Updated On: Jul 31, 2026 | 03:29 PM IST
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सार
Sawan 2026 Rules: सावन के व्रत में साधारण नमक की बजाय सेंधा नमक का सेवन करने की परंपरा है। लेकिन इसके पीछे केवल धार्मिक मान्यता ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और स्वास्थ्य से जुड़े कारण भी बताए जाते हैं।

आखिर व्रत में सेंधा नमक ही क्यों? (सौ.सोशल मीडिया)
विस्तार
Vrat Me Sadharan Namak Kyu Varjit Hai : सावन महीने की शुरुआत होते ही व्रत-त्योहारों की झड़ी लग जाती है। इस दौरान सावन सोमवार, सावन शिवरात्रि, तीज आदि व्रत रखें जाते है। भारतीय संस्कृति में व्रत रखना केवल भोजन छोड़ने का नाम नहीं है, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा को शुद्ध करने की एक आध्यात्मिक प्रक्रिया भी मानी जाती है।
यही वजह है कि व्रत के दौरान खाने-पीने के नियम भी सामान्य दिनों से बिलकुल अलग होते है। आपने अक्सर देखा होगा कि, उपवास में व्रती साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि सामान्य नमक का सेवन व्रत में करने की मनाही है। क्या आप जानते हैं कि व्रत में सेंधा नमक का सेवन करने की ही अनुमति क्यों है? जिसके पीछे धार्मिक के साथ-साथ वैज्ञानिक कारण भी शामिल है।
आखिर व्रत में सेंधा नमक ही क्यों?
धार्मिक मान्यताओं की बात करें तो, व्रत का मूल उद्देश्य सिर्फ भूखे रहना नहीं, बल्कि शरीर और मन दोनों को शुद्ध करना होता है। इसी कारण व्रत में ऐसी चीजें खाने की सलाह दी जाती है, जो प्राकृतिक, सात्विक और कम से कम प्रोसेस्ड हों। सेंधा नमक इन्हीं गुणों के कारण व्रत में खाया जाता है।
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जबकि व्रत में साधारण नमक खाने को मना किया जाता है। कहते है साधारण नमक फैक्ट्री में कई रासायनिक प्रक्रियाओं से तैयार किया जाता है। इसमें आयोडीन और अन्य तत्व मिलाए जाते हैं, जिससे यह प्रोसेस्ड फूड की श्रेणी में आ जाता है।
वहीं, सेंधा नमक प्राकृतिक रूप से चट्टानों से निकाला जाता है। इसे किसी बड़े रासायनिक प्रसंस्करण से नहीं गुजारा जाता, इसलिए इसे अधिक शुद्ध माना जाता है। यही वजह है कि धार्मिक परंपराओं में इसे व्रत के लिए उपयुक्त माना गया है।
क्या है वैज्ञानिक कारण ?
अगर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो भी सेंधा नमक कई मायनों में फायदेमंद माना जाता है। व्रत के दौरान लोग सामान्य भोजन नहीं करते, जिससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। सेंधा नमक शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करता है और थकान या कमजोरी को कम करने में सहायक हो सकता है।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि, सेंधा नमक में सामान्य नमक की तुलना में सोडियम कम बहुत कम और पोटेशियम, मैग्नीशियम जैसे खनिज अधिक होते है। यही कारण है कि यह पाचन तंत्र के लिए सही माना जाता है। कई लोग व्रत के दौरान फल, दही, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बने भोजन में सेंधा नमक मिलाकर खाते हैं, ताकि शरीर को जरूरी खनिज भी मिलते रहें।
इसके अलावा सेंधा नमक की तासीर ठंडी मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि यह शरीर को हाइड्रेट रखने और पाचन को सहज बनाए रखने में मदद करता है।व्रत के दौरान लंबे समय तक भोजन न करने से होने वाली थकान और कमजोरी को कम करने में भी यह उपयोगी माना जाता है। हालांकि, किसी भी नमक का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों या ऐसे लोगों को, जिन्हें लंबे समय तक भूखे रहने में दिक्कत होती है, व्रत के दौरान संतुलित फलाहार और जरूरत के अनुसार सेंधा नमक लेने की सलाह दी जाती है।
