August 31, 2026

Ramlala Check Bounce: फिर ठगे गए रामलला! 4.10 करोड़ का चेक बाउंस, खाते में निकले सिर्फ 3 रुपये

Time Published: Monday, August 31, 2026, 17:42 [IST]

Ayodhya Ramlala Check Bounce: अयोध्या के राम मंदिर में भगवान रामलला के साथ छल-कपट थमने का नाम नहीं ले रहा है। करोड़ों के चंदा चोरी के बाद अब 4 करोड़ 10 लाख रुपये का चेक बाउंस का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि चेक बैंक में जमा होने के बाद जब खाते की स्थिति सामने आई तो उसमें कथित तौर पर सिर्फ 3 रुपये थे। इतनी बड़ी रकम का चेक बाउंस होने की खबर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।

जानकारी के मुताबिक, चेन्नई के कोयंबटूर से अयोध्या दर्शन के लिए आई एक महिला श्रद्धालु एस. नागलक्ष्मी ने राम मंदिर ट्रस्ट को यह चेक दान के रूप में दिया था। हालांकि, जब ट्रस्ट ने चेक बैंक में जमा कराया तो पर्याप्त रकम नहीं होने के कारण वह बाउंस हो गया। आइए विस्तार से जानते हैं...

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महिला ने किस काम के लिए दिया था 4.10 करोड़ का चेक?

बताया जा रहा है कि महिला श्रद्धालु राम मंदिर में सेवादारों और कर्मचारियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बड़ी रकम दान करना चाहती थीं। उनकी इच्छा थी कि उनके दिए गए 4 करोड़ 10 लाख रुपये का इस्तेमाल विशेष रूप से मंदिर कर्मचारियों के हित में किया जाए। इसके लिए उन्होंने मंदिर ट्रस्ट से लिखित आश्वासन भी मांगा था कि रकम उनके बताए उद्देश्य के लिए खर्च की जाएगी। महिला ने इसके अलावा मंदिर के लिए अलग से 10 हजार रुपये का दान भी दिया था।

बैंक में चेक पहुंचा तो खाते में थे सिर्फ 3 रुपये

मंदिर ट्रस्ट ने जब महिला द्वारा दिया गया चेक बैंक में जमा कराया तो उसकी जांच के बाद पता चला कि संबंधित बैंक खाते में पर्याप्त राशि ही मौजूद नहीं थी। बताया गया कि खाते में महज 3 रुपये थे। ऐसे में 4.10 करोड़ रुपये का भुगतान होना संभव नहीं था और चेक बाउंस हो गया। यानी कागज पर 4 करोड़ 10 लाख रुपये का दान, लेकिन बैंक खाते में रकम सिर्फ 3 रुपये। इस अंतर ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया।

क्या Ram Mandir Trust ने चेक की जांच नहीं की?

यह सवाल भी उठ रहा है कि इतनी बड़ी रकम का चेक स्वीकार करने से पहले क्या दानकर्ता के खाते में पर्याप्त धनराशि होने की जांच की गई थी? हालांकि, किसी चेक को स्वीकार करने का मतलब यह नहीं होता कि रकम तत्काल ट्रस्ट के खाते में आ गई। चेक की वास्तविक राशि बैंक में प्रस्तुत किए जाने और उसके भुगतान के बाद ही प्राप्त होती है। इस मामले में भी चेक जमा होने के बाद भुगतान नहीं हो सका।

राम मंदिर ट्रस्ट और संबंधित बैंक की ओर से इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए महिला ने जानबूझकर बिना रकम के चेक दिया या किसी अन्य वजह से खाते में राशि नहीं थी, इसे फिलहाल निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता।

अब महिला के खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है?

चेक बाउंस होने के बाद बैंक की ओर से चेक जारी करने वाले व्यक्ति को सूचना या नोटिस दिए जाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। भारत में चेक बाउंस के मामलों में Negotiable Instruments Act की धारा 138 के तहत कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। हालांकि, किसी खास मामले में कार्रवाई होगी या नहीं, यह चेक बाउंस की परिस्थितियों, नोटिस और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करता है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि महिला के खिलाफ निश्चित रूप से मुकदमा चलेगा।

Ram Mandir के लिए पहले भी बाउंस हुए थे करोड़ों के चेक

राम मंदिर निर्माण के लिए साल 2020 में चलाए गए निधि समर्पण अभियान के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने योगदान दिया था। इस अभियान में करीब 45 दिनों के भीतर हजारों करोड़ रुपये की राशि जुटाई गई थी। बड़ी संख्या में लोगों ने चेक के जरिए भी सहयोग किया था। उस दौरान भी तकनीकी और अन्य कारणों से बड़ी संख्या में चेक बाउंस होने की जानकारी सामने आई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, बाउंस हुए चेक की कुल रकम करीब 100 करोड़ रुपये बताई गई थी। बाद में कई चेक दोबारा जमा कराए गए और उनकी राशि प्राप्त की गई।

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल क्या है?

इस पूरे मामले में फिलहाल सबसे अहम सवाल यह है कि 4.10 करोड़ रुपये का चेक आखिर ऐसे खाते से क्यों जारी किया गया, जिसमें कथित तौर पर सिर्फ 3 रुपये थे? क्या महिला ने गलती से ऐसा चेक जारी किया? क्या बाद में खाते में रकम जमा करने की योजना थी? या चेक देने के पीछे कोई और वजह थी? इन सवालों का जवाब महिला श्रद्धालु, बैंक या राम मंदिर ट्रस्ट की आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।