गणेशोत्सव और गणपति विसर्जन के पावन माहौल के बीच बॉलीवुड स्टार रणबीर कपूर एक बार फिर सोशल मीडिया पर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। मायानगरी मुंबई में एक सार्वजनिक आयोजन के दौरान रणबीर कपूर का एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर उन्हें भगवान श्री गणेश का प्रसाद लेने से इनकार करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आते ही जहां एक तरफ नेटिजन्स और सनातन संस्कृति से जुड़े लोग अभिनेता के इस आचरण पर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और 'कच्चा बादाम' फेम अंजलि अरोड़ा ने इस मामले पर बेहद तीखा हमला बोलते हुए रणबीर कपूर को सीधे तौर पर आड़े हाथों लिया है। अंजलि अरोड़ा का यह बयान इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया है, जिसने बॉलीवुड और धार्मिक आस्था के मुद्दे पर एक नई बहस छेड़ दी है।
क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई, जिस पर भड़कीं अंजलि अरोड़ा?
वायरल क्लिप के अनुसार, रणबीर कपूर एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे, तभी वहां मौजूद कुछ श्रद्धालुओं और मीडिया कर्मियों के पास से गुजरते समय एक व्यक्ति ने आदरपूर्वक उनकी ओर गणपति बप्पा का प्रसाद (मोदक/मिठाई) बढ़ाया। वीडियो में दिख रहा है कि रणबीर ने हाथ के इशारे से उसे लेने से मना कर दिया और मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गए। इस दृश्य को देखकर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे भगवान के प्रसाद का अनादर करार दिया। लोगों का कहना था कि भले ही कोई डाइट पर हो या मिठाई न खाता हो, सनातन परंपरा में भगवान के प्रसाद को माथे से लगाकर स्वीकार किया जाता है, उसे इस तरह ठुकराया नहीं जाता।
'प्रसाद ठुकराया नहीं जाता, इससे सद्बुद्धि मिलती है': अंजलि अरोड़ा की दो टूक
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अंजलि अरोड़ा ने एक वीडियो संदेश और मीडिया बातचीत में रणबीर कपूर के रवैये पर कड़ा एतराज जताया। अंजलि ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
"आप कितने भी बड़े सुपरस्टार क्यों न हों, लेकिन भगवान और उनके प्रसाद से बड़ा कोई नहीं होता। बप्पा का प्रसाद कोई साधारण खाने की चीज नहीं है, यह भगवान का आशीर्वाद है। हमारे संस्कारों में सिखाया जाता है कि प्रसाद अगर कोई सामने से दे, तो उसे दोनों हाथों से सिर झुकाकर ग्रहण किया जाता है। अगर आप मीठा नहीं भी खाते, तो भी उसे हाथ में लेकर आदरपूर्वक अपने पास रख सकते थे या किसी और को दे सकते थे, लेकिन सीधे ठुकरा देना गलत है। प्रसाद ग्रहण करने से इंसान को सद्बुद्धि मिलती है, जिसकी शायद कुछ लोगों को बहुत जरूरत है।"
अंजलि अरोड़ा का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में हजारों ट्वीट्स और पोस्ट्स आने लगे, जिसमें यूजर्स ने अंजलि की बात को संस्कृति और मर्यादा के अनुकूल बताया।
पुराने विवादों की फिर से याद: बीफ बयान और महाकाल मंदिर विवाद
रणबीर कपूर के इस हालिया वीडियो ने उनके पुराने विवादों की यादें भी ताजा कर दी हैं। नेटिजन्स ने उनके उस पुराने इंटरव्यू को फिर से खंगालना शुरू कर दिया है, जिसमें उन्होंने खुद को 'बीफ लवर' बताया था। इसी बयान के चलते उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' के रिलीज के समय उन्हें और आलिया भट्ट को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था और वे गर्भगृह में दर्शन नहीं कर पाए थे। अब जब रणबीर कपूर नितेश तिवारी की महत्वाकांक्षी पौराणिक फिल्म 'रामायण' में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की भूमिका निभाने जा रहे हैं, तब इस प्रकार की घटनाएं उनके सार्वजनिक अक्स पर दोबारा सवाल खड़े कर रही हैं। कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जो व्यक्ति भगवान राम का किरदार निभाने जा रहा है, उसे सनातन प्रतीकों और प्रसाद के प्रति न्यूनतम सम्मान जरूर दिखाना चाहिए।
रणबीर के प्रशंसकों की सफाई: 'डाइट और हाइजीन' का तर्क
हालांकि इस विवाद के बीच रणबीर कपूर के फैंस क्लब और समर्थकों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। फैंस का तर्क है कि वीडियो को जानबूझकर गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है। समर्थकों का कहना है कि भीड़भाड़ वाली जगह पर अचानक अनजान व्यक्ति द्वारा दिए गए खुले खाद्य पदार्थ को सुरक्षा और स्वच्छता (Hygiene) के लिहाज से हर कोई तुरंत नहीं खा सकता। इसके अलावा अभिनेता अपनी आगामी फिल्मों के लिए कड़े फिटनेस और नो-शुगर डाइट रूटीन का पालन कर रहे हैं। प्रशंसकों का यह भी कहना है कि रणबीर गणेश चतुर्थी पर हमेशा अपने परिवार के साथ बप्पा की आरती और विसर्जन में पूरी निष्ठा के साथ शामिल होते हैं, इसलिए एक छोटे से वीडियो के आधार पर उनकी आस्था और नीयत पर सवाल उठाना पूरी तरह अनुचित है।
आस्था बनाम स्टारडम: क्यों तूल पकड़ते हैं ऐसे मामले?
यह पहला मौका नहीं है जब किसी फिल्मी सितारे के धार्मिक आचरण को लेकर सार्वजनिक रूप से तीखी बहस छिड़ी हो। आज के डिजिटल युग में जब कैमरे हर पल हर सेलिब्रिटी पर टिके होते हैं, तो उनका एक अनपेक्षित हाव-भाव भी करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ जाता है। अंजलि अरोड़ा के इस बयान ने यह साबित कर दिया है कि आम जनता और सोशल मीडिया हस्तियां अब बड़े से बड़े स्टार्स के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार पर सवाल उठाने से बिल्कुल नहीं हिचकिचाती हैं। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया ट्रेंड्स में शीर्ष पर बना हुआ है और लोग इस बात पर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए धार्मिक मान्यताओं और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।