July 27, 2026

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

Published: Monday, July 27, 2026, 16:10 [IST]

Russia Selling Gold: पिछले कुछ वर्षों से दुनिया के कई बड़े सेंट्रल बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे हैं। चीन, भारत और कई अन्य देश डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए रिकॉर्ड मात्रा में सोना खरीद रहे हैं, लेकिन इसी बीच रूस ने ऐसा कदम उठाया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पिछले करीब दो दशकों तक लगातार सोना खरीदने वाला रूस अब अपना गोल्ड रिजर्व घटा रहा है।

Russia

साल 2026 के पहले छह महीनों में रूस के सेंट्रल बैंक ने लगभग 44 टन सोना बेच दिया है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि आखिर रूस को ऐसा क्यों करना पड़ा?

सेंट्रल बैंक ऑफ रूस के आंकड़ों के मुताबिक जुलाई 2026 की शुरुआत तक रूस के पास करीब 2,282 टन सोना बचा हुआ था।

यानी साल की शुरुआत से अब तक उसके गोल्ड रिजर्व में लगभग 43.5 टन की कमी आई है। लगातार छह महीनों तक गोल्ड रिजर्व में गिरावट इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि रूस दुनिया के सबसे बड़े सरकारी गोल्ड खरीदारों में शामिल रहा है।

Ukraine War बना सबसे बड़ी वजह

रूस लगातार कई वर्षों से यूक्रेन युद्ध में शामिल है। युद्ध जितना लंबा चलता है, सरकार पर आर्थिक बोझ उतना ही बढ़ता जाता है। रक्षा बजट, हथियारों की खरीद, सेना का खर्च और अर्थव्यवस्था को संभालने जैसी जिम्मेदारियों के कारण सरकारी खर्च लगातार बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2026 के अंत तक रूस का बजट घाटा 4.6 ट्रिलियन रूबल तक पहुंच गया था। इसका मतलब है कि सरकार की आय उसके खर्च से काफी कम रही। ऐसे में अतिरिक्त फंड जुटाने के लिए गोल्ड रिजर्व का कुछ हिस्सा बेचा गया।

तेल और गैस से कमाई भी रही कमजोर

रूस की अर्थव्यवस्था काफी हद तक तेल और गैस निर्यात पर निर्भर करती है, लेकिन 2026 में तेल और गैस से होने वाली कमाई उम्मीद से कम रही। जब विदेशी मुद्रा की आमद घटी तो रूस को अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने की जरूरत महसूस हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस ने सोना बेचकर चीनी युवान जैसी विदेशी मुद्रा खरीदी ताकि जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके।

भारत में सोने-चांदी का क्या रहा हाल?

24 जुलाई 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना हल्की तेजी के साथ ₹1,43,366 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी करीब ₹2,926 की तेजी के साथ ₹2,23,301 प्रति किलो पर बंद हुई।

दुनिया का सबसे बड़ा Gold Buyer था Russia

रूस ने पिछले लगभग 24 वर्षों तक लगातार अपना गोल्ड रिजर्व बढ़ाया। साल 2022 से 2025 के बीच रूस ने करीब 1,900 टन सोना अपने रिजर्व में जोड़ा था। एक समय ऐसा था जब रूस दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी गोल्ड खरीदार माना जाता था, लेकिन यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी देशों के आर्थिक प्रतिबंधों के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं। अब पहली बार रूस लगातार कई महीनों से अपना गोल्ड रिजर्व घटा रहा है।

Russia के पास अब कितना Gold?

हालांकि रूस गोल्ड रिजर्व बेच रहा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसके पास सोने की कमी हो गई है, आज भी रूस के पास करीब 2,282 टन सोना मौजूद है जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 299 अरब डॉलर आंकी गई है। यानी रूस अब भी दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड रिजर्व रखने वाले देशों में शामिल है।

क्या कहती है पूरी तस्वीर?

अगर पूरे घटनाक्रम को एक साथ देखा जाए तो साफ नजर आता है कि यूक्रेन युद्ध, बढ़ता सरकारी खर्च, तेल और गैस से कमजोर होती आय और विदेशी मुद्रा की जरूरत ने रूस को अपने गोल्ड रिजर्व का एक हिस्सा बेचने पर मजबूर किया है।

हालांकि रूस के पास अभी भी विशाल गोल्ड रिजर्व मौजूद है, लेकिन यह घटनाक्रम यह जरूर दिखाता है कि किसी भी लंबे युद्ध का असर सिर्फ सीमा तक सीमित नहीं रहता। इसका असर देश के खजाने, बजट, विदेशी मुद्रा भंडार और पूरी अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देता है। यही वजह है कि पूरी दुनिया की नजर अब सिर्फ रूस-यूक्रेन युद्ध पर नहीं बल्कि रूस के गोल्ड रिजर्व पर भी टिकी हुई है.

Story first published: Monday, July 27, 2026, 16:10 [IST]

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