बिग बॉस 20 के घर में करीब चार हफ्तों तक कभी अपनी निजी जिंदगी के खुलासों, कभी पिता मनोज तिवारी की पहचान से अलग निकलने की कोशिश, तो कभी तीखे झगड़ों की वजह से सुर्खियों में रहीं रीति तिवारी का सफर अचानक खत्म हो गया। Rhiti Tiwari Bigg Boss 20 Eviction कोई सामान्य पब्लिक वोटिंग वाला एविक्शन नहीं था — कैप्टेंसी टास्क के दौरान माही विज, यंग डीएसए और उदिति सिंह को किसी एक नॉमिनेटेड सदस्य की बची हुई लाइफलाइन खत्म करने की विशेष ताकत मिली, और तीनों की आपसी सहमति से रीति का नाम चुना गया। उनकी आखिरी लाइफलाइन खत्म होते ही उन्हें तुरंत घर से बाहर कर दिया गया।
रीति की विदाई भले ही अचानक रही हो, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में उनका गेम लगातार सवालों, भावनात्मक पलों और विवादों के बीच आगे बढ़ रहा था।
रीति तिवारी का सफर एक नजर में
| तारीख/दौर | बड़ा घटनाक्रम |
|---|---|
| 6 सितंबर 2026 | मनोज तिवारी के साथ बिग बॉस 20 के प्रीमियर पर एंट्री |
| शुरुआती दिन | रोहेद खान के साथ पिता मनोज तिवारी-डॉली बिंद्रा का मशहूर सीन रीक्रिएट किया |
| 9 सितंबर के आसपास | मैरी कॉम से किचन ड्यूटी पर विवाद, बाद में दोनों ने मामला सुलझाया |
| पहला सप्ताह | रिश्तों, परिवार और मनोज तिवारी की बेटी होने के दबाव पर खुलकर बात |
| पहला वीकेंड का वार | सलमान खान ने अपनी पहचान बनाने और ज्यादा सक्रिय होने की सलाह दी |
| 20 सितंबर | करीबी दोस्त रोहेद खान के एविक्शन पर भावुक हुईं |
| तीसरा सप्ताह | माता-पिता के तलाक, आर्थिक संघर्ष और ₹20-25 हजार मासिक खर्च मिलने का खुलासा |
| रैंकिंग टास्क | निचली रैंक मिलने के बाद पहली लाइफलाइन गई |
| डिस बैटल | उदिति सिंह और काजी तौकीर से बड़ा विवाद |
| दूसरा वीकेंड का वार | सलमान खान ने भाषा और धमकी भरे बयान पर कड़ी फटकार लगाई |
| कैप्टेंसी रेस | समर्थन जुटाने में मुश्किल, खुद कहा कि शायद कोई उनका साथ नहीं देगा |
| 2 अक्टूबर | माही विज, यंग डीएसए और उदिति सिंह के निर्णय से आखिरी लाइफलाइन खत्म, एविक्शन |
ग्रैंड प्रीमियर: पिता के साथ एंट्री, मकसद थी अपनी पहचान
बिग बॉस 20 का प्रीमियर 6 सितंबर 2026 को हुआ था, और रीति की एंट्री पहले से ही चर्चा में थी क्योंकि उनके पिता मनोज तिवारी खुद बिग बॉस 4 का हिस्सा रह चुके हैं। भोजपुरी स्टार से राजनेता बने मनोज तिवारी बेटी को शो में छोड़ने के लिए खुद मंच पर भी पहुंचे थे। मंच पर रीति ने अपना लिखा हुआ गाना भी गाया — वे पहले से स्वतंत्र संगीत की दुनिया में सक्रिय थीं और शुरुआत से ही यह जताना चाहती थीं कि उनकी पहचान सिर्फ “मनोज तिवारी की बेटी” तक सीमित नहीं है।
दिलचस्प बात यह रही कि रीति ने बिग बॉस में आने की बात अपने पिता से भी छिपाकर रखी थी। उन्होंने बाद में बताया कि मनोज तिवारी को उनकी एंट्री की जानकारी घर जाने से सिर्फ एक दिन पहले एक मीडिया रिपोर्ट के जरिए मिली थी, जिसके बाद पिता ने उन्हें शो के लिए कुछ सुझाव दिए। उसी मंच पर सलमान खान ने मनोज तिवारी और डॉली बिंद्रा के बिग बॉस 4 वाले चर्चित अंडे के विवाद का मजाकिया अंदाज में जिक्र करते हुए रीति को घर में ऐसी लड़ाई से बचने की सलाह दी थी — उस वक्त शायद किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही हफ्तों बाद सलमान उसी उदाहरण का इस्तेमाल रीति को गंभीर फटकार लगाने के लिए करेंगे।
