कोटा की राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी (RTU) के नाम पर फर्जी प्रोफेसर बनकर छात्रों से ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने जयपुर से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह छात्रों को परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर पैसे ऐंठता था। इसके बाद खुद को फर्जी पुलिसकर्
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आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों से लाखों रुपए की ठगी करता था। जयपुर की मुहाना थाना पुलिस ने शातिर आरोपी रुण शर्मा उर्फ आलू उर्फ दातार सिंह उर्फ सुनील शर्मा उर्फ इंजीनियर सुनील मीणा उर्फ विजय शर्मा (33) निवासी कागदीवाड़ा, ब्रह्मपुरी जयपुर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कभी खुद को राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी (RTU) का प्रोफेसर, कभी स्पेशल स्टाफ का पुलिसकर्मी और कभी नर्सिंग अधिकारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
RTU की ओर से आरोपी के खिलाफ कोटा के दादाबाड़ी थाने में भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोपी इंजीनियरिंग छात्रों को फेल विषयों में पास कराने, बैक और रिवेल का फॉर्म भरवाने और नंबर बढ़वाने का झांसा देकर रुपए ऐंठता था।
मुहाना थाना पुलिस ने आरोपी अरुण शर्मा उर्फ आलू उर्फ दातार सिंह उर्फ सुनील शर्मा उर्फ इंजीनियर सुनील मीणा उर्फ विजय शर्मा (33) निवासी कागदीवाड़ा, ब्रह्मपुरी जयपुर को गिरफ्तार किया है। फेसबुक पर फर्जी प्रोफेसर बनकर भेजता था फ्रेंड रिक्वेस्ट

राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी कोटा के फर्जी प्रोफेसर को गिरफ्तार किया।
नौकरी दिलाने, मारपीट-धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज
डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से नौकरी दिलाने, पुलिसकर्मी बनकर वसूली, मारपीट और धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद वह दोबारा ठगी की वारदातों में सक्रिय हो गया था। पूछताछ में आरोपी ने जयपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्र में करीब दो दर्जन ठगी और लूट की वारदातें करना स्वीकार किया है।
जांच में सामने आया कि आरोपी फेसबुक पर ‘इंजीनियर सुनील मीणा’, ‘इंजीनियर सुनील शर्मा’ और ‘इंजीनियर विजय शर्मा’ के नाम से फर्जी आईडी बनाता था। इन आईडी से इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोफेसरों और छात्रों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता था। प्रोफाइल में वह खुद को पूर्णिमा इंस्टीट्यूट का पूर्व छात्र और RTU में इंजीनियर-प्रोफेसर बताता था। प्रोफाइल पर किसी अन्य व्यक्ति की फोटो लगा रखी थी।
बैक, रिवेल और नंबर बढ़वाने का देता था झांसा
डीसीपी ने बताया कि आरोपी बातचीत के दौरान छात्रों को RTU में बैक और रिवेल का फॉर्म भरवाने, नंबर बढ़वाने या विश्वविद्यालय से जुड़े अन्य काम करवाने का झांसा देता था। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर करवा लेता था। नौकरी लगवाने के नाम पर भी उसने कई लोगों से लाखों रुपए ठगे।

आरोपी अरुण शर्मा उर्फ आलू उर्फ दातार सिंह उर्फ सुनील शर्मा उर्फ इंजीनियर सुनील मीणा उर्फ विजय शर्मा
रुपए लेने के बाद खुद ही बन जाता था फर्जी पुलिसकर्मी
पुलिस के अनुसार, आरोपी की ठगी का तरीका यहीं खत्म नहीं होता था। रुपए लेने के बाद वह पीड़ित का पता हासिल कर उसके घर पहुंच जाता था। वहां खुद को गांधी नगर थाने या स्पेशल स्टाफ का पुलिसकर्मी बताता था। वह पीड़ित से कहता कि जिस व्यक्ति को रुपए दिए हैं, वह अपराधी है और अब वह भी जेल जाएगा। गिरफ्तारी का डर दिखाकर आरोपी पीड़ित से दोबारा नकदी वसूल कर फरार हो जाता था।
नर्सिंग अधिकारी बनकर भी की ठगी
आरोपी ने कई लोगों को खुद को नर्सिंग अधिकारी बताकर सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया। वहीं सट्टा कारोबारियों को पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर खुद को स्पेशल स्टाफ का पुलिसकर्मी बताता और उनसे वसूली करता था।
तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने पकड़ा
मुहाना थाना प्रभारी मुकेश कुमार खारड़िया के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, फर्जी फेसबुक आईडी, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। इसके बाद आरोपी की पहचान कर ब्रह्मपुरी क्षेत्र से उसे गिरफ्तार किया गया।
2.50 लाख से लेकर 20 हजार रुपए तक ठगे
पूछताछ में आरोपी ने अलग-अलग लोगों से ठगी करना स्वीकार किया है। पुलिस के अनुसार, उसने 2.50 लाख, 1.50 लाख, 1.21 लाख, 90 हजार, 62 हजार, 60 हजार, 50 हजार, 35 हजार, 25 हजार और 20 हजार रुपए सहित कई रकम ठगी है। पुलिस अब अन्य पीड़ितों की पहचान करने के साथ आरोपी के बैंक खातों और पुराने मामलों का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।