Updated: Monday, August 24, 2026, 15:46 [IST]
Ajeet Bharti SC ST Act FIR: आरक्षण के खिलाफ अभियान चला रहे यूट्यूबर अजीत भारती के खिलाफ दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू थाने में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में उन पर डॉ. बीआर आंबेडकर, नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद और अनुसूचित जाति समुदाय को लेकर कथित जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। उनके खिलाफ एससी-एसटी ऐक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामला जिस वीडियो से जुड़ा है, उसमें अजित भारती एक यूजर के कमेंट का जवाब देते नजर आते हैं। विवाद बढ़ने के बाद अजित भारती ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि उन्होंने किसी जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। इस वीडियो में ब्राह्मण की शादी दलित होने के कमेंट पर जवाब दिया गया है।
कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर किए गए एक कमेंट से हुई। एक यूजर ने अजीत भारती के वीडियो पर लिखा था, "अपनी बहन की शादी चंद्रशेखर आजाद से करा दो, आरक्षण खत्म हो जाएगा।" अजित भारती ने इस कमेंट का जवाब वीडियो में दिया। इसी जवाब के कुछ हिस्सों को लेकर अब शिकायत दर्ज हुई है।
आरोप है कि जवाब देते समय उन्होंने चंद्रशेखर आजाद की जाति का जिक्र किया और उनके खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि डॉ. बीआर आंबेडकर और अनुसूचित जाति के लोगों को लेकर भी कथित तौर पर अपमानजनक बातें कही गईं।
मामले में जाति आधारित अपमान, आपत्तिजनक टिप्पणी, धमकी और यौन प्रकृति की टिप्पणियों के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने इन्हीं आरोपों के आधार पर एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया है।
अजीत भारती ने वीडियो में क्या कहा था?
वीडियो में भारती यूजर की टिप्पणी पर नाराजगी जताते हैं। वह कहते हैं कि किसी व्यक्ति को उनकी मां या बहन को लेकर इस तरह की बात नहीं करनी चाहिए। इसके बाद वह चंद्रशेखर आजाद पर भी टिप्पणी करते हैं और कहते हैं कि वह उनके मुंह पर थूकना भी पसंद नहीं करेंगे।
वीडियो के इसी हिस्से को लेकर शिकायतकर्ता ने आपत्ति जताई है। आरोप है कि भारती ने चंद्रशेखर आजाद की जाति का संदर्भ देकर उन्हें लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और सवर्ण-अनुसूचित जाति के बीच भेद वाली भाषा का इस्तेमाल किया।
यानी पूरे विवाद में दो हिस्से हैं। पहला, सोशल मीडिया यूजर की अजित भारती की बहन को लेकर टिप्पणी। दूसरा उसके जवाब में अजित भारती की ओर से चंद्रशेखर आजाद और जाति को लेकर कही गई बातें। पुलिस की FIR इसी पूरे वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर दर्ज हुई है।
FIR के बाद अजीत भारती का पलटवार
केस दर्ज होने के बाद अजीत भारती ने जातिसूचक शब्द बोलने के आरोप से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सिर्फ अपनी मां और बहन को लेकर की गई टिप्पणी का जवाब दिया था। भारती ने कहा,
"अगर कोई मेरी मां या बहन को लेकर ऐसी आपत्तिजनक बात करे और मैं बिल्कुल चुप रह जाऊं, तो बताइए कि मैं कैसा बेटा या भाई हूं। मैंने चंद्रशेखर आजाद के बारे में कोई जातिसूचक शब्द नहीं कहा है। वीडियो में सब साफ मौजूद है।"
उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसी टिप्पणी दोबारा उनके वीडियो पर की गई तो वह उसी तरह जवाब देंगे। साथ ही उन्होंने कानून का सम्मान करने और पुलिस जांच में सहयोग करने की बात कही।
'SC/ST Act क्या है, यह लोग जानते हैं'
अजित भारती ने अपनी प्रतिक्रिया में यह भी दावा किया कि लोगों को अपने अधिकारों के साथ-साथ एससी/एसटी एक्ट के बारे में भी जानकारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजाद समाज पार्टी से जुड़े लोगों के दबाव में नॉर्थ एवेन्यू थाने में रात में एफआईआर दर्ज कराई गई।
उन्होंने कहा,
"मुझे पता है कि क्या बोलना है और क्या नहीं। मैं कानून की सीमाओं को समझता हूं। पुलिस ने जो केस दर्ज किया है, वह अदालत में टिकेगा या नहीं, इसका फैसला कोर्ट करेगा। मैं जांच में पूरा सहयोग करूंगा।"
यहां यह साफ करना जरूरी है कि एफआईआर दर्ज होना किसी आरोप के साबित होने के बराबर नहीं है। आरोपों की जांच पुलिस करेगी और आगे अदालत में मामले की कानूनी स्थिति तय होगी।
अजीत भारती ने अपनी प्रतिक्रिया में अपने पुराने अनुभवों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह सैनिक स्कूल में पढ़े हैं और कठिन परिस्थितियों का सामना कर चुके हैं। उनका दावा है कि पुलिस की हिरासत या कार्रवाई से उनका मनोबल नहीं टूटेगा।
उन्होंने कहा,
"अगर मैं इस मामले के बाद भी बाहर रहा तो जंतर-मंतर जाऊंगा और अपने समाज से पूछूंगा कि अगर किसी की मां या बहन को लेकर ऐसी टिप्पणी की जाए तो उसे क्या जवाब देना चाहिए।"
भारती ने यह भी कहा कि जब तक कानून में कोई बदलाव नहीं होता, वह उसका सम्मान करेंगे। उन्होंने पुलिस के साथ सहयोग करने की बात दोहराई।