अगर आपके फोन में Scam Detection फीचर नहीं है तो ये 5 ऐप्स मैसेज और लिंक की पहचान कर आपको ऑनलाइन ठगी से बचाने में मदद कर सकते हैं.
Written By : हिमांशु तिवारी | Updated at : 07 Sep 2026 01:38 PM (IST)
आज के समय में ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. साइबर अपराधी फर्जी कॉल, SMS, ईमेल, WhatsApp मैसेज और नकली वेबसाइट के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाते हैं. ऐसे में स्मार्टफोन में मौजूद Scam Detection जैसे सेफ्टी फीचर्स आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकते हैं. लेकिन अगर आपके Android फोन में ऐसा फीचर उपलब्ध नहीं है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. कुछ भरोसेमंद ऐप्स एक्सट्रा सुरक्षा दे सकते हैं.
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Malwarebytes Android डिवाइस पर मौजूद खतरनाक ऐप्स और दूसरे सुरक्षा जोखिमों को चेक करने में मदद करता है. खासतौर पर अगर आपने कभी किसी थर्ड-पार्टी वेबसाइट से APK डाउनलोड किया है तो फोन की सेफ्टी को चेक करना आपके काफी काम आ सकता है. लेकिन बेहतर होगा कि ऐप्स को केवल ऑफिशियल ऐप स्टोर से ही डाउनलोड किया जाए.
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Bitdefender Mobile Security जैसे मोबाइल सिक्योरिटी ऐप फोन को कई तरह के ऑनलाइन खतरों से बचाने में मदद कर सकते हैं. ये संदिग्ध वेबसाइटों और खतरनाक लिंक की पहचान करने में काफी कारगर साबित होते हैं. अगर कोई वेबसाइट आपसे बैंक डिटेल, कार्ड नंबर या लॉगिन जानकारी मांग रही है तो आगे बढ़ने से पहले उसका URL जरूर चेक करें.
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Truecaller का इस्तेमाल सिर्फ कॉलर का नाम देखने के लिए ही नहीं किया जाता है. ये संदिग्ध और स्पैम कॉल की पहचान करने में भी मदद करता है. अगर किसी नंबर से बार-बार फर्जी या परेशान करने वाली कॉल आ रही है तो ऐप उसे पहचानने या ब्लॉक करने में मदद करता है. हालांकि, किसी कॉल को केवल Truecaller की पहचान देखकर सुरक्षित न मानें. अनजान व्यक्ति द्वारा मांगी गई OTP, PIN या बैंकिंग जानकारी कभी भी किसी के साथ शेयर न करें.
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Google Messages में स्पैम और संदिग्ध मैसेज से बचाने वाले फीचर्स मौजूद हैं. ये खतरनाक SMS को पहचानने और उन्हें स्पैम के तौर पर फिल्टर करने में मदद करता है. खासकर ऐसे मैसेज से सावधान रहें जिनमें तुरंत किसी लिंक पर क्लिक करने, KYC अपडेट करने या अकाउंट बंद होने का डर दिखाया जाता है.
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Avast Mobile Security जैसे सुरक्षा ऐप्स फोन को मैलवेयर और दूसरे डिजिटल खतरों से बचाने के लिए अलग-अलग सिक्योरिटी टूल उपलब्ध कराते हैं. ये ऐप डिवाइस को स्कैन करने और होने वाले खतरों की पहचान करने में मदद करता है.
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आपको बता दें कि इन ऐप्स को डिजिटल कवच जरूर माना जा सकता है लेकिन कोई भी ऐप 100% ठगी रोकने की गारंटी नहीं देता है. साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपनाते रहते हैं. इसलिए OTP, UPI PIN, ATM PIN और पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें. अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और बैंकिंग से जुड़ा काम हमेशा ऑफिशियल ऐप या वेबसाइट से ही करें.
Published at : 07 Sep 2026 01:38 PM (IST)