यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में होने वाला है, ऐसे में जहां सत्ताधारी बीजेपी जीत की हैट्रिक लगाना चाहती है, वहीं विपक्षी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी योग सरकार को सत्ता से हटाने को बेकरार है. ऐसे में क्या राहुल गांधी और अखिलेश यादव AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी से हाथ मिलाएंगे?

अखिलेश यादव, असदुद्दीन ओवैसी, और राहुल गांधी (Photo-PTI-ANI)
विज्ञापन
Asaduddin Owaisi: AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी उन दलों के साथ चुनावी गठबंधन करने को तैयार है जो बीजेपी को यूपी में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने से रोकना चाहते हैं. रविवार, 20 सितंबर को बोलते हुए, ओवैसी ने कहा कि विपक्षी दलों को ‘ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन’ के साथ बातचीत करनी चाहिए, क्योंकि कोई भी एक पार्टी अकेले भाजपा को असरदार तरीके से चुनौती नहीं दे सकती.
ओवैसी ने रखा बड़ा ऑफर
ओवैसी ने कहा कि AIMIM राज्य में बीजेपी की सरकार दोबारा बनने का विरोध करने वाले दलों के साथ सीट-शेयरिंग और सहयोग पर चर्चा करने को तैयार है. उन्होंने बिहार में पार्टी के तजुर्बे का जिक्र किया, जहां एआईएमआईएम ने कई विपक्षी समूहों से सीटें मांगी थीं लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया था. उन्होंने कहा कि गठबंधन हो या न हो, AIMIM अपना संगठन मजबूत करना जारी रखेगी. ओवैसी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में पार्टी का जमीनी नेटवर्क बढ़ा है और इसके नेता वोटर्स से सीधे जुड़ रहे हैं. उन्होंने सीधे तौर पर कहा, ‘अगर आप बीजेपी को रोकना चाहते हैं तो हमसे बात करें.’ ओवैसे ने 20 सितंबर की शाम को कहा कि वो गठबंधन को लेकर 2 अक्टूबर को फैसला करेंगे.
Advertisment
शासन से जुड़े मुद्दों पर फोकस
AIMIM चीफ ने कानून-व्यवस्था, बिजली, जमीन के विवाद और अधूरे वादों जैसे मुद्दों पर यूपी सरकार की आलोचना भी की. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राम मंदिर फंड से जुड़ी कथित गड़बड़ी की SIT रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई, और ज्यादा पारदर्शिता की मांग की. ओवैसी ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकारों के राजनीतिक माहौल की तुलना मौजूदा बीजेपी प्रशासन से की और आरोप लगाया कि अलग-अलग सरकारों के दौरान राजनीतिक और प्रशासनिक गड़बड़ियां होती रही हैं.
AIMIM ने यूपी में अपना कैंपेन तेज किया
पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी पहले ही शुरू कर दी है. ओवैसी उत्तर प्रदेश भर के चुनावी क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और कानपुर, श्रावस्ती और आजमगढ़ में सभाओं को संबोधित करने वाले हैं, जिसके बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कार्यक्रम होंगे.
विज्ञापन
एआईएमआईएम 2027 के यूपी चुनावों से पहले इस राज्य में अपनी चुनावी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है. इस साल की शुरुआत में, पार्टी ने संकेत दिया था कि वो गठबंधन की संभावना को खुला रखते हुए बड़ी संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, जिसमें बीएसपी के साथ बातचीत भी शामिल है.
ओवैसी ने बार-बार चुनावी मुकाबले के लिए विपक्ष की एकता को अहम बताया है, जबकि समाजवादी पार्टी और दूसरे विपक्षी ग्रुप चुनावों के लिए अपनी-अपनी रणनीतियां तैयार कर रहे हैं. गठबंधन का आखिरी स्वरूप और सीट-शेयरिंग की बात अभी तय नहीं हुई है. अब देखना होगा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ओवैसे के इस ऑफर स्वीकार करती है या नहीं.
विज्ञापन
लेख समाप्त
विज्ञापन
और पढ़ें
होम पेज पर वापस जाएँ