
वर्ष 2023 में आत्महत्या का कुल आंकड़ा अपने उच्चतम स्तर 1,71,418 पर पहुंच गया. हालांकि, आबादी बढ़कर 13,923.3 लाख होने के कारण आत्महत्या की दर में मामूली गिरावट आई और यह 12.3 हो गई. वर्ष 2024 के आंकड़ों से थोड़ी राहत का संकेत मिलता है, जहां आत्महत्या के कुल मामलों में कमी आई और यह घटकर 1,70,746 रह गए. 2024 में अनुमानित आबादी 14,049.1 लाख पहुंचने के साथ ही आत्महत्या की दर भी गिरकर 12.2 दर्ज की गई.

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IIT Kharagpur Director Comment: इस बारे में IIT खड़गपुर के डायरेक्टर ने दिया अपना रिएक्शन
IIT Bombay में हाल ही में एक स्टूडेंट की आत्महत्या के मामले के बाद बाद IIT खड़गपुर के डायरेक्टर प्रो सुमन चक्रवर्ती ने X पर एक पाेस्ट के माध्यम से स्टूडेंट्स काे कहा कि जब आप परीक्षा हॉल में जाएं, तो यह याद रखें कि परीक्षा सिर्फ यह मापती है कि आपने एक दिन में क्या लिखा. यह यह नहीं मापती कि आप कौन हैं या भविष्य में क्या बनेंगे. अपनी तैयारी पर भरोसा रखें, गहरी सांस लें और काॅन्फिडेंस के साथ जवाब लिखें. उन्होंने खास तौर पर लिखा है कि जब भी दबाव ज्यादा महसूस हो, तो याद रखें कि आप अकेले नहीं हैं, मेरा हाथ आपके कंधे पर है, आज भी और हमेशा रहेगा.
Suicide Ratio of Male and Female: जानिए इस बारे में
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ऑफिशियल वेबसाइट पर ncrb.gov.in पर दिए गए डेटा के मुताबिक वर्ष 2024 में सबसे ज्यादा सुसाइड के मामले 30 से 45 वर्ष की एज ग्रुप में देखे गए हैं, जहां मेल सुसाइड केस की संख्या 43,351 है, जबकि इसी एज ग्रुप में महिलाओं की संख्या 11,564 दी गई है. वहीं 18 वर्ष से कम आयु वाले नाबालिगों के वर्ग में एक अलग तस्वीर देखने को मिलती है, जहां लड़कियों की संख्या लड़कों की तुलना में अधिक है. इस वर्ग में 6,032 लड़कियों और 5,151 लड़कों के सुसाइड के मामले दर्ज किए गए हैं. प्रतिशत में बात करें, तो 2024 में 8.5% स्टूडेंट्स की आत्महत्या के मामले सामने आए हैं.
Suicide Cases in India NCRB Report Must Check Here
रिपोर्ट के अनुसार 18 से 30 वर्ष के युवाओं में 38,231 मेल और 18,236 फीमेल की सुसाइट केस हैं. वहीं, 45 से 60 वर्ष की एज ग्रुप में पुरुषों का आंकड़ा 26,285 और महिलाओं का 5,808 रहा और 60 वर्ष से अधिक आयु वालों में 12,431 पुरुषों और 3,605 महिलाओं ने यह कदम उठाया है.
आंकड़ों में ट्रांसजेंडर समुदाय के आंकड़े भी सामने आए हैं. इनमें 18 से 30 वर्ष की आयु में सबसे अधिक 28 मामले दर्ज किए गए. वहीं 30 से 45 वर्ष में 16, 45 से 60 वर्ष में 6 और 18 से कम व 60 से अधिक आयु वर्गों में 1-1 मामला दर्ज हुआ है.
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