September 13, 2026

Ranchi News: रांची में ढाई हजार शिक्षकों का सम्मान, शिक्षा में AI और रोजगार पर हुई चर्चा

Ranchi News: रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में रविवार को शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. पब्लिक स्कूल एंड चिल्ड्रेन एसोसिएशन (पासवा) के सहयोग से हुए इस कार्यक्रम में करीब ढाई हजार शिक्षकों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में शिक्षा, तकनीक, AI और रोजगार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई.

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समारोह के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की पहचान सिर्फ उसकी इमारत से नहीं होती. शिक्षक और छात्र ही किसी संस्थान को मजबूत बनाते हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल छात्र को पढ़ाते नहीं हैं, बल्कि उन्हें बेहतर नागरिक बनाने में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं.

अजय कुमार सिंह ने कहा कि गुरु और शिष्य की परंपरा बहुत पुरानी है. समाज को सही दिशा देने में शिक्षकों की हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका रही है. उन्होंने कहा कि झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार काम कर रही है. सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के जरिए गांवों और दूर के क्षेत्रों में भी बेहतर शिक्षा पहुंचाने की कोशिश हो रही है.

उन्होंने शिक्षकों से नई तकनीक अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि दूर-दराज के छात्रों तक अच्छे शिक्षकों की पढ़ाई पहुंचाने के लिए उनके लेक्चर ऑनलाइन उपलब्ध कराए जा सकते हैं. AI को भी शिक्षा में इस्तेमाल करना चाहिए, लेकिन AI को केवल एक साधन के रूप में देखना होगा. यह शिक्षक या अंतिम निर्णय लेने वाला नहीं हो सकता.

अजय कुमार सिंह ने कहा कि आज शिक्षकों के सामने Gen-Z छात्रों को समझना भी एक बड़ी चुनौती है. शिक्षकों को छात्रों से लगातार बातचीत करनी चाहिए और उन्हें गलत दिशा में जाने से रोकना चाहिए. उन्होंने कहा कि शिक्षा को रोजगार और उद्योग से जोड़ना जरूरी है, ताकि छात्र केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बन सकें.

पासवा के मुख्य संरक्षक रामेश्वर उरांव ने कहा कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर कार्यक्रम नहीं हो सका था, इसलिए अब शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा है. उन्होंने शिक्षकों की भूमिका की तुलना कुम्हार से की, जो मिट्टी को आकार देकर सुंदर मूर्ति बनाता है. उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में शिक्षकों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है.

रामेश्वर उरांव ने कहा कि पासवा अब शिक्षा के साथ छात्रों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाएगा.

डीजी रेल अनिल पालटा ने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए शिक्षकों के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा कि शिक्षक की डांट और फटकार भी छात्र के बेहतर भविष्य के लिए होती है.

उन्होंने युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में पढ़े-लिखे युवा रोजगार की तलाश में हैं. उन्होंने छात्रों से कहा कि परीक्षा में कम अंक आने से निराश नहीं होना चाहिए. आज कई नए क्षेत्रों में करियर के अवसर मौजूद हैं.

कार्यक्रम में रांची विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति अजीत सिंह, रिम्स निदेशक डीके सिन्हा समेत कई लोग मौजूद रहे. विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए. समारोह के अंत में विभिन्न स्कूलों से पहुंचे करीब 2500 शिक्षकों को शॉल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया.

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