October 10, 2026

RC में मोबाइल नंबर बदलना हुआ बेहद आसान: RTO के चक्कर लगाने का झंझट खत्म, घर बैठे मिनटों में ऐसे करें ऑनलाइन अपडेट

RC में मोबाइल नंबर बदलना हुआ बेहद आसान: RTO के चक्कर लगाने का झंझट खत्म, घर बैठे मिनटों में ऐसे करें ऑनलाइन अपडेट

कार, बाइक या किसी भी व्यावसायिक वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) में आपका चालू मोबाइल नंबर दर्ज होना आज के दौर में बेहद जरूरी हो चुका है। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कटने वाले ई-चालान (e-Challan) के एसएमएस, गाड़ी की फिटनेस, इंश्योरेंस रिन्यूअल, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट की एक्सपायरी डेट और नेशनल परमिट से जुड़े तमाम अलर्ट सीधे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ही भेजे जाते हैं। यदि आपका पुराना नंबर बंद हो चुका है या आपने नया नंबर ले लिया है और वह आरसी में लिंक नहीं है, तो समय पर चालान की सूचना न मिलने से मामला सीधे वर्चुअल कोर्ट या लोक अदालत तक पहुंच सकता है। कई लोग यह मानते हैं कि आरसी में मोबाइल नंबर बदलवाने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ेगा या दलालों को पैसे देने होंगे, लेकिन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और फेसलेस कर दिया है।

आरसी में मोबाइल नंबर अपडेट होना क्यों है बेहद अनिवार्य?

डिजिटल ट्रांसपोर्ट व्यवस्था के तहत परिवहन विभाग का पूरा सिस्टम अब वाहन के मालिक के रजिस्टर्ड फोन नंबर से जुड़ा हुआ है। यदि आरसी में आपका वर्तमान मोबाइल नंबर दर्ज नहीं है, तो आपको निम्नलिखित गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:

  • बिना जानकारी के भारी चालान: चौराहों पर लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों से कटने वाले चालानों का मैसेज तुरंत नहीं मिलेगा, जिससे समय सीमा बीतने पर चालान कोर्ट में ट्रांसफर हो सकता है।

  • गाड़ी बेचने या ट्रांसफर में रुकावट: वाहन बेचते समय एनओसी (NOC) लेने या ओनरशिप ट्रांसफर (Transfer of Ownership) के लिए आधार आधारित ओटीपी उसी नंबर पर जाता है जो आरसी में दर्ज होता है।

  • दस्तावेजों का नवीनीकरण: इंश्योरेंस और पीयूसी की वैधता समाप्त होने की अग्रिम चेतावनी नहीं मिल पाएगी, जिससे वाहन चेकिंग के दौरान भारी जुर्माना लग सकता है।

  • चोरी या अनधिकृत गतिविधि पर अलर्ट: किसी भी डुप्लीकेट आरसी के आवेदन या डेटा बदलाव की स्थिति में मालिक को सुरक्षा अलर्ट नहीं मिल सकेगा।

जरूरी दस्तावेज: प्रक्रिया शुरू करने से पहले क्या-क्या चाहिए?

ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने से पहले आपको किसी भी कागजी दस्तावेज को स्कैन करके अपलोड करने की आवश्यकता नहीं होती, केवल अपने वाहन की आरसी की मूल कॉपी अपने पास रखें जिसमें ये विवरण मौजूद हों:

  • वाहन की रजिस्ट्रेशन संख्या (Vehicle Registration Number)

  • चेसिस नंबर (Chassis Number) के अंतिम 5 अंक या पूरा नंबर

  • इंजन नंबर (Engine Number) के अंतिम 5 अंक

  • आरसी की रजिस्ट्रेशन तारीख और फिटनेस वैधता (कुछ राज्यों के लिए आवश्यक)

  • नया सक्रिय मोबाइल नंबर (जिस पर ओटीपी आ सके)

  • वाहन मालिक का पहचान प्रमाण पत्र

परिवहन सेवा पोर्टल पर स्टेप-बाय-स्टेप मोबाइल नंबर बदलने का तरीका

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल parivahan.gov.in के माध्यम से आप केवल 5 मिनट में अपना नंबर अपडेट कर सकते हैं:

