
नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना की आक्रामक और रक्षात्मक क्षमता की अहम जानकारी सामने आई है। रक्षा मंत्रालय की Annual Report 2025-26 में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर किए गए सटीक हमलों के साथ-साथ उसकी एयर डिफेंस प्रणाली और सैन्य ठिकानों के खिलाफ की गई कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि भारत ने पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई से निपटने के लिए अपनी मजबूत एयर डिफेंस क्षमता का प्रभावी इस्तेमाल किया।
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S-400 ने 314 KM दूर हवाई लक्ष्य को बनाया निशाना
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान के अंदर करीब 314 किलोमीटर दूर उड़ रहे एक Special Mission Aircraft को निशाना बनाया। रिपोर्ट इसे भारत की ओर से सतह से हवा में किया गया अब तक का सबसे लंबी दूरी का हमला बताती है।
रिपोर्ट के अनुसार, S-400 सिस्टम ने पाकिस्तानी विमान से उत्पन्न खतरे को ट्रैक किया। इसके बाद लंबी दूरी की Surface-to-Air Missile को लक्ष्य की ओर गाइड किया गया और मिसाइल ने लक्ष्य को सफलतापूर्वक निशाना बनाया।
यह जानकारी भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी तक हवाई खतरों को पहचानने, उन्हें ट्रैक करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें रोकने की क्षमता को दर्शाती है। AWACS जैसे विमान भी युद्ध के दौरान हवाई गतिविधियों की निगरानी और कमांड एवं कंट्रोल में अहम भूमिका निभाते हैं।
नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, 6-7 मई 2025 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और PoJK में चिन्हित नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इन ठिकानों को लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और हिज्बुल मुजाहिदीन (HM) से जोड़ा गया था।
रिपोर्ट में जिन ठिकानों का उल्लेख है, उनमें शामिल हैं:
- सैयदना बिलाल कैंप, मुजफ्फराबाद – LeT
- शवाई नाला कैंप, मुजफ्फराबाद – LeT
- कोटली कैंप – JeM
- रहील शाहिद कैंप, कोटली – HM
- अहले हदीस कैंप, भीम्बर – LeT
- मेमूना जोया कैंप, सियालकोट – HM
- सरजल-तोहरा कलां डॉट, गुजरांवाला – JeM
- LeT मुख्यालय, मुरीदके
- JeM मुख्यालय, बहावलपुर
पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम भी निशाने पर
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के छह रडार और दो Surface-to-Air Guided Weapon (SAGW) लोकेशन को भी निशाना बनाया। इन अभियानों में एयर-लॉन्च्ड हथियारों के साथ Unmanned Loitering Munitions के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया गया है।
इससे साफ होता है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय कार्रवाई केवल आतंकी ठिकानों तक सीमित नहीं रही। पाकिस्तान की हवाई निगरानी और एयर डिफेंस व्यवस्था को भी ऑपरेशन के दायरे में शामिल किया गया।
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पाकिस्तानी एयरबेस और सैन्य ढांचे पर भी कार्रवाई
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में Nur Khan और Rahimyar Khan Air Bases का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा Chaklala, Sukkur, Murid, Sargodha, Jacobabad और Bholari से जुड़े सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर का जिक्र भी रिपोर्ट में किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन सैन्य ठिकानों से जुड़े हैंगर, फाइटर एयरक्राफ्ट, AEW&C और UCAV जैसे संसाधनों को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।
ऑपरेशन सिंदूर में सामने आई भारत की सैन्य क्षमता
रक्षा मंत्रालय की Annual Report 2025-26 में सामने आई जानकारी से ऑपरेशन सिंदूर की व्यापक तस्वीर स्पष्ट होती है। भारतीय कार्रवाई में एक ओर पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, वहीं दूसरी ओर उसकी एयर डिफेंस प्रणाली और सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी दबाव बनाया गया।
S-400 द्वारा करीब 314 किलोमीटर दूर हवाई लक्ष्य को निशाना बनाए जाने का उल्लेख भारतीय एयर डिफेंस की लंबी दूरी की क्षमता को रेखांकित करता है। इससे ऑपरेशन के दौरान भारत की आक्रामक कार्रवाई के साथ-साथ उसकी रक्षात्मक और निगरानी क्षमता की भी झलक मिलती है।