August 15, 2026

Ranchi Hospital High Drama: अस्पताल में तिरंगा यात्रा से रोके गए देवेंद्र महतो; कमरे के बाहर भारी पुलिस बल तैनात, धक्का-मुक्की का आरोप - Haribhoomi

ची में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच स्वतंत्रता दिवस पर सदर अस्पताल में भारी ड्रामा देखने को मिला। 14 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को पुलिस प्रशासन ने तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने से रोक दिया।

devendra nath mahto stopped tiranga yatra

अस्पताल के वार्ड से बाहर निकलने को लेकर पुलिसकर्मियों और समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक व धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई।

  • Published: 15 Aug 2026, 03:43 PM IST
  • Last Updated: 15 Aug 2026, 03:43 PM IST

झारखंड में लोक सेवा आयोग (JPSC) और राज्य कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं व पेपर लीक के विरोध में चल रहा छात्र आंदोलन 22वें दिन भी पूरे उबाल पर रहा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रांची के सदर अस्पताल में उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब भूख हड़ताल के चलते भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को छात्रों की तिरंगा यात्रा में भाग लेने से पुलिस ने रोक दिया।

अस्पताल के वार्ड से बाहर निकलने को लेकर पुलिसकर्मियों और समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक व धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई।

14 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे मेरे साथ आज पुलिस द्वारा धक्का-मुक्की और बलपूर्वक रोकने की कोशिश की गई। मेरे साथ मौजूद साथियों के साथ भी पुलिस द्वारा मारपीट की गई।

कई दिनों से भूखा होने के बावजूद मैं अपने अधिकार और जनता की आवाज़ के लिए खड़ा हूँ। हमें इस तरह रोककर हमारी आवाज़ को… pic.twitter.com/TRxMaMkBqR

— Devendra Nath Mahto (@DevendraNathMa9) August 15, 2026

अस्पताल के एचडीयू वार्ड के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा
सदर अस्पताल में देवेंद्र नाथ महतो ने 15 अगस्त के दिन जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम और छात्रों की तिरंगा यात्रा में शामिल होने की इच्छा जताई थी। जैसे ही उन्होंने अस्पताल से बाहर जाने का प्रयास किया, वहां पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया।

#WATCH | Jharkhand | The police prevent student leader Devendra Nath Mahato from participating in the Tiranga Yatra.

He has been admitted to Sadar Hospital in Ranchi

(Source: Mahato Media Group) pic.twitter.com/RWiCt7zXNy

— ANI (@ANI) August 15, 2026

करीब एक घंटे तक वार्ड के बाहर गतिरोध बना रहा। प्रशासन ने उनके नाजुक स्वास्थ्य और सुरक्षा का हवाला देते हुए बाहर जाने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद अस्पताल परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया।

'क्या अपने ही देश में तिरंगा फहराने की आजादी नहीं?'
पुलिस की इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि वे कठिन शारीरिक परिस्थितियों के बावजूद शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण में शामिल होना चाहते थे। उन्होंने प्रशासन को लिखित रूप में यह भी दिया था कि यदि उनकी सेहत को कोई नुकसान पहुंचता है तो इसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की नहीं होगी।

पुलिस द्वारा लगातार धक्का-मुक्की कर मुझे रोका गया। आखिरकार मैं अपने रूम के गेट के बाहर ही बैठ गया हूँ।

जब तक मुझे यहाँ से बाहर निकलने नहीं दिया जाता, तब तक मैं यहीं बैठा रहूँगा। मैं अपना इलाज भी नहीं करवाऊँगा और यहीं रहकर अपनी बात रखूँगा।

मेरी लड़ाई जनता के अधिकार और न्याय के… pic.twitter.com/YOSqJE0Ylc

— Devendra Nath Mahto (@DevendraNathMa9) August 15, 2026

महतो ने सवाल उठाते हुए कहा, "आखिर क्या यही आजादी है कि हम अपने ही देश में तिरंगा फहराने और तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए भी स्वतंत्र नहीं हैं?" उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके और उनके साथियों के साथ बलपूर्वक धक्का-मुक्की की।

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से छात्रों की भव्य तिरंगा यात्रा
अस्पताल में चले ड्रामे के बीच रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से हजारों आंदोलनकारी छात्रों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत तिरंगा यात्रा निकाली। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामे छात्रों ने कचहरी चौक, न्यूक्लियस मॉल, लालपुर चौक, प्लाजा चौक, फिरायालाल चौक और शहीद चौक होते हुए शांतिपूर्ण मार्च निकाला।

आंदोलनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक परीक्षा धांधली की निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका लोकतांत्रिक सत्याग्रह अनवरत जारी रहेगा।

22 दिनों से जारी आंदोलन और तेज होती राजनीतिक हलचल
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पताल के बिस्तर से भी भूख हड़ताल जारी रखने वाले देवेंद्र महतो से मिलने कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि पहुंचे हैं, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। छात्र नेताओं का कहना है कि सीआईडी जांच में लगातार हो रहे खुलासों से उनके आरोपों की पुष्टि हो रही है, इसलिए सरकार को बिना किसी देरी के पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंप देनी चाहिए।