शुरुआती दिन: हल्के-फुल्के पल से लेकर मैरी कॉम से टकराव तक
पहले ही दिन रीति ने रोहेद खान के साथ मनोज तिवारी और डॉली बिंद्रा की चर्चित किचन फाइट का मजेदार रीक्रिएशन कर एक हल्का-फुल्का पल दिया। यह शुरुआत उनके लिए अपेक्षाकृत आरामदायक रही, जबकि बाकी प्रतियोगियों के बीच झगड़े जल्द ही शुरू हो चुके थे।
लेकिन 9 सितंबर के आसपास रीति और बॉक्सर मैरी कॉम के बीच किचन के काम को लेकर पहला बड़ा विवाद हुआ। मैरी कॉम ने लव गिल और आसिफ खान से बातचीत में रीति के वजन को लेकर टिप्पणी की थी, जिस पर दूसरे प्रतियोगियों ने भी उन्हें ऐसी भाषा से बचने को कहा। अगले दिन घर के काम को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई, हालांकि कुछ देर बाद दोनों ने गले मिलकर मामला सुलझा लिया। शुरुआती दौर में यही रीति के गेम की खासियत रही — वे झगड़ा करती थीं, लेकिन उसे लंबा खींचने के बजाय आगे बढ़ जाती थीं। एविक्शन से ठीक पहले भी उन्होंने यही कहा कि वे चीजें दिल में रखकर नहीं चलतीं।
पिता की पहचान का दबाव और निजी जिंदगी के खुलासे
शुरुआती हफ्तों में रीति ने बताया कि मशहूर पिता की बेटी होना हमेशा उनके लिए फायदेमंद नहीं रहा — इस पहचान की वजह से उन्हें सोशल मीडिया पर गंभीर धमकियां तक मिली थीं। कनिका मान के साथ बातचीत में उन्होंने और खुलकर बात की: माता-पिता के अलग होने का असर रिश्तों के प्रति उनकी सोच पर पड़ा, उनकी मां ने उन्हें अकेले संभाला, और इसी वजह से वे आर्थिक व व्यक्तिगत रूप से स्वतंत्र रहना चाहती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे अपने एक पुराने दोस्त से प्यार करती थीं, लेकिन वह रिश्ता टूट गया।
पहले वीकेंड का वार में सलमान खान का रवैया उनके लिए काफी सकारात्मक रहा — उन्होंने रीति को गेम में सतर्क रहने, अपनी राय रखने और सबसे जरूरी, स्वाभाविक बने रहने की सलाह दी, साथ ही यह भी माना कि बड़े पारिवारिक नाम से आने के बावजूद वे अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं। यह सुनकर रीति भावुक हो गईं और बाद में घरवालों से कहा कि उन्हें डर रहता है कि असली व्यक्तित्व दिखाने पर कहीं परिवार का नाम खराब न हो जाए, क्योंकि जन्म से ही उनके व्यवहार को पिता की पहचान के संदर्भ में देखा जाता रहा है। यहीं से उनकी सबसे बड़ी अंदरूनी लड़ाई साफ हुई — अपना व्यक्तित्व खुलकर दिखाना बनाम परिवार की प्रतिष्ठा का दबाव।
20 सितंबर को करीबी दोस्त रोहेद खान के पब्लिक वोटिंग से बाहर होने पर रीति और आसिफ खान दोनों भावुक हुए — यह रीति के लिए पहला बड़ा निजी झटका था, और इसके बाद उनके भरोसेमंद साथियों का दायरा छोटा हो गया, जिसका असर आगे चलकर कैप्टेंसी टास्क में साफ दिखा।
माता-पिता के तलाक और आर्थिक संघर्ष का खुलासा
