August 2, 2026

Ranchi News: 108 एंबुलेंस विवाद पर BJP का स्वास्थ्य मंत्री से सवाल, कौन हैं इरफान आलम?

Ranchi:  झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा को लेकर भाजपा ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर बड़ा हमला बोला है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने आरोप लगाया कि एम्बुलेंस सेवा में पारदर्शिता नहीं बरती गई और पूरी व्यवस्था पक्षपात की वजह से खराब हुई है. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से कई सवालों के जवाब मांगे हैं.

इसे भी पढ़ें: 

EXCLUSIVE: झारखंड में आयुष्मान में लिस्टेड 36 अस्पतालों के पास FIRE  NOC ही नहीं
झारखंड में बस परमिट व्यवस्था ठप, 200 से अधिक बसों का संचालन प्रभावित; आंदोलन की चेतावनी

अजय साह ने कहा कि वर्ष 2023 में 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन जीवीके सर्विसेज के पास था. लेकिन इरफान अंसारी के स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद यह जिम्मेदारी पटना की सम्मान फाउंडेशन को दे दी गई. भाजपा का आरोप है कि इस संस्था का चयन योग्यता और अनुभव के आधार पर नहीं, बल्कि कथित करीबी संबंधों के कारण किया गया.

उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं है तो स्वास्थ्य मंत्री को सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए कि किस तकनीकी जांच, वित्तीय मानदंड और चयन प्रक्रिया के आधार पर सम्मान फाउंडेशन को यह जिम्मेदारी दी गई.

भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि दिसंबर 2025 में खुद स्वास्थ्य मंत्री ने सम्मान फाउंडेशन को हटाने की घोषणा की थी. इसके बावजूद मई 2026 तक उसी संस्था से काम क्यों लिया जाता रहा. उन्होंने पूछा कि इस दौरान आखिर क्या कारण था और किसके हितों की रक्षा की जा रही थी.

अजय साह ने कहा कि सम्मान फाउंडेशन का अनुबंध खत्म होने के बाद नया टेंडर जारी किया गया, लेकिन उसकी अंतिम तिथि बार-बार बढ़ाई जा रही है. इससे यह संदेह पैदा होता है कि किसी खास कंपनी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.

उन्होंने एम्बुलेंस खरीद प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि जिन एम्बुलेंसों की खरीद हुई, उनकी बॉडी ऐसी कंपनी से बनवाई गई जिसे मुख्य रूप से बस बॉडी बनाने का अनुभव था. भाजपा का आरोप है कि इसी वजह से कई एम्बुलेंस बार-बार खराब हो रही हैं, लंबी दूरी तय करने में दिक्कत आ रही है और ग्रामीण इलाकों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रही हैं.

अजय साह ने कहा कि अगर सरकार पर लगाए गए आरोप गलत हैं तो एम्बुलेंस की गुणवत्ता और खरीद प्रक्रिया की स्वतंत्र तकनीकी जांच करानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि केवल सम्मान फाउंडेशन का अनुबंध रद्द कर देने से सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती. एम्बुलेंस व्यवस्था की खराब स्थिति के कारण जिन मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल सका, उसकी जवाबदेही सरकार को लेनी चाहिए. साथ ही एम्बुलेंस चालकों और कर्मचारियों का बकाया वेतन जल्द देने की भी मांग की.

भाजपा ने मांग की है कि सम्मान फाउंडेशन को अब तक किए गए सभी भुगतानों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया जाए. 108 एम्बुलेंस सेवा की टेंडर प्रक्रिया और भुगतान की स्वतंत्र जांच कराई जाए. साथ ही स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और इरफान आलम के बीच कथित संबंधों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.