September 15, 2026

बालाघाट के नक्सल मुक्त पुलिस थाने पर हमला, SDOP सहित कई पुलिस कर्मचारी घायल, टियर गैस के गोले छोड़े

भोपाल, 15 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश के बालाघाट में अभी 9 महीने पहले दिसंबर 2025 में नक्सल मुक्त करवाए गए किरनापुर क्षेत्र में एक बार फिर हिंसा देखने को मिली। हजारों लोगों ने अचानक पुलिस थाने पर हमला कर दिया। जिस मुद्दे को लेकर पुलिस थाने पर हमला किया गया, एसपी बालाघाट ने उस मामले में 8 दिन पहले 7 सितंबर को कर पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड करके SIT जांच के आदेश दे दिए थे और कल जांच रिपोर्ट आने वाली थी।

फरियादी के बयान के आधार पर पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था

यह पूरा आंदोलन किरनापुर थाने में चोरी के मामले में आरोपी कैलाश चौधरी और उनकी पत्नी सावित्री के साथ हुई मारपीट को लेकर है। 21 अगस्त को नागुटोला की शीला कारमेगे और अलका गिरिया किरनापुर पोस्ट ऑफिस गई थीं। शीला ने बैंक खाते से एक लाख रुपए निकाले थे। शीला के मुताबिक, पैसे गिनते समय एक अनजान व्यक्ति ने नोटों के बंडल से रबर निकालकर गिनने को कहा। इसी दौरान अलका के बैग से 50 हजार रुपए चोरी हो गए। शीला ने किरनापुर थाने में शिकायत की थी। पुलिस ने इसी मामले में कैलाश और सावित्री को 2 सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया था। 

परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनके पक्ष की पुष्टि किए बिना एक बयान के आधार पर दोनों के साथ कार्रवाई की। 

एसपी बालाघाट ने चार पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर SIT जांच के आदेश दिए थे

घटना 2 सितंबर की है लेकिन मामला 7 सितंबर को सामने आया था। परिजन सावित्री को स्ट्रेचर पर लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे और शिकायत की थी। इसके बाद एसपी आदित्य मिश्रा ने उपनिरीक्षक दामेन्द्र तुरकर, प्रधान आरक्षक आशीष बघेल, आरक्षक कपिल बघेल और महिला आरक्षक मेघा टेकाम को निलंबित करके मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिए थे। जिसमें दोषी पाए जाने पर आपराधिक कार्रवाई (FIR) और सेवा से बर्खास्त किए जाने का प्रावधान है। एसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में चार सदस्यीय SIT बनाई। टीम को दो सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए।

इसके बाद 7 सितंबर को तो मामला शांत हो गया था लेकिन आज 15 सितंबर को अचानक भड़क गया। मंगलवार को हजारों लोगों ने थाने का घेराव कर दिया। इस दौरान भीड़ ने थाने के सामने का गेट खोलकर अंदर घुसने की कोशिश की और पुलिस पर पथराव कर दिया। जवाब में पुलिस ने लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। 

किरनापुर थाना प्रभारी राजकुमार चौधरी के मुताबिक, पथराव में SDOP दीपक तोमर, पुलिस इंस्पेक्टर जितेन्द्र चौहान, शैलेन्द्र पटेल, SDOP के ड्राइवर आलोक, महिला हेड कांस्टेबल वर्षा, महिला कांस्टेबल अंबिका, अविषा समेत अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सभी का प्राथमिक उपचार किरनापुर स्वास्थ्य केंद्र में कराया जा रहा है। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए गोंदिया अस्पताल भेजा गया है। 

किरनापुर क्षेत्र कितना संवेदनशील है 

किरनापुर क्षेत्र लंबे समय तक नक्सलवाद से पीड़ित रहा है। सन 1990 में पहली बार यहां नक्सलवाद के आधार पर अपराधिक गतिविधियों को दर्ज किया गया था। यह महाराष्ट्र की सीमा से लगा हुआ और घने जंगल वाला इलाका है। जब बालाघाट को नक्सली मुक्त करवाने का अभियान चल रहा था, और पूरे देश में नक्सलवाद कमजोर पड़ गया था तब भी अक्टूबर 2025 में  किरनापुर थाना क्षेत्र के जंगलों (कलकत्ता, आलीटोला और बोदालझोला गांव के पास) में हॉक फोर्स पर नक्सलवादियों ने फायरिंग की थी। नवंबर 2025 में किरनापुर क्षेत्र के सिरका-मोजाडेरा और आलीटोला जंगलों से नक्सली डंप बरामद हुए थे, जिनमें विस्फोटक, कारतूस, मोबाइल, पेनड्राइव और नक्सली साहित्य मिला था। दिसंबर 2025 में इस क्षेत्र को नक्सली मुक्त घोषित किया गया था और आज 15 सितंबर 2026 को, सिर्फ 9 महीने 15 दिन हुए हैं।