तीसरे सप्ताह में रीति ने अपनी जिंदगी का सबसे निजी हिस्सा घरवालों के सामने रखा। उन्होंने बताया कि माता-पिता के तलाक के बाद पिता लंबे समय तक उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा नहीं रहे, वे मनोज तिवारी से कभी-कभार ही मिल पाती थीं, और 18-19 साल की उम्र के बाद उन्होंने पिता के साथ रिश्ता दोबारा समझने की कोशिश की। उन्हें पिता का नाम तो मिला, लेकिन पैसे, प्रसिद्धि और पेशेवर अवसर अपने आप नहीं मिले — उनके मुताबिक मनोज तिवारी ने साफ कहा था कि वे उनके संगीत करियर में सीधे मदद नहीं करेंगे और उन्हें अपनी प्रतिभा के दम पर जगह बनानी होगी। रीति ने बताया कि पिता उन्हें हर महीने करीब ₹20,000 से ₹25,000 खर्च के लिए देते हैं, और वे अक्सर सीमित बजट में ही अपना महीना निकालती हैं। इन खुलासों पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई — कुछ ने उनके संघर्ष को समझा, तो कई ने इतनी रकम को “आर्थिक संघर्ष” बताए जाने पर सवाल उठाए।
इसी सप्ताह हुए रैंकिंग एंड रेशन टास्क में घरवालों को उनके योगदान के आधार पर क्रम दिया गया, और अंतिम रैंकिंग में रीति नीचे के दो सदस्यों में रहीं, जिसके चलते उनकी पहली लाइफलाइन चली गई (ईशा रिखी ने भी इसी टास्क में एक लाइफलाइन गंवाई)। उस वक्त यह सिर्फ एक चेतावनी थी, लेकिन अगले सप्ताह दूसरी लाइफलाइन पर फैसला आते ही उनके पास बचने का कोई अतिरिक्त मौका नहीं बचा।
कैप्टेंसी की दौड़ में उजागर हुई कमजोर पकड़
सितंबर के आखिरी सप्ताह में रीति ने कप्तान बनने की इच्छा खुलकर जाहिर की, यह कहते हुए कि इससे उन्हें अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाने और घर संभालने का मौका मिलेगा। मैरी कॉम, लव गिल और रीति कैप्टेंसी रेस में आगे बढ़े, लेकिन इसी दौरान रीति को अपनी स्थिति की असलियत भी समझ आ गई। जब अमरपाली दुबे ने पूछा कि कितने लोग उनका समर्थन करेंगे, तो रीति ने खुद स्वीकार किया कि शायद कोई उनके पक्ष में नहीं खड़ा होगा। वे गुल्लू से समर्थन मांगने गईं, लेकिन पता चला कि उनका समूह मैरी कॉम के साथ है, क्योंकि मैरी उनकी बातें सुनती हैं। दूसरे राउंड में ही रीति कैप्टेंसी रेस से बाहर हो गईं — यह एपिसोड उनके पूरे सफर की एक बड़ी कमजोरी उजागर करता है: घर में दिखना जरूर, लेकिन अपने लिए मजबूत और टिकाऊ गठजोड़ तैयार न कर पाना।
डिस बैटल: वह मोड़ जिसने पूरा खेल बदल दिया
रीति के सफर का सबसे विवादित अध्याय डिस बैटल रहा। कैप्टेंसी टास्क के तहत प्रतियोगियों को टीम काजी और टीम यंग डीएसए में बांटा गया, और दोनों टीमों को रैप के जरिए एक-दूसरे को रोस्ट करना था। रीति का मुकाबला उदिति सिंह से होना था, लेकिन उदिति की जगह काजी तौकीर उनकी मदद के लिए आगे आए। इसी दौरान रीति ने उदिति और काजी के खिलाफ व्यक्तिगत व आपत्तिजनक टिप्पणियां कर दीं, और मामला टास्क की रोस्टिंग से आगे बढ़कर निजी हमलों तक पहुंच गया। काजी के विरोध जताने पर दोनों के बीच तीखी बहस छिड़ गई, जिसमें रीति ने अपने पिता का जिक्र करते हुए काजी को “बाहर देख लेने” जैसी धमकी तक दे डाली। बाद में उन्होंने पछताने के बजाय अपने बयान का बचाव किया।
