RBI Repo Rate Update: अगर आपने होम लोन, ऑटो लोन या किसी अन्य तरह का फ्लोटिंग रेट लोन लिया है, तो आपके लिए राहत की खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को घोषणा करते हुए बताया कि रेपो रेट 5.25% पर ही बरकरार रहेगा। इसका मतलब है कि फिलहाल आपके लोन की EMI में कोई बदलाव नहीं होगा।
RBI ने क्या कहा?
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि मौद्रिक नीति का रुख (Monetary Policy Stance) 'न्यूट्रल' रखा गया है। इसके साथ ही स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) की दर 5% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) तथा बैंक रेट 5.50% पर स्थिर रखे गए हैं।
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उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बनी हुई है। इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन अपेक्षा से बेहतर रहा है।
इस साल रेपो रेट में क्या बदलाव हुआ?
RBI ने इससे पहले जून की MPC बैठक में भी रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा था। वहीं, वर्ष 2025 के दौरान केंद्रीय बैंक ने कई चरणों में कुल 125 आधार अंक (Basis Points) की कटौती की थी, जिससे लोन लेने वाले ग्राहकों को EMI में राहत मिली थी।
GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया
RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6% से बढ़ाकर 6.7% कर दिया है। पहली तिमाही में 7% और दूसरी तिमाही में 6.4% की आर्थिक वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
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महंगाई पर क्या कहा?
केंद्रीय बैंक ने माना कि खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी तथा मानसून से जुड़े जोखिमों के कारण महंगाई पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, इसके बावजूद FY27 के लिए खुदरा महंगाई (Retail Inflation) का अनुमान 5.1% से घटाकर 5% कर दिया गया है। RBI के अनुमान के अनुसार पहली तिमाही में महंगाई 5.3%, दूसरी तिमाही में 4.7%, तीसरी तिमाही में 5.9%, चौथी तिमाही में 5.5% रह सकती है।
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रेपो रेट क्या होता है?
रेपो रेट वह ब्याज दर होती है, जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक कर्ज देता है। जब रेपो रेट बढ़ता है तो बैंकों के लिए कर्ज महंगा हो जाता है, जिसका असर होम लोन, ऑटो लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट लोन की EMI पर पड़ता है। वहीं, रेपो रेट स्थिर रहने या घटने से आमतौर पर EMI में राहत मिलती है।
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