Published: Tuesday, September 1, 2026, 13:05 [IST]
PM Modi SCO Summit Speech: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में हुए SCO शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा संदेश दिया। पाकिस्तान का नाम लिए बिना पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पूरे सिस्टम को खत्म करना जरूरी है। उन्होंने आतंकवाद की फंडिंग, भर्ती, कट्टरता और पनाहगाह के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की बात कही।
पीएम मोदी ने साफ कहा कि आतंकवाद से निपटने में दोहरे मापदंड नहीं चल सकते। वहीं, समिट के दौरान उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात हुई। फोटो सेशन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ मौजूद रहे, लेकिन मोदी और शरीफ के बीच कोई मुलाकात नहीं हुई।
आतंकवाद पर पीएम मोदी का सीधा संदेश
SCO समिट में पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों को एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सिर्फ आतंकियों को निशाना बनाना काफी नहीं है, बल्कि आतंकवाद के पूरे सिस्टम को खत्म करना होगा। इसमें आतंकियों की फंडिंग, भर्ती, कट्टर सोच और उन्हें मिलने वाली पनाह भी शामिल है। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद से लड़ाई में किसी भी तरह के दोहरे मापदंड की जगह नहीं होनी चाहिए।
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पाकिस्तान का नाम लिए बिना साधा निशाना
पीएम मोदी ने अपने भाषण में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका संदेश पड़ोसी देश के लिए साफ माना गया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग आतंकवाद को रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद को किसी भी स्थिति में हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने SCO देशों से आतंकवाद के खिलाफ एक सुर में खड़े होने और इसके पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई करने की बात कही।
शी जिनपिंग और पुतिन से हुई मुलाकात
बिश्केक में SCO समिट के दौरान पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं के साथ पीएम मोदी की बातचीत पर दुनिया की नजर रही। वहीं, समिट के फोटो सेशन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ भी मंच पर मौजूद थे। हालांकि, पीएम मोदी और शाहबाज शरीफ के बीच न तो कोई बातचीत हुई और न ही दोनों की मुलाकात हुई।
युद्ध नहीं, बातचीत से निकलेगा रास्ता
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी युद्ध और तनाव का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बातचीत और कूटनीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध के मैदान में किसी समस्या का समाधान नहीं निकल सकता। सभी देशों को विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए। पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और संघर्ष जारी हैं।
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कनेक्टिविटी और व्यापार पर भी जोर
SCO समिट में पीएम मोदी ने व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत उन प्रयासों का समर्थन करता है, जिनसे बाजार एक-दूसरे से जुड़ें और देशों के बीच व्यापार आसान हो। इससे विकास के नए रास्ते खुल सकते हैं। हालांकि, पीएम मोदी ने साफ किया कि कनेक्टिविटी बढ़ाने की किसी भी योजना में सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए।