
सत्ता सम्मेलन उत्तराखंड 2026
देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष के ‘सत्ता सम्मेलन उत्तराखंड’ का मंच आज प्रदेश की राजधानी देहरादून में सज रहा है. सम्मेलन में ‘Gen Z का जमाना है’ पैनल में युवा पीढ़ी, उसके बदलते नजरिए और नए दौर की सोच पर खास चर्चा होगी. इस पैनल में एक्टर और प्रोड्यूसर आरुषि निशंक, अनुकृति गुसाईं रावत, एक्स मिस ग्रैंड इंटरनेशनल इंडिया एक्स मिस एशिया पैसिफिक वर्ल्ड और एक्स मिस इंडिया उत्तराखंड और एक्टर, मॉडल, फैशन इन्फ्लुएंसर और मिस उत्तराखंड रनर अप रहीं अंबिका रावत बतौर गेस्ट शामिल हुई हैं.
‘सत्ता सम्मेलन उत्तराखंड’ के पैनल में ये खास मेहमान Gen Z की पसंद, सोच, करियर, रिश्तों और बदलती जीवनशैली से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय साझा किया है. इस दौरान आरुषि निशंक से Gen Z के बारे में पूछा गया, जिस पर उन्होंने कहा, ‘जेन जी हमेशा से ही यहां थे और हमें ऐसा नहीं सोचना चाहिए कि सब कुछ अचानक हो गया है, क्योंकि कुछ भी अचानक नहीं हुआ है. उन्होंने आगे कहा कि मुझे इस मंच पर ये मानते हुए काफी खुशी हो रही है कि ये जेनरेशन की अच्छी आदत रही है सवाल पूछने की. क्योंकि जब आप सवाल पूछते हैं तो आपकी जानने की इच्छा रखते हैं. कई बार कुछ बात रखने के तरीके अलग हो सकते हैं और सही और गलत हो सकते हैं.’
बहुत क्लियर जेनरेशन है Gen Z
अनुकृति गुसाईं रावत ने भी अपनी राय रखी, उन्होंने कहा कि युवाओं को आज सिर्फ योजनाओं का लाभार्थी नहीं बनना है, आने वाले उत्तराखंड की जिम्मेदारी उनकी होने वाली है. तो आने वाली जेनरेशन की आवाज पॉलिसी मेकिंग में सुनाई देनी चाहिए. आगे पैनल से Gen Z को कॉकरोच और गटर कहे जाने के बारे में बात की गई. इस पर आरुषि ने कहा कि जरूरी नहीं कि ये राय जेनरेशन के सभी लोगों के बारे में हो, लेकिन अगर कुछ लोग कॉकरोच हैं, तो कुछ अच्छी जेनरेशन के लोग भी हैं. आगे उन्होंने कहा कि मेरे हिसाब से ये जेनरेशन बहुत क्लियर है. लेकिन हमारी भी जिम्मेदारी है कि उन्हें सही रास्ता दिखाएं.
कॉकरोच गंदगी फैलाते हैं
आरुषि के जेनरेशन के कुछ लोगों के कॉकरोच होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कॉकरोच किसे पसंद होते हैं. कॉकरोच वो होते हैं, जो अंधेरे में पाए जाते हैं, जो ऐसे समय पर निकल कर आते हैं और गंदगी फैलाते हैं. अंबिका रावत से जब बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत के Gen Z के गटर और कॉकरोच कहे जाने वाले बयान के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि ये सिर्फ कहने वाली बात है क्योंकि सब देख रहे हैं कि गटर जेनरेशन कितना बड़ा बदलाव ला सकते हैं.
पॉलिटिकल लीडर्स करते हैं दिक्कत
अंबिका ने कहा कि हम बस चाहते हैं कि हमें सुना जाए, क्योंकि हमें सुना नहीं जा रहा है. हम जब भी अपनी आवाज उठाते हैं, तो कुछ पॉलिटिकल लीडर्स आकर उसमें कुछ अलग से जोड़ देते हैं, जिससे ये बात जेनरेशन पर आ जाती है. उन्होंने दिल्ली के जंतर मंतर में हुए प्रदर्शन के दौरान हुए अभद्र भाषा के इस्तेमाल के बारे में भी बात की और कहा कि कहीं न कहीं जेन जी ने ये सब अपनी पहली जेनरेशन से सीखी है, हालांकि अनुकृति ने अपनी राय रखते हुए कहा कि ये सारी चीजें परिवार से आती हैं, जिस पर शुरुआत से ध्यान देनना चाहिए.

अंकिता
शिव की नगरी काशी से अपने करियर की शुरुआत करने वाली अंकिता पाण्डेय ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से पत्रकारिता में अपनी मास्टर्स की डिग्री पूरी की है. पत्रकारिता में आने के लिए उन्होंने बनारस के लोकल न्यूज पेपर "काशीवार्ता" से अपनी शुरुआत की, बाद में दिल्ली जैसे महानगरी का रुख करते हुए उन्होंने TV9 भारतवर्ष में अक्टूबर साल 2023 से जुड़ी. आज वह इस ऑर्गनाइजेशन में बतौर सब-एडिटर काम कर रही हैं. क्राइम, एंटरटेनमेंट और अन्य सभी को न्यूज के साथ विजुअल तरीके से पेश करने में रुचि है. पत्रकारिता के अलावा कविताएं लिखना, फोटोग्राफी करना और म्यूजिक का भी शौक रखती हैं.
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