Azamgarh News: आजमगढ़ के अहिरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव में हुए हत्याकांड के बाद पुलिस ने मृतक परिवारों की मदद का फैसला किया है. SSP अनिल कुमार ने बताया कि उन्होंने अरविंद सिंह की दोनों बच्चियों को गोद लेने का फैसला किया है. घटना में मारे गए आरोपी अरविंद के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए वह उसकी दोनों बच्चियों की पढ़ाई और देखभाल की जिम्मेदारी उठाएंगे. इसके लिए SSP ने अपनी एक महीने की सैलरी और जिले के पुलिसकर्मियों के एक दिन के वेतन से आर्थिक सहायता देने की बात कही है.
2 बच्चियों की पढ़ाई और देखभाल की जिम्मेदारी
SSP अनिल कुमार ने बताया कि अरविंद, उसकी पत्नी बबीता और बेटे शौर्य की मौत के बाद परिवार की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचा है. ऐसे में उन्होंने मानवीय आधार पर परिवार की मदद करने का फैसला किया है. SSP ने बताया कि वह अपनी एक महीने की सैलरी देंगे, जबकि जिले के पुलिसकर्मियों के एक दिन के वेतन को भी एकत्र कर परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके साथ ही अरविंद की दोनों बच्चियों को उन्होंने गोद लेने का फैसला किया है. उनकी शिक्षा, देखभाल और भविष्य से जुड़ी जरूरतों में मदद की जाएगी.

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हत्याकांड में मारे गए परिवारों को भी मिलेगी मदद
SSP ने बताया कि शंभूपुर कांड में जिन ब्राह्मण परिवारों के सदस्यों की मौत हुई है, उनके परिवारों की भी आर्थिक मदद की जाएगी. इसके लिए जिलाधिकारी आजमगढ़ के सहयोग से व्यवस्था की जा रही है. पुलिस के मुताबिक, दोनों परिवारों में नाबालिग बच्चे हैं. ऐसे में बच्चों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. एसएसपी का कहना है कि इस मुश्किल समय में पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा.
सपा सांसद ने की जांच की मांग
वहीं, इस पूरे मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद दरोगा प्रसाद सरोज ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने जिला अस्पताल पहुंचकर शंभूपुर कांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात की. इसके बाद वह सपा प्रतिनिधिमंडल के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए. सांसद ने कहा कि उनकी मांग है कि पूरे मामले की जांच कराई जाए. उन्होंने यूपी सरकार से सीबीसीआईडी से जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अरविंद सिंह के बच्चे शौर्य की मौत किन परिस्थितियों में हुई?
दरोगा प्रसाद सरोज ने पीड़ित परिवार और पत्रकारों के बीच दूरी बनाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि जब तक पूरे मामले की जांच नहीं हो जाती, तब तक उनकी नजर इस मामले पर बनी रहेगी. सांसद ने कहा कि वह इस मुद्दे को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने भी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर सदन में भी उठाएंगे. उनका कहना है कि मामले की जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी.

अवनीश उपाध्याय
अवनीश उपाध्याय को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल से अधिक वर्षों का अनुभव है. डिजिटल कंटेंट पर बेहतरीन पकड़. राजनीति और अपराध से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी. लंबे समय तक हाईपरलोकल में काम करने की वजह से जमीन से जुड़ी खबरों की बेहतर समझ. पढ़ने, लिखने और घूमने का शौक. पूर्वांचल यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में स्नातक की पढ़ाई और इसी दौरान कई टीवी चैनल में काम किया.
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