उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मंदिर और सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख देखने को मिला है। स्थानीय राजस्व और प्रशासनिक टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर मंदिर की जमीन पर बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल, पीएसी और महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
- Published: 21 Aug 2026, 02:03 PM IST
- Last Updated: 21 Aug 2026, 02:03 PM IST
उत्तर प्रदेश में सरकारी, ग्राम सभा और धार्मिक स्थलों की जमीनों को भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारकों से मुक्त कराने का अभियान लगातार जारी है। संभल में धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाली भूमि पर अतिक्रमण की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया।
राजस्व न्यायालय द्वारा बेदखली का आदेश पारित होने के बाद प्रशासन ने बिना किसी दबाव के मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की सख्त कार्रवाई की, जिससे इलाके के अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया है।
राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत हुई वैधानिक कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मंदिर से जुड़ी भूमि पर अवैध कब्जा कर पक्के और अस्थायी निर्माण खड़े कर लिए गए थे। मामले की शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश कर अवैध कब्जे की पुष्टि की थी। इसके बाद कब्जाधारकों को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत बेदखली के नोटिस जारी किए गए थे।
तय समयसीमा के भीतर कब्जा न हटाने और संतोषजनक जवाब न मिलने पर राजस्व न्यायालय के आदेशानुसार ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई।
भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच चला बुलडोजर
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल, पीएसी और महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। एसडीएम और क्षेत्राधिकारी की देखरेख में बुलडोजर ने अवैध रूप से बनाई गई दीवारों और पक्के ढांचों को मिनटों में गिरा दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति या विरोध से निपटने के लिए संवेदनशील इलाकों में लगातार पुलिस गश्त जारी रही और शांतिपूर्ण तरीके से पूरी जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया गया।
अवैध कब्जा करने वालों को प्रशासन की सख्त चेतावनी
कार्रवाई पूरी होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक, ग्राम समाज और धार्मिक स्थलों की जमीनों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी ने दोबारा इस जमीन पर निर्माण का प्रयास किया तो उसके खिलाफ भू-माफिया अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुक्त कराई गई जमीन को संबंधित प्रबंध समिति और ग्राम पंचायत की देखरेख में सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।