July 21, 2026

Starter Marriage: शादी से पहले नहीं, शादी के बाद का ट्रायल? जानिए क्या है स्टार्टर मैरिज का नया ट्रेंड| Navbharat Live

Updated On: Jul 21, 2026 | 03:50 PM IST

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सार

Marriage Trend: बदलती लाइफस्टाइल के बीच शादियों का कॉन्सेप्ट बदलता जा रहा है। स्टार्टर मैरिज में पहली शादी अगर सफल नहीं होती है, तो इसे जीवन का एक अनुभव मानकर आगे बढ़ने की सोच रखी जाती है।

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स्टार्टर मैरिज (फोटो.सोशल मीडिया)

विस्तार

New Marriage Trend: बदलती लाइफस्टाइल और रिश्तों को लेकर बदलती सोच ने आने वाले समय में विवाह को लेकर लोगों की सोच बदल दी है। इन सब के बीच एक नया शब्द तेजी से चर्चा में है- ‘स्टार्टर मैरिज’।

हालांकि यह पश्चिमी देशों के बीच अधिक चर्चित टर्म है। कुछ लोगों का मानना है कि यह रिश्तों को समझने का नया तरीका है, जब कि कुछ लोग मानते हैं कि यह शादी जैसे गंभीर रिश्ते को अलग नजरिए से देखने का तरीका है। भारत में यह ट्रेंड अभी आम नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया और पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव के कारण इसकी चर्चा बढ़ रही है।

क्या होती है स्टार्टर मैरिज?

‘स्टार्टर मैरिज’ उस पहली शादी को कहा जाता है, जो आमतौर पर कम समय यानी पांच साल या उससे पहले ही खत्म हो जाती है। इस तरह की शादी को कुछ लोग जीवन भर के रिश्ते के बजाय एक अनुभव या सीख की तरह देखते हैं। यदि रिश्ता सफल नहीं होता है, तो दोनों आपसी सहमति से अलग होकर आगे नई शुरुआत करते हैं। कई मामलों में इस तरह की शादियों में बच्चे भी नहीं होते।

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कहां से आया स्टार्टर मैरिज शब्द

‘स्टार्टर मैरिज’ शब्द का इस्तेमाल पहली बार 1994 में अमेरिकी पत्रकार डेबोरा शूपैक ने अपने एक लेख में किया था। यह ‘स्टार्टर होम’ यानी पहला छोटा घर या ‘स्टार्टर जॉब’ यानी पहली नौकरी से प्रेरित शब्द है। समय के साथ यह शब्द एक बार फिर से चर्चा में आ गया है।

युवाओं के बीच क्यों है लोकप्रिय

विशेषज्ञों के अनुसार, आज की पीढ़ी रिश्तों में भावनात्मक अनुकूलता, व्यक्तिगत विकास और मानसिक शांति को अधिक महत्व देती है। अगर शादी के बाद दोनों को लगता है कि उनके जीवन के लक्ष्य, सोच या अपेक्षाएं मेल नहीं खातीं, तो वे असफल रिश्ते को लंबे समय तक ढोने के बजाय अलग होने का फैसला कर सकते हैं। इसी सोच के कारण ‘स्टार्टर मैरिज’ जैसे शब्द लोकप्रिय हो रहे हैं।

क्या यह ‘ट्रायल मैरिज’ है?

कई लोग इसे ‘ट्रायल मैरिज’ समझते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रायल मैरिज और स्टार्टर मैरिज दो अलग-अलग चीजें हैं। स्टार्टर मैरिज का मतलब यह नहीं कि लोग पहले से ही तलाक की योजना बनाकर शादी करते हैं, बल्कि यह शब्द उन शादियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो शुरुआती वर्षों में समाप्त हो जाती हैं और जिनसे लोग भविष्य के रिश्तों के लिए सीख लेते हैं।

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भारत में कितना प्रचलित है?

भारतीय समाज में शादी को रिलेशनशिप से ज्यादा आज भी सात जन्मों का बंधन माना जाता है। भारतीय परंपरा में परिवार, सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्य विवाह को लंबे समय तक निभाने पर जोर देते हैं। इसलिए ‘स्टार्टर मैरिज’ जैसी अवधारणा भारत में अभी व्यापक रूप से स्वीकार नहीं की गई है। हालांकि, आज के युवाओं के बीच रिश्तों को लेकर सोच में बदलाव जरूर देखने को मिल रहा है, जहां भावनात्मक अनुकूलता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर पहले से अधिक चर्चा हो रही है।

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