  1. आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले अपने फोन या कंप्यूटर ब्राउज़र में परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट parivahan.gov.in खोलें।

  2. ऑनलाइन सर्विसेज चुनें: मुख्य पेज पर नेविगेशन मेन्यू में दिए गए 'Online Services' टैब पर क्लिक करें और ड्रॉप-डाउन लिस्ट में से 'Vehicle Related Services' का विकल्प चुनें।

  3. राज्य का चयन करें: अगले पेज पर अपने राज्य (जैसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र आदि) का नाम चुनें।

  4. वाहन संख्या दर्ज करें: अब अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और संबंधित आरटीओ का चयन करके 'Proceed' बटन पर क्लिक करें।

  5. मोबाइल नंबर अपडेट सर्विस पर क्लिक करें: स्क्रीन पर उपलब्ध सेवाओं की सूची दिखेगी। यहां 'Services' मेन्यू के अंतर्गत 'Additional Services' या सीधे डैशबोर्ड पर दिखने वाले 'Update Mobile Number' वाले विकल्प पर क्लिक करें।

  6. वाहन विवरण का सत्यापन: अब स्क्रीन पर एक फॉर्म खुलेगा जिसमें आपको अपना वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर, पूरा चेसिस नंबर (Full Chassis Number), इंजन नंबर और रजिस्ट्रेशन व फिटनेस की तारीख दर्ज करनी होगी। इसके बाद 'Show Details' पर क्लिक करें।

  7. मालिक की जानकारी का मिलान: स्क्रीन पर वाहन मालिक का नाम, पिता का नाम और वर्तमान में दर्ज पुराना मोबाइल नंबर प्रदर्शित होगा।

  8. नया मोबाइल नंबर दर्ज करें: 'Mobile Number' के बॉक्स में अपना नया 10 अंकों का फोन नंबर टाइप करें और 'Generate OTP' पर क्लिक करें।

  9. ओटीपी से पुष्टि करें: आपके नए मोबाइल नंबर पर प्राप्त 6 अंकों का ओटीपी दर्ज करें और 'Save Details' या 'Update' पर क्लिक करें।

जैसे ही आप सबमिट करेंगे, स्क्रीन पर 'Mobile Number has been updated successfully' का संदेश आ जाएगा और परिवहन विभाग के डेटाबेस में आपका नया नंबर तुरंत प्रभावी हो जाएगा।

mParivahan मोबाइल ऐप के जरिए भी संभव है यह प्रक्रिया

यदि आप कंप्यूटर के बजाय स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, तो केंद्र सरकार के आधिकारिक mParivahan (NextGen mParivahan) ऐप के जरिए भी यह काम आसानी से कर सकते हैं। ऐप में लॉगिन करने के बाद 'Vehicle Services' सेक्शन में जाएं, अपने वाहन को 'Virtual RC' के रूप में जोड़ें और प्रोफाइल सेटिंग्स या व्हीकल डिटेल्स में जाकर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट करने के विकल्प को चुनें। वहां भी चेसिस और इंजन नंबर के सत्यापन के बाद ओटीपी दर्ज कर नया नंबर लिंक किया जा सकता है।

किन बातों का रखें विशेष ध्यान?

  • आधार लिंकिंग की सुविधा: कई राज्यों (जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश आदि) में यह सेवा पूरी तरह आधार बेस्ड ई-केवाईसी (Aadhaar based e-KYC) से जुड़ी है। ऐसे में सुनिश्चित करें कि आपका नया मोबाइल नंबर आपके पहचान प्रमाण पत्र से भी सही तरीके से जुड़ा हो ताकि भविष्य में ऑनलाइन सेवाओं में कोई रुकावट न आए।

  • फर्जी वेबसाइटों से रहें सावधान: इंटरनेट पर कई निजी पोर्टल और दलाल परिवहन सेवा जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटें बनाकर पैसे वसूलने की कोशिश करते हैं। ध्यान रहे कि सरकारी पोर्टल पर यह सेवा पूरी तरह से निःशुल्क है और इसके लिए हमेशा केवल .gov.in डोमेन वाली आधिकारिक साइट का ही उपयोग करें।