भिवानी में एसपी से मिलने पहुंचे मनीषा के पिता और अन्य ग्रामीण, इनसेट में मनीषा का फाइल फोटो।
भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी शिक्षिका मनीषा मौत मामले में उसके पिता और ग्रामीण सोमवार को एसपी से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एसपी से मांग की है कि CBI से मुलाकात का जो आश्वासन दिया था, उसका समय पूरा हो चुका है। अब जल्दी से जल्दी परिवार
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मनीषा के पिता संजय ने कहा कि 29 जून को वे अनशन बैठने के लिए आ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। रास्ते में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जैसे हम कोई आतंकवादी हो। उस समय रास्ते में रोकने के कारण गांव कुड़ल बास में उन्होंने अनशन शुरू कर दिया था।
जिसके बाद एसपी सुमित कुमार ने अनशन पर पहुंचकर आश्वासन दिया था कि एक सप्ताह में CBI के अधिकारियों के साथ परिवार की मुलाकात करवा देंगे। लेकिन आज एक पखवाड़ा होने के बाद भी परिवार CBI से मिल नहीं पाया है। उस आश्वासन पर भी एसपी खरे नहीं उतरे और उनकी मुलाकात नहीं हो पाई है। इसलिए मजबूर होकर वे एसपी से मिलने पहुंचे हैं।

भिवानी एसपी से मिलने पहुंचे मनीषा के पिता व अन्य ग्रामीण।
एसपी ने CBI से कल मुलाकात के लिए बोला- संजय संजय ने कहा कि एसपी से मुलाकात करने के बाद एसपी ने आश्वासन दिया है कि मंगलवार को परिवार की मुलाकात CBI से करवा दी जाएगी। इसलिए पुलिस अपनी गाड़ी परिवार के पास भेजेगी। जिसमें परिवार के 5 सदस्य दिल्ली जाएंगे। जहां पर परिवार की CBI के अधिकारियों से मुलाकात करवाई जाएगी।
उम्मीद है कि मंगलवार को उनकी मुलाकात हो जाए और CBI यह बताए कि जांच कहां तक पहुंची है। जांच की स्थिति क्या है। उसकी बेटी को न्याय मिले। अगर CBI से मुलाकात नहीं होती है तो जल्दी ही आंदोलन किया जाएगा।
CBI करे खुलासा संजय ने कहा कि यह बेटी के न्याय की लड़ाई है। हम यह लड़ाई लड़ते रहेंगे। इसमें हम पीछे नहीं हटेंगे। फिलहाल CBI से मुलाकात का एसपी ने मंगलवार का टाइम दिया है। उनकी मांग है कि जो रिपोर्टें आई है उसका खुलासा कर दें और जो रिपोर्टें बची हुई हैं उसको टाइम बाउंड करें। भिवानी प्रशासन पर विश्वास नहीं है। अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो वे सख्त फैसला लेंगे।

29 जून को मनीषा के पिता संजय को जूस पिलाकर अनशन खत्म कराते ग्रामीण (फाइल फोटो)।
11 अगस्त को लापता हुई, 13 को लाश मिली मनीषा के पिता संजय ने बताया था कि उनकी बेटी 11 अगस्त 2025 को प्ले स्कूल में ड्यूटी पर गई थी। इसके बाद वह नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए जाने की बात कहकर घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। 2 दिन बाद, 13 अगस्त को उसका शव गांव सिंघानी के खेतों में मिला था।
घटना के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया, जिस पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। मनीषा को न्याय दिलाने के लिए लोगों ने धरना-प्रदर्शन भी किया। हालांकि, 18 अगस्त को पुलिस ने मामले को आत्महत्या करार दिया। इसके बाद लोगों का विरोध और तेज हो गया। बढ़ते आंदोलन को देखते हुए मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम कराया गया और मामले की जांच CBI को सौंप दी गई।