मेरठ ललिता हत्याकांड: कांग्रेस सांसदों-विधायकों को पुलिस ने रोका: टोल प्लाजा पर पुलिस से बहस, इमरान मसूद बोले- SSP को सस्पेंड करो - Meerut News
मेरठ ललिता हत्याकांड: कांग्रेस सांसदों-विधायकों को पुलिस ने रोका:टोल प्लाजा पर पुलिस से बहस, इमरान मसूद बोले- SSP को सस्पेंड करो
मेरठ8 घंटे पहले
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मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से मिलने जा रहे कांग्रेस सांसदों और विधायकों को सोमवार दोपहर 12 बजे पुलिस ने रोक दिया। काशी टोल प्लाजा पर 100 जवान तैनात कर दिए। इससे कांग्रेसी भड़क गए। नारेबाजी करने लगे। पुलिसकर्मियों से उनकी तीखी नोकझोक हो गई।
हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने डेलीगेशन को टोल प्लाजा के कमरे में बैठा दिया। इस दौरान कांग्रेस डेलीगेशन पीड़ित परिवार से मिलने की जिद पर अड़ा रहा। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले उन्हें कानून-व्यवस्था का हवाला देकर समझाने की कोशिश करते रहे।
करीब 2 घंटे बाद कांग्रेसी कमरे से बाहर आए और हंगामा करते हुए 27 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन करने का ऐलान किया। इसके बाद डेलीगेशन समर्थकों के साथ दोपहर 2 बजे वापस लौट गया।
इससे पहले कांग्रेस कार्यकर्ता सांसद इमरान मसूद के साथ दोपहर 11 बजे दिल्ली से 15-20 गाड़ियों से मेरठ के लिए रवाना हुए थे। इस दौरान कांग्रेसियों ने कहा- एसएसपी साहब से यही गुजारिश है कि हमें पीड़ित परिवार से मिलवाएं। अभी तक इस मामले में क्या एक्शन हुआ, परिवार को कितना मुआवजा मिला। वह इस बारे में बताएं।
इमरान मसूद ने कहा-
बेहद दुखद घटना घटी है। हालांकि, पुलिस द्वारा की गई बाद की कार्रवाई पूरी तरह से गलत तस्वीर पेश कर रही है। पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाना चाहिए। परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। एसएसपी अविनाश पांडेय को गिरफ्तार कर निलंबित किया जाना चाहिए।
तस्वीरें देखिए…
मेरठ के काशी टोल प्लाजा पर पुलिस ने कांग्रेस डेलीगेशन को रोक लिया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टोल प्लाजा पर जमकर नारेबाजी की।
कांग्रेसी बोले- सरकार ने बड़े गुंडों को खुली छूट दे रखी है
डेलीगेशन में शामिल कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने कहा- एसपी इलाके में दादागिरी कर रहे हैं। दलितों और मुसलमानों के प्रति उनका असंवैधानिक व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। हम मुख्यमंत्री से आग्रह करते हैं कि वे हस्तक्षेप करें, निर्णायक कार्रवाई करें और तत्काल निलंबित करें।
ओबीसी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जय हिंद ने योगी सरकार पर कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा- दावा करते हैं कि उन्होंने कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत कड़ी कर दी है। लेकिन, गरीब और मध्य वर्ग के लोगों के एनकाउंटर किए जा रहे हैं। बड़े गुंडों को उन्होंने खुली छूट दे रखी है।
यूपी कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा- सरकार को पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपए का आर्थिक मुआवजा देना चाहिए। पीड़ित परिवार के कम से कम एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद करमवीर सिंह बौध ने कहा- दो महीने पहले खेतों में एक बेटी का शव मिला था। परिवार न्याय चाहता था। पिछले दो महीनों से प्रशासन परिवार को न्याय दिलाने में नाकाम रहा है। हम वहां राजनीति करने नहीं जा रहे हैं।
एसपी सिटी बोले- पूरे मामले की कांग्रेस डेलीगेशन को जानकारी दे दी गई है
