September 22, 2026

ढेर हुवा तीन हत्याओं का आरोपी: आजमगढ़ SSP डॉ अनिल कुमार ने रात्रि 3:30 बजे की पुष्टि, जिले की SOG और ATS ने की संयुक्त कार्रवाई - Azamgarh News

आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान हुए विवाद के बाद तीन लोगों की हत्या की आरोपी अरविंद सिंह को आजमगढ़ की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और एटीएस की संयुक्त टीम ने देर रात मुठभेड़ में मार गिराया। इस बात की पुष्टि जिल

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आधी रात को आजमगढ़ पहुंची एटीएस टीम।

आधी रात को आजमगढ़ पहुंची एटीएस टीम।

4 दिन से चल रही थी पूजा जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि अरविंद सिंह के घर में मंगलवार शाम पूजा चल रही थी। घर में 4 पंडित अरविंद की पत्नी बबीता, एक बेटा और एक बेटी मौजूद थे। शाम करीब 6 बजे अरविंद बाज़ार से घर पहुंचा। घर में पूजा होते देख उसने पंडितों से सवाल किया। पंडितों ने पूजा किए जाने की जानकारी दी। इसके बाद अरविंद ने उनसे आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। आधार कार्ड मांगने को लेकर अरविंद और पंडितों के बीच बहुत होने लगी। आरोप है कि इसी दौरान अरविंद ने घर में रखी पिस्टल निकाली और फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता के साथ पंडित महेंद्र पाठक और एक अन्य पंडित घायल हो गए। घटना में तीनों की मौत हो गई।

लगातार आरोपी दे रहा था जान से मारने की धमकी।

लगातार आरोपी दे रहा था जान से मारने की धमकी।

SSP बोले लगातार दे रहा था जान से मारने की धमकी जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि तीन हत्याओं का आरोपी जो अपने को तीन बच्चों के साथ कमरे में बंद कर लिया था लगातार उन बच्चों को मारने की धमकी दे रहा था। आरोपी द्वारा चलाई गई गोली से एक बच्चे को गोली भी लगी है जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद आरोपी ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरू कर दी। पुलिस द्वारा की गई कंट्रोल फायरिंग में आरोपी को गोली लगी और रात के 3:30 बजे आरोपी की इलाज के दौरान मौत हो गई। एसएसपी ने बताया कि एक बच्चे की हालत गंभीर हैं। जबकि दो बच्चे खतरे से बाहर हैं।

7 घंटे तक समझाने का प्रयास करते रहे जिले के एसएसपी डॉ अनिल कुमार।

7 घंटे तक समझाने का प्रयास करते रहे जिले के एसएसपी डॉ अनिल कुमार।

7 घंटे तक किया गया समझाने का प्रयास एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि आरोपी को लगभग 7 घंटे तक समझाने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही रिश्तेदारों और परिजनों को बुलाकर भी प्रयास किया गया पर आरोपी लगातार बच्चों को मारने की धमकी दे रहा था गांव के लोग भी बता रहे थे कि आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। भूत प्रेत और आत्मा के साए की बात को लेकर घर में पूजा पाठ का आयोजन किया गया था इसी बात से आरोपी नाराज था जिसके कारण आरोपी ने अपनी पत्नी के साथ दो पूजा करने वाले पुजारी की गोली मारकर हत्या कर दी।

वाराणसी एडीजी बोले फायरिंग के बाद नहीं था कोई ऑप्शन।

वाराणसी एडीजी बोले फायरिंग के बाद नहीं था कोई ऑप्शन।

एडीजी बोले आरोपी की फायरिंग के बाद नहीं था कोई ऑप्शन इस बारे में वाराणसी के एडीजी नवीन नरोरा का कहना है कि लगातार 7 घंटे के प्रयास के बाद भी आरोपी ना तो बाहर निकला। पुलिस के अधिकारियों से बात कराई गई। सात घंटे इंतजार करने के बाद आरोपी सुबह इस मामले में कुछ भी बात करने की बात कह रहा था। हम लोगों की तैयारी चल ही रही थी। इसी बीच फायरिंग की आवाज आई जिसके बाद हमारे पास कोई ऑप्शन नहीं था। अंदर तीन बच्चे थे स्टेट ग्रेनेड और टियर गैस ग्रेनेड का प्रयोग करके दरवाजा तोड़ा गया। इसके बाद एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार SOG टीम के साथ अंदर गए। अंदर जाते ही लगातार आरोपी फायरिंग करने लगा और पांच फायर किया। इसी दौरान पुलिस की कंट्रोल फायरिंग में आरोपी को भी गोली लगी। इस मुठभेड़ में आरोपी की मौत हो गई है।

आजमगढ़ में मुठभेड़ में मारा गया आरोपी अरविंद सिंह।

आजमगढ़ में मुठभेड़ में मारा गया आरोपी अरविंद सिंह।

यह है पूरा मामला

आजमगढ़ के अहिरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी के रहने वाले अरविंद सिंह मंगलवार शाम करीब 6 बजे घर पहुंचे। उस समय पत्नी बबीता सिंह (40), मां समला देवी (70) और बेटी परी (5), बेटा लक्खा (6) और सात माह की बेटी घर पर मौजूद थे। इसके अलावा पटखौली गांव के पंडित महेंद्र पाठक (60), छितौना भटौली गांव के अखिलेश मिश्रा (55), उनके पुत्र हिमांशु मिश्रा और एक अन्य पंडित पूजा करा रहे थे।

अरविंद की पत्नी बबिता धार्मिक अनुष्ठान करा रही थीं। बाजार से घर पहुंचे अरविंद ने यह सब देखकर पंडितों से सवाल किया। पंडितों ने पूजा कराए जाने की जानकारी दी। अरविंद ने उनसे आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। इसके बाद अरविंद और पंडितों के बीच बहस शुरू हो गई।