Aug 02, 2026 02:42 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
SSC ने स्टेनोग्राफर ग्रेड C और D भर्ती 2025 के लिए फर्स्ट राउंड का रिवाइज्ड एलोकेशन रिजल्ट जारी कर दिया है। इसके तहत 1715 उम्मीदवारों को नया मौका मिला है।

कर्मचारी चयन आयोग
सरकारी नौकरी का ख्वाब देखने वाले हजारों युवाओं के लिए एक बेहद सुकून देने वाली खबर सामने आई है। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने आखिरकार स्टेनोग्राफर ग्रेड C और ग्रेड D परीक्षा 2025 के लिए रिवाइज्ड फर्स्ट राउंड ऑफ टेंटेटिव एलोकेशन (FRTA) का ऐलान कर दिया है। वो तमाम उम्मीदवार जो पिछले कुछ वक्त से अपने रिजल्ट को लेकर असमंजस और टेंशन में थे, अब एक गहरी सांस ले सकते हैं। दरअसल, स्किल टेस्ट की चेकिंग को लेकर कुछ आपत्तियां उठाई गई थीं, जिसके बाद आयोग ने पुरानी लिस्ट रोक दी थी। लेकिन अब सारी खामियों को दूर करते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ नई लिस्ट जारी कर दी गई है।
क्यों रुकी थी लिस्ट?
अगर हम थोड़ा पीछे जाएं और घटनाक्रम पर नजर डालें तो आपको याद होगा कि SSC ने 18 जून 2026 को पहले राउंड का टेंटेटिव एलोकेशन जारी किया था। रिजल्ट आने के बाद कुछ उम्मीदवारों ने स्टेनोग्राफी स्किल टेस्ट के इवैल्यूएशन में गलतियों की शिकायत की। छात्रों की इस जायज चिंता और उनकी महीनों की मेहनत को देखते हुए आयोग ने बिना देर किए महज एक दिन बाद ही उस रिजल्ट पर रोक लगा दी। इसके बाद पूरे इवैल्यूएशन सिस्टम का बारीकी से रिव्यू किया गया। अब जाकर इस साल की शुरुआत में पेश किए गए स्लाइडिंग मैकेनिज्म के तहत फाइनल और रिवाइज्ड एलोकेशन लिस्ट पब्लिश की गई है।
10 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों की हुई थी दावेदारी
ऑफिशियल नोटिस के मुताबिक, इस पूरी एलोकेशन प्रक्रिया में कुल 10,132 उम्मीदवारों पर विचार किया गया था। ये वो लोग थे जिन्होंने 5 मई से 8 मई 2026 के बीच ऑनलाइन पोर्टल पर अपने मनपसंद पोस्ट और डिपार्टमेंट के लिए प्रेफरेंस भरी थी। अब जो नई लिस्ट आई है, वो पूरी तरह से उम्मीदवारों की मेरिट और उनकी दी गई प्रेफरेंस के आधार पर तैयार की गई है। नई रिवाइज्ड लिस्ट में ग्रेड C के लिए 232 और ग्रेड D के लिए 1,483 उम्मीदवारों को सफलता मिली है।
स्किल टेस्ट में छूट का क्या रहा क्राइटेरिया?
स्टेनोग्राफी टेस्ट में गलतियों को लेकर हमेशा ही सख्ती रहती है, लेकिन आयोग ने कुछ छूट भी तय की थी। ग्रेड C के लिए जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों को 5% तक गलतियां करने की छूट थी, जबकि रिजर्व कैटेगरी के लिए यह लिमिट 7% रखी गई थी। वहीं, बात अगर ग्रेड D की करें, तो इसमें जनरल कैटेगरी के लिए 7% और रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए 10% तक गलतियों को माफ करने का नियम लागू किया गया था।
SSC स्टेनोग्राफर ग्रेड C में सभी 232 पदों पर हुआ चयन
ग्रेड C में कुल 232 खाली पद थे, और खुशी की बात यह है कि ये सभी पद भर लिए गए हैं। एसएससी स्टेनोग्राफर ग्रेड C के तहत कुल 232 रिक्त पद उपलब्ध थे और आयोग ने सभी पदों पर सफल उम्मीदवारों का चयन कर लिया है। श्रेणीवार देखें तो अनुसूचित जाति (एससी) के लिए निर्धारित 22 पदों पर 22 उम्मीदवारों का चयन हुआ। अनुसूचित जनजाति (एसटी) के 14 पदों पर 14 अभ्यर्थी सफल रहे। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सभी 50, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के 27 और अनारक्षित (जनरल) श्रेणी के 119 पद भी पूरी तरह भर दिए गए। इस तरह ग्रेड C में उपलब्ध सभी 232 वैकेंसी पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित किया गया है।
SSC स्टेनोग्राफर ग्रेड D में भी सभी 1,483 पद भरे गए
स्टेनोग्राफर ग्रेड D भर्ती में भी आयोग ने सभी रिक्त पदों पर सफल उम्मीदवारों का चयन किया है। इस श्रेणी में कुल 1,483 वैकेंसी थीं। इनमें एससी वर्ग के 190, एसटी के 86, ओबीसी के 350, ईडब्ल्यूएस के 146 और जनरल (अनारक्षित) वर्ग के 711 पद शामिल थे। आयोग ने प्रत्येक श्रेणी में उपलब्ध सभी सीटों पर उम्मीदवारों का चयन करते हुए कुल 1,483 में से 1,483 पद भर दिए हैं। इससे स्पष्ट है कि ग्रेड D में भी किसी भी श्रेणी की एक भी सीट रिक्त नहीं छोड़ी गई। आयोग ने ग्रेड C और ग्रेड D दोनों के तहत हर मंत्रालय, विभाग और कैडर के लिए कैटेगरी-वाइज कट-ऑफ, नंबर और शॉर्टलिस्ट किए गए आखिरी उम्मीदवार की जन्मतिथि भी वेबसाइट पर पब्लिश कर दी है। इससे पूरी प्रक्रिया में एकदम शीशे जैसी साफ पारदर्शिता बनी रहेगी।
कैसे होगा स्लाइडिंग प्रोसेस?
अब जब रिजल्ट आ गया है, तो अगला और सबसे अहम कदम स्लाइडिंग प्रोसेस है। कर्मचारी चयन आयोग ने उन सभी उम्मीदवारों को एक खास निर्देश दिया है जिनका नाम इस रिवाइज्ड फर्स्ट राउंड एलोकेशन में आया है। इन सभी सफल उम्मीदवारों को 4 अगस्त से 5 अगस्त 2026 के बीच ऑफिशियल वेबसाइट के लॉगिन मॉड्यूल पर जाकर स्लाइडिंग प्रोसेस के लिए खुद को रजिस्टर करना होगा। इसी दौरान उन्हें अपना पसंदीदा सेंटर, तारीख और स्लॉट चुनना होगा। इसके बाद, 11 और 12 अगस्त 2026 को रीजनल ऑफिस सेंटर्स पर फिजिकल रूप से स्लाइडिंग प्रोसेस आयोजित किया जाएगा। जो उम्मीदवार इस परीक्षा में पास हुए हैं, उन्हें अपने सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स तैयार रखने चाहिए ताकि इस अंतिम चरण में कोई रुकावट न आए।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwari
शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव
