पूर्णिया के बायसी अनुमंडल बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। खुटिया पंचायत के अर्राबाड़ी गांव में परमान नदी किनारे भीषण कटाव जारी है। इस मानसून में नदी के तेज बहाव ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) की ओर से तत
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स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के काफी प्रयास के बाद किशनगंज सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने RWD के उच्च अधिकारियों से बात कर आपातकालीन सुरक्षा कार्य स्वीकृत कराया। खुटिया को बायसी और पूर्णिया से जोड़ने वाली मुख्य अर्राबाड़ी सड़क पूरी तरह से कटने के कगार पर थी। अगर यह सड़क टूट जाती, तो पंचायत के कई गांवों का संपर्क पूरी तरह से भंग हो जाता।
किशनगंज सांसद से साधा संपर्क
ग्रामीण अबरार ने बताया कि हम लोगों ने सबसे पहले किशनगंज सांसद डॉ. जावेद से संपर्क साधा, क्योंकि बायसी विधानसभा क्षेत्र किशनगंज संसदीय क्षेत्र में आता है। उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद पूर्णिया-बायसी RWD के अधिकारियों और ठेकेदारों से लगातार संपर्क किया गया, तब जाकर 4-5 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद यह काम शुरू हो पाया है। वर्तमान में जो काम हो रहा है, उससे तात्कालिक रूप से सड़क तो बच जाएगी और लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी।
विपक्षी जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक और उनके प्रतिनिधियों ने बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई संज्ञान नहीं लिया और फोन तक रिसीव नहीं किया।

पक्के पुल की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि नदी के कटाव और आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान पक्के पुल का निर्माण ही है। पिछले 20 सालों से विधायक और नेताओं द्वारा आश्वासन तो मिलता रहा, लेकिन पुल की स्वीकृति नहीं मिल पाई। ग्रामीणों ने सांसद डॉ. जावेद से पुरजोर मांग की है कि अगले 1 से 2 वर्षों के भीतर इस जगह पर पक्के पुल का निर्माण सुनिश्चित कराया जाए। ये इलाका किशनगंज संसदीय क्षेत्र में पड़ता है।
'कटाव तो रुकेगा लेकिन पक्का काम हो'
पंचायत के शाहपुर निवासी जहांगीर ने बताया कि यह मुख्य सड़क है और इसके कटने से खुटिया और आसपास के लोगों के लिए निकलना बेहद मुश्किल हो जाएगा। बंडल बनने से फिलहाल कटान तो रुकेगा, लेकिन नदी के कटाव को रोकने के लिए पक्का निर्माण कार्य होना जरूरी है।

‘नेता और जनप्रतिनिधि सिर्फ दिलासा देते हैं’
पंचायत के अन्य निवासी मोहम्मद हबीब ने कहा कि नेता और जनप्रतिनिधि सिर्फ दिलासा देते हैं, गांव वालों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। अभी इमरजेंसी में बांस-बंडल का काम तो शुरू हुआ है, लेकिन सांसद से मांग है कि काम को सही और पक्के तरीके से कराया जाए।
बायसी और पूर्णिया जाने का एकमात्र रास्ता
खुटिया निवासी ब्रह्मदेव ठाकुर का कहना है कि पूरे गांव और बैसी-पूर्णिया जाने के लिए यही एकमात्र रास्ता है। सड़क कटने से डॉक्टर के पास जाना भी मुश्किल हो जाता है। जनता के भारी संघर्ष के बाद अब बंडल बन रहा है, जिससे कटान रुकने की उम्मीद है।