
अखंड दीपक के नियमImage Credit source: pexels
Akhand Jyot Rules: शारदीय नवरात्रि को मां दुर्गा की आराधना के लिए खास माना जाता है. इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं और कई लोग अपने घर में अखंड ज्योत भी जलाते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, अखंड ज्योत को नवरात्रि के दौरान लगातार जलाए रखने की परंपरा है. इसे श्रद्धा, सकारात्मकता और देवी आराधना से जोड़कर देखा जाता है. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी और इसका समापन 19 अक्टूबर को महानवमी के साथ होगा. ऐसे में नवरात्रि के नौ दिनों तक अखंड ज्योत जलाने से जुड़े नियमों के बारे में जान लेते हैं.
अखंड ज्योत क्या होती है और इसे क्यों जलाया जाता है?
अखंड ज्योत का मतलब ऐसी ज्योत से है, जिसे नवरात्रि की शुरुआत से लेकर पूजा के निर्धारित समापन तक लगातार जलाए रखने की परंपरा होती है. कई घरों में घटस्थापना के साथ ही मां दुर्गा के सामने अखंड दीपक जलाया जाता है. धार्मिक मान्यता में दीपक को ज्ञान, प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है.नवरात्रि में अखंड ज्योत जलाने की परंपरा का मुख्य उद्देश्य मां दुर्गा की भक्ति और आराधना से जुड़ा है. मान्यता के अनुसार, लगातार जलती हुई ज्योत घर के पूजा स्थल में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने का प्रतीक मानी जाती है.
घी या तेल की अखंड ज्योत कैसे जलाएं?
अखंड ज्योत के लिए कई परिवारों में घी का दीपक जलाने की परंपरा है, जबकि कुछ लोग तेल का इस्तेमाल करते हैं. इस संबंध में अलग-अलग परिवारों और धार्मिक परंपराओं में अलग नियम मिलते हैं. इसलिए अपने परिवार की परंपरा घी या तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है.
अगर अखंड ज्योत बुझ जाए तो क्या करें?
अखंड ज्योत के बीच में बुझ जाने को लेकर लोगों के मन में अक्सर चिंता रहती है. धार्मिक मान्यताओं में इसे लेकर अलग-अलग परंपराएं और मत मिलते हैं. ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय पूजा स्थल को व्यवस्थित करें और अपनी परंपरा के अनुसार दोबारा दीपक जला सकते हैं.
अखंड ज्योत के दौरान इन बातों का रखें खास ध्यान
नवरात्रि में अखंड ज्योत जलाने वालों को कोशिश करनी चाहिए कि दीपक सुरक्षित और साफ जगह पर रखा हो. पूजा स्थल के आसपास अनावश्यक सामान न रखें. दीपक में घी या तेल डालते समय हाथ और आसपास की जगह सुरक्षित रखें. अगर दीपक को लंबे समय तक जलाना है तो उसकी निगरानी की व्यवस्था जरूर करें.
नवरात्रि में अखंड ज्योत का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं में दीपक को अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का प्रतीक माना जाता है. नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के दौरान दीपक जलाने की परंपरा भी इसी भाव से जुड़ी मानी जाती है. भक्त अखंड ज्योत के माध्यम से मां दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करते हैं.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

वरुण चौहान
इलेक्ट्रानिक और डिजिटल मीडिया में करीब एक दशक से ज्यादा का अनुभव. 2008 में एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन (AAFT) नोएडा से पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद कुछ अलग और नया करने की सोच के साथ मीडिया में अपने सफर की शुरुआत की. शुरुआत से ही मेरी रुचि उन विषयों को आम लोगों तक पहुंचाने में रही है, जो भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं से जुड़े हैं. अपने करियर के दौरान Channel One News, Sahara Samay, A2Z News, News Express, National Voice और पंजाब केसरी डिजिटल जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. इन संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, फील्ड रिपोर्टिंग,और डिजिटल कंटेंट को सीखने का अनुभव मिला. फिलहाल देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष में धर्म और आस्था से जुड़ी खबरों, धार्मिक आयोजनों, ज्योतिष, वास्तु, पौराणिक कथाओं, मंदिरों की परंपराओं और व्रत-त्योहारों से जुड़े विषयों को सरल, सहज और तथ्यपूर्ण भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहा हूं. महाकुंभ 2025 की कवरेज मेरे करियर के महत्वपूर्ण अनुभवों में शामिल है, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, अखाड़ों की परंपराओं, संत समाज की गतिविधियों और कुंभ से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर विस्तार से लिखने का अवसर मिला. इसके अलावा चारधाम यात्रा, सावन, नवरात्रि, दीपावली, होली, छठ पूजा, अमरनाथ यात्रा, रमज़ान और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों पर भी लगातार लेखन किया है. भारतीय संस्कृति, धर्म-दर्शन, ज्योतिष, अंक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, पुराणों और लोक आस्थाओं के अध्ययन में विशेष रुचि रखता हूं. मेरा प्रयास हमेशा यही रहता है कि धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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