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने कहा- कांग्रेस नेताओं का डेलीगेशन यहां आया था। हमारे बातचीत हुई है। उन्होंने अपनी मांग रखी है। उन्हें विवेचना के बारे में जानकारी दी गई है। सारे साक्ष्य भी बताए हैं। हंगामे वाली घटना को लेकर भी डेलीगेशन ने जो पूछा उसके बारे में साक्ष्यों के साथ बात रखी गई है। डेलीगेशन को शांति व्यवस्था बनाने रखने के बारे में बता दिया गया था। डेलीगेशन टीम दोपहर 2 बजे लौट गई है।
एडीजी कार्यालय पर भाकियू तोमर की पंचायत
भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने छात्रा हत्याकांड के विरोध में सोमवार को एडीजी कार्यालय पर पंचायत आयोजित करने की घोषणा की। संगठन का कहना है कि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर यह पंचायत बुलाई गई है।
दिल्ली से मेरठ निकलने से पहले कांग्रेस सांसद और विधायकों ने कहा- एसएसपी साहब से हमारी गुहार है कि वो हमें पीड़ित परिवार से मिलवाएं।
अब जानिए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के बारे में…
टीपीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली बीए थर्ड ईयर की छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने घर से निकली थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटीं। घरवालों ने उसी दिन गुमशुदगी दर्ज करा दी। 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के गन्ने के खेत में ललिता का शव मिला। इसके बाद घरवालों ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था।
पुलिस ने घरवालों की शिकायत पर 3 युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया था कि 3 साल से उसकी ललिता से दोस्ती थी। उसे ललिता के किसी दूसरे युवक से बात करने का शक था। इसको लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था।
इसी रंजिश में अंकुश ने अपने साथियों के साथ मिलकर ललिता की हत्या कर दी थी। इसके बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए 8 जुलाई को मेरठ कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। सूचना पर SSP अविनाश पांडेय पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों को थप्पड़ मारे। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ दिया।
17 मई को छात्रा की लाश रोहटा थाना क्षेत्र के एक गन्ने के खेत में मिली थी।
SSP ने कहा- मेरे सपोर्टर एक और विरोधी दो पौधे लगाएं
इस बीच, SSP अविनाश पांडेय ने 10 जुलाई को एक वीडियो जारी किया। उसमें कहा- जो भी एक्शन हुआ है, वह अपराधियों पर हुआ है। हर चीज के साक्ष्य हमारे पास मौजूद हैं। जो लोग मेरे लिए पर्सनल कमेंट कर रहे हैं, उनकी मैं काउंसलिंग करूंगा, उनको समझाने का प्रयास करूंगा। लेकिन, जो लोग कानून व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास करेंगे, उनको बिल्कुल क्षमा नहीं किया जाएगा।
आखिरी में मैं एक अपील करना चाहूंगा कि जो लोग मेरे सपोर्ट में हैं, वह आगामी वृक्षारोपण महोत्सव में एक पेड़ लगाएं, अपने आसपास पॉलिथीन न फैलाए। जो लोग मेरे विरोध में हैं, मैं उनसे भी अपील करना चाहूंगा कि वह दो पेड़ लगाएं। अपने गुस्से को समाज के लिए यूज करें, न कि किसी जाति विशेष की बात करने में या कानून व्यवस्था खराब करने वाले अपराधियों का साथ देने में।
एसएसपी अविनाश पांडेय ने कहा- मेरा कोई विरोधी नहीं है। कुछ लोग सिर्फ मुझसे नाराज हैं, इसलिए मैंने उनसे दो पौधे लगाने की अपील की है।
दो पेड़ लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचा युवक
SSP अविनाश पांडेय के पेड़ लगाने के बयान के बाद सोमवार यानी 13 जुलाई को समाजसेवी अशोक टकसालिया एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा- एसएसपी साहब आह्वान के बाद दो पेड़ लेकर पहुंचा हूं। मैं उनके साथ पेड़ लगाना चाहता हूं।
दावा किया गया कि वह करीब सवा घंटे तक कार्यालय में प्रतीक्षा करते रहे, लेकिन उन्हें एसएसपी से मुलाकात का अवसर नहीं मिल सका।
मेरठ में समाजसेवी अशोक टकसालिया एसएसपी कार्यालय में दो पेड़ लेकर पहुंचे। कहां उनके साथ लगाना चाहता हूं।
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