September 30, 2026

Southwest Monsoon 2026: इस मॉनसून देश में सामान्य से 13% कम बारिश, पूर्वोत्तर में सबसे खराब स्थिति, 125 साल का रिकॉर्ड टूटा

Southwest Monsoon 2026: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2026 (Southwest Monsoon 2026:) देश में बारिश के लिहाज से कमजोर रहा। 

जून (June) से सितंबर (September) के बीच देशभर में औसत से कम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान कुल 759.4 मिमी बारिश हुई, जो लॉन्ग टर्म की औसत (LPA) का करीब 87% है।

मौसम के आंकड़ों के मुताबिक 2001 के बाद 2026 की मॉनसूनी बारिश देश में चौथी सबसे कम रही। वहीं 1901 के बाद यह 13वीं सबसे कम मॉनसूनी वर्षा दर्ज की गई।

2026 दक्षिण-पश्चिम मानसून ऋतु की मुख्य विशेषताएं
Salient Features of the 2026 Southwest Monsoon Season

· The southwest monsoon advanced over the South Andaman Sea and Nicobar Islands on 16 May 2026, nearly six days earlier than the normal schedule. It arrived in Kerala on 4th… pic.twitter.com/DTG47GUsJ2

— India Meteorological Department (@Indiametdept) September 30, 2026

अंडमान में समय से पहले पहुंचा मॉनसून

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने इस साल 16 मई 2026 को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह (Andaman and Nicobar Islands) में दस्तक दी। यह सामान्य समय से करीब छह दिन पहले था। हालांकि, केरल पहुंचने में मॉनसून को देरी हुई। मॉनसून 4 जून को केरल पहुंचा, जबकि इसकी सामान्य तिथि 1 जून मानी जाती है।

इसके बाद मॉनसून ने धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए 9 जुलाई 2026 तक पूरे देश को कवर कर लिया।

Southwest Monsoon 2026

19 सितंबर से शुरू हुई मॉनसून की वापसी

मॉनसून की वापसी भी सामान्य से थोड़ी देर से शुरू हुई। 19 सितंबर 2026 को पश्चिमी राजस्थान (Rajasthan) से मॉनसून की वापसी का सिलसिला शुरू हुआ। यह सामान्य तारीख से करीब दो दिन बाद था।

मध्य भारत में लगभग सामान्य रही बारिश

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्य भारत (Central India) में स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर रही। यहां बारिश दीर्घकालिक औसत की 97% रही, जिसे लगभग सामान्य माना गया।

वहीं उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) में LPA की 94.1%, दक्षिणी प्रायद्वीप (Southern Peninsula) में 76% और पूर्वोत्तर भारत (Northeast India) में महज 74% बारिश दर्ज हुई।

Southwest Monsoon 2026

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में सबसे कम बारिश

इस मॉनसून सीजन का सबसे चिंताजनक आंकड़ा पूर्व एवं पूर्वोत्तर भारत से सामने आया। इस क्षेत्र में कुल 1017.1 मिमी बारिश हुई, जो 1901 के बाद इस क्षेत्र की सबसे कम मॉनसूनी बारिश है।

दक्षिणी प्रायद्वीप में भी बारिश का आंकड़ा काफी कम रहा। यहां 542 मिमी वर्षा दर्ज की गई। यह 1901 के बाद चौथी सबसे कम और 2001 के बाद दूसरी सबसे कम मॉनसूनी बारिश रही।

यह भी पढ़ें: Rabi Crops MSP Hike: गेहूं समेत 6 रबी फसलों का MSP बढ़ा, कुसुम में सबसे ज्यादा 675 रुपए का इजाफा