यहीं से उनके गेम की दिशा तेजी से बदल गई — जो रीति पहले पिता की पहचान से अलग खुद को साबित करने की कोशिश कर रही थीं, उन्हीं पर अब बहस में पिता के प्रभाव का नाम इस्तेमाल करने का आरोप लगने लगा। डिस बैटल के बाद उदिति सिंह के साथ उनका रिश्ता पूरी तरह बिगड़ गया — रीति की टिप्पणियों के जवाब में उदिति ने भी निजी और शरीर को लेकर टिप्पणी करने वाली भाषा इस्तेमाल की, और विवाद घर से निकलकर सोशल मीडिया तक पहुंच गया। यही बिगड़ा रिश्ता आगे चलकर एविक्शन में निर्णायक साबित हुआ, क्योंकि जब कैप्टेंसी दावेदारों को किसी सदस्य की लाइफलाइन खत्म करने का अधिकार मिला, तो उदिति ने सबसे पहले रीति का ही नाम लिया।
दूसरा वीकेंड का वार: सलमान खान की सबसे कड़ी फटकार
27 सितंबर का वीकेंड का वार रीति के सफर का सबसे कठिन एपिसोड साबित हुआ। सलमान खान ने डिस बैटल में इस्तेमाल हुई भाषा, काजी को दी गई धमकी और उदिति पर की गई व्यक्तिगत टिप्पणियों को लेकर उन्हें कड़ी फटकार लगाई, और खुद को “रॉकस्टार” कहने के उनके दावे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि खुद को महान घोषित करने के बजाय यह पहचान लोगों को देनी चाहिए। सलमान ने उनकी तुलना डॉली बिंद्रा से करते हुए मनोज तिवारी के बिग बॉस 4 वाले सफर की याद दिलाई — उनका कहना था कि मनोज उस चर्चित विवाद में शांत रहे थे, जबकि रीति उल्टी दिशा में जा रही हैं। यह तुलना खास थी, क्योंकि प्रीमियर पर वही डॉली बिंद्रा-मनोज तिवारी वाला जिक्र मजाक के तौर पर आया था, और तीन हफ्ते बाद वही उदाहरण रीति के व्यवहार की आलोचना का जरिया बन गया। जवाब में रीति ने कहा कि वे पिछले छह साल से अपना करियर खुद बना रही हैं और पिता ने उनकी पेशेवर जिंदगी तैयार नहीं की है।
Rhiti Tiwari Bigg Boss 20 Eviction: कैसे हुई विदाई?
बिग बॉस ने माही विज, उदिति सिंह और यंग डीएसए को कन्फेशन रूम में बुलाकर नॉमिनेटेड सदस्यों में से किसी एक की लाइफलाइन खत्म करने को कहा। तीनों की पहली पसंद अलग-अलग थी, लेकिन अंततः फैसला रीति पर आकर टिका।
| एविक्शन से जुड़ा तथ्य | विवरण |
|---|---|
| एविक्शन का प्रकार | मिड-वीक एविक्शन |
| पब्लिक वोटिंग से फैसला? | नहीं |
| फैसला किसने किया | माही विज, उदिति सिंह और यंग डीएसए |
| उदिति की पहली पसंद | रीति तिवारी |
| माही की शुरुआती पसंद | मैरी कॉम |
| यंग डीएसए की शुरुआती पसंद | अमन गांधी |
| अंतिम सहमति | रीति तिवारी |
| रीति की स्थिति | केवल एक लाइफलाइन बची थी |
| परिणाम | दूसरी लाइफलाइन गई, तुरंत एविक्शन |
रीति पहले ही रैंकिंग टास्क में अपनी पहली लाइफलाइन गंवा चुकी थीं, इसलिए दूसरी लाइफलाइन जाते ही उनका सफर उसी वक्त खत्म हो गया — यह पब्लिक वोटिंग का नतीजा नहीं था, और यही बात इस एविक्शन को बाकी विदाइयों से अलग बनाती है।
भावुक विदाई: अमरपाली दुबे रो पड़ीं
रीति के जाने का सबसे भावुक असर अमरपाली दुबे पर दिखा — एविक्शन की पुष्टि होते ही वे चेहरा छिपाकर रोने लगीं और बाद में खुद को दोषी ठहराते हुए कहा कि उन्हें रीति को नॉमिनेट नहीं करना चाहिए था। कनिका मान भी भावुक हुईं और जाते समय रीति से कहा कि वे अच्छा खेल रही थीं और आगे बढ़ रही थीं; लव गिल ने अमरपाली को संभाला। यह एक दिलचस्प विरोधाभास भी है — कैप्टेंसी के समय रीति खुद कह रही थीं कि उनके पास पर्याप्त समर्थन नहीं है, लेकिन एविक्शन पर कई घरवालों की भावुक प्रतिक्रिया ने दिखाया कि उनके निजी रिश्ते पूरी तरह कमजोर भी नहीं थे।
