ट्रैफिक नियम: ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन RC के लिए नए सिस्टम पर हो रहा विचार? नया पॉइंट सिस्टम कैसे काम करेगा?
Sat, 05 Sep 2026 11:19 AM IST
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Sat, 05 Sep 2026 11:19 AM IST
सार
सरकरा ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) के लिए एक नया 'ग्रेडेड पॉइंट्स सिस्टम' शुरू करने पर विचार कर रहा है। इसके तहत बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों का लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है। जानें यह नया पॉइंट सिस्टम कैसे काम करेगा?
सड़क पर बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए आने वाले समय में नियम और सख्त हो सकते हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि मंत्रालय ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र के लिए ग्रेडेड पॉइंट सिस्टम लाने पर विचार कर रहा है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत हर ट्रैफिक उल्लंघन का असर चालक के लाइसेंस रिकॉर्ड पर पड़ेगा। तय सीमा तक नियम तोड़ने पर ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित किया जा सकता है या उसे रद्द भी किया जा सकता है। वहीं, जिम्मेदारी से वाहन चलाने वालों को प्रोत्साहन देने की भी योजना है।
Traffic Violation - फोटो : AI
ड्राइविंग लाइसेंस का नया पॉइंट सिस्टम कैसे काम करेगा?
- हाल ही में, SIAM के 66वें वार्षिक सम्मेलन में नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय एक ऐसी व्यवस्था पर काम कर रहा है, जिसमें ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को सीधे ड्राइविंग लाइसेंस रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा।
- गडकरी के अनुसार, प्रस्तावित प्रणाली में प्रत्येक ट्रैफिक अपराध पर ड्राइविंग लाइसेंस के पॉइंट कम किए जाएंगे। अगर किसी चालक के खिलाफ उल्लंघनों के कारण तय सीमा तक पेनल्टी पॉइंट पहुंच जाते हैं, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
- उन्होंने कहा कि एक निश्चित सीमा के बाद ड्राइविंग लाइसेंस को सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है।
Driving Licence - फोटो : Adobe Stock
क्या अच्छे ड्राइविंग रिकॉर्ड वालों को मिलेगा फायदा?
- यह प्रस्तावित सिस्टम केवल नियम तोड़ने वालों को दंडित करने तक सीमित नहीं होगा। नितिन गडकरी ने कहा कि जिन वाहन चालकों का ड्राइविंग रिकॉर्ड अच्छा होगा, उन्हें कुछ लाभ या प्रोत्साहन दिए जाने पर भी विचार किया जा रहा है।
- संभावित तौर पर इसमें बीमा कंपनियों की ओर से कुछ इंसेंटिव शामिल हो सकते हैं। हालांकि इन लाभों का विस्तृत स्वरूप अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।
- इस तरह की पॉइंट आधारित व्यवस्था से चालक के व्यवहार का एक लगातार रिकॉर्ड तैयार हो सकेगा। उदाहरण के तौर पर, बार-बार तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना, रेड लाइट जंप करना या खतरनाक तरीके से वाहन चलाने जैसे उल्लंघनों को केवल अलग-अलग चालान के रूप में नहीं देखा जाएगा। ऐसे बार-बार होने वाले अपराध एक साथ लाइसेंस की समीक्षा या आगे की कार्रवाई का कारण बन सकते हैं।
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Traffic violation - फोटो : AI
सड़क सुरक्षा में ड्राइवर का व्यवहार क्यों बड़ी चुनौती है?
- नितिन गडकरी ने कहा कि भारत में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए चालक का व्यवहार एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। उनके अनुसार, सरकार इस दिशा में कई कदम उठा रही है।
- उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग लगातार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं, उन्हें अपने व्यवहार के परिणामों के लिए जवाबदेह बनाया जाना जरूरी है। प्रस्तावित पॉइंट सिस्टम का उद्देश्य भी बार-बार गलतियां करने वाले चालकों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की व्यवस्था बनाना है।
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Bharat NCAP Safety Rating - फोटो : BNCAP
Bharat NCAP 2.0 में क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं?
- इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान गडकरी ने सड़क सुरक्षा से जुड़ी अन्य पहलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि Bharat NCAP 2.0 (भारत एनसीएपी 2.0) को अक्तूबर 2027 तक लाने की योजना है।
- वाहन सुरक्षा मूल्यांकन कार्यक्रम के अगले चरण में केवल क्रैश परफॉर्मेंस से आगे बढ़कर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखने की उम्मीद है।