कांग्रेस नेताओं ने पीसीसी में बैठक के बाद पीएचक्यू पहुंचकर डीजीपी को ज्ञापन सौंपा।
रीवा जिले में आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अमित कोल की हुई हत्या के विरोध में आज कांग्रेस के आदिवासी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल में पुलिस मुख्यालय पहुंचकर DGP कैलाश मकवाना से मुलाकात की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में पहुंचे इस
.
प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया, प्रदेश आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष रामू टेकाम, पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन, पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमकार सिंह मरकाम, विधायक फूंदेलाल मार्को, विधायक झूमा सोलंकी, विधायक सुनील उइके, विधायक संजय उइके, डॉ. अशोक मर्सकोले, राष्ट्रीय समन्वयक अर्चना पोर्ते, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष चंद्रा सरौटे शामिल रहे।

उमंग सिंघार।
"केवल गिरफ्तारी काफी नहीं, पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हो": कांग्रेस
ज्ञापन सौंपने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि रीवा में आदिवासी समाज के सक्रिय नेता अमित कोल की हत्या एक गंभीर, जघन्य और समाज को उद्वेलित करने वाली घटना है। उमंग सिंघार ने कहा- हमारी मांग है कि इस जघन्य हत्याकांड के गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ कठोरतम दंड सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी ऐसी जघन्य वारदात करने का दुस्साहस न कर सके।
कानून का भय और न्याय की दृढ़ता ही समाज में शांति एवं सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रभावी और ठोस कदम उठाए जाना आवश्यक है।
हत्याकांड के पीछे बड़े षड्यंत्र की आशंका
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल व्यक्तिगत वैमनस्य का मामला नहीं दिखता, बल्कि इसके पीछे एक व्यापक आपराधिक षड्यंत्र की आशंका है। मात्र कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी से जांच पूरी नहीं मानी जा सकती है जब तक हत्या के वास्तविक कारणों, वित्तीय, राजनीतिक हित और पर्दे के पीछे शामिल सभी सह-अभियुक्तों का खुलासा नहीं हो जाता, न्याय अधूरा रहेगा।
कांग्रेस ने डीजीपी के सामने यह मांगें रखीं
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि रीवा हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर हत्या के वास्तविक कारणों, षड्यंत्र और इस मामले में सह-अभियुक्तों का जल्दी खुलासा किया जाए। जांच के दौरान जिन भी व्यक्तियों या संगठनों की संलिप्तता पाए जाए, उनके खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी और वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सीबीआई को केस ट्रांसफर किया जाए
कांग्रेस ने यह मांग की है कि जांच को बाहरी प्रभाव से मुक्त रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी निगरानी में निष्पक्ष और समयबद्ध प्रक्रिया अपनाई जाए, मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) या अन्य स्वतंत्र उच्चस्तरीय एजेंसी को ट्रांसफर किया जाए।
इसके साथ ही डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों का संरक्षण कर प्रभावी अभियोजन चलाया जाए ताकि दोषियों को कठोर दंड मिल सके। ज्ञापन में पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, समुचित सुरक्षा और विधिक सहायता देने, प्रदेश में आदिवासी जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए ठोस सुरक्षा नीति विकसित करने तथा जांच की प्रगति से पीड़ित परिवार को समय-समय पर अवगत कराने की मांग भी शामिल है।
ये खबर भी पढ़ें…

सिगरेट लेने गए कांग्रेस नेता की चाकू मारकर हत्या
रीवा में मंगलवार रात कांग्रेस एसटी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अमित कोल की सरेराह चाकू मारकर हत्या कर दी गई। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शांति विहार स्थित HDFC बैंक के पास दो बाइक पर सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला किया। गंभीर रूप से घायल अमित को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। रात करीब 10 बजे अमित कोल शांति विहार स्थित HDFC बैंक के पास एक दुकान पर सिगरेट लेने पहुंचे थे। इसी दौरान हमला हुआ। पूरी खबर पढ़ें….