सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ कस्बे में रविवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 65 वर्षीय बुजुर्ग तीन दिन के भीतर दूसरी बार शहर की ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया। बुजुर्ग को टंकी पर चढ़ा देख आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। कई घंटों की मशक्कत और समझाइश के बाद बुजुर्ग को सकुशल नीचे उतार लिया गया।
टंकी पर चढ़ते ही मच गई अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, घटना रघुनाथ बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास स्थित जलदाय विभाग की पानी की टंकी की है। स्थानीय लोगों ने जब बुजुर्ग को टंकी पर चढ़ते देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सबसे पहले क्षेत्र को सुरक्षित कराया और भीड़ को टंकी से दूर हटाया, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
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सिविल डिफेंस टीम ने संभाला मोर्चा
प्रशासनिक अधिकारियों ने नीचे से ही बुजुर्ग को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। इसके बाद सिविल डिफेंस की टीम को मौके पर बुलाया गया। सुरक्षा उपकरणों के साथ टीम के सदस्य टंकी पर पहुंचे और काफी देर तक बुजुर्ग से बातचीत करते रहे। लगातार समझाइश और भरोसा दिलाने के बाद आखिरकार बुजुर्ग शांत हुआ और अधिकारियों के साथ सुरक्षित नीचे उतर आया। उसके नीचे आते ही मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
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पारिवारिक विवाद और आर्थिक तनाव की बात आई सामने
पुलिस ने बुजुर्ग को अपने संरक्षण में लेकर प्रारंभिक पूछताछ की। शुरुआती जांच में सामने आया कि वह पारिवारिक स्तर पर पैसों के लेनदेन को लेकर मानसिक तनाव से गुजर रहा था। इसी तनाव के चलते उसने दोबारा यह कदम उठाया। पुलिस अब परिजनों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
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तीन दिन पहले भी चढ़ा था उसी टंकी पर
गौरतलब है कि इससे पहले 15 जुलाई को भी यही बुजुर्ग इसी पानी की टंकी पर चढ़ गया था। उस समय भी पुलिस, प्रशासन और सिविल डिफेंस की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा था। लगातार दूसरी बार हुई इस घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
अधिकारियों का कहना है कि बुजुर्ग की मानसिक स्थिति और पारिवारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक परामर्श और सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि भविष्य में वह इस तरह का जोखिम भरा कदम न उठाए।