घर से बाहर जाने से पहले रीति ने स्वीकार किया कि लोगों को वे कभी-कभी उलझन में डालने वाली लग सकती हैं, लेकिन उनके मुताबिक यही उनका व्यक्तित्व है और वे एक कलाकार हैं। घरवालों ने उन्हें चर्चित अंदाज में आखिरी विदाई दी, और वे पिछले दरवाजे से घर से बाहर चली गईं। इसी बीच माही विज और उदिति किसी दूसरी बात पर हंसती दिखीं, जिस पर गुल्लू भड़क गए और माही से उस वक्त न हंसने को कहा; माही ने सफाई दी कि वे एविक्शन पर नहीं, किसी और बातचीत पर हंस रही थीं।
सोशल मीडिया पर भी राय बंटी रही — कुछ दर्शकों ने माना कि पिछले हफ्तों में रीति का योगदान बाकी प्रतियोगियों के मुकाबले कमजोर रहा और टास्क का फैसला सही था, तो वहीं उनके समर्थकों ने सवाल उठाया कि जब एविक्शन पब्लिक वोट से नहीं हुआ, तो प्रतियोगियों को किसी का पूरा सफर खत्म करने की इतनी बड़ी ताकत क्यों दी गई। कुछ ने सीक्रेट रूम की संभावना भी जताई, हालांकि अब तक की आधिकारिक जानकारी में रीति की दोबारा घर में वापसी की पुष्टि नहीं हुई है।
कहां कमजोर पड़ा रीति का गेम?
रीति के सफर को देखें तो तीन बातें साफ उभरती हैं। पहली, मजबूत गठजोड़ की कमी — रोहेद और कुछ अन्य प्रतियोगियों से दोस्ती जरूर थी, लेकिन कैप्टेंसी के वक्त उनके करीबी लोग भी उनके लिए एकजुट नहीं हुए। दूसरी, झगड़ों का निजी टिप्पणियों तक पहुंच जाना — डिस बैटल में गेम और निजी सीमाओं के बीच का फर्क मिट गया, जो वीकेंड का वार पर सबसे कड़ी आलोचना की वजह बना। तीसरी, पारिवारिक पहचान से दूरी बनाने और उसी पहचान का सहारा लेने के बीच का विरोधाभास — वे बार-बार कहती रहीं कि मनोज तिवारी की बेटी से आगे अपनी पहचान बनाना चाहती हैं, लेकिन काजी से बहस में पिता का नाम लेकर धमकी देना उनके इसी दावे के खिलाफ गया।
डे 1 की हंसी से आखिरी दिन के आंसुओं तक
बिग बॉस 20 में रीति तिवारी की शुरुआत पिता के पुराने बिग बॉस पल को मजाक में दोहराने से हुई थी, और करीब चार हफ्ते बाद उसी मनोज तिवारी-डॉली बिंद्रा वाकये का जिक्र सलमान खान ने उन्हें अनुशासन का सबक देने के लिए किया। बीच के दिनों में उन्होंने मैरी कॉम से बहस की और सुलह भी, रोहेद के एविक्शन पर रोईं, पारिवारिक संघर्ष की बातें साझा कीं, खुद को स्वतंत्र कलाकार साबित करने की कोशिश की, कप्तान बनने का प्रयास किया, और उदिति-काजी विवाद में अपने सफर का सबसे बड़ा विवाद खड़ा कर लिया।
आखिरकार उनका एविक्शन भी सामान्य नहीं रहा — जनता ने उन्हें सीधे बाहर नहीं किया, बल्कि माही विज, यंग डीएसए और उदिति सिंह के सामूहिक फैसले ने उनकी आखिरी लाइफलाइन खत्म कर दी। उनकी विदाई पर अमरपाली और कनिका की भावुक प्रतिक्रिया यह भी दिखाती है कि तमाम विवादों के बावजूद रीति ने घर में कुछ असली रिश्ते बनाए थे, लेकिन बिग बॉस के खेल में रिश्तों के साथ-साथ योगदान, रणनीति और सही समय पर सही फैसले भी उतने ही जरूरी होते हैं। रीति के लिए शो का सबसे बड़ा नतीजा शायद ट्रॉफी से अलग है — अब उन्हें सिर्फ मनोज तिवारी की बेटी के तौर पर नहीं देखा जा रहा, भले ही यह नई पहचान उनकी संगीत महत्वाकांक्षा, भावनात्मक खुलासों और विवादित झगड़ों — तीनों से मिलकर बनी हो।
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