September 20, 2026

Raisen News:अनोखा महायज्ञ, धूनी में अर्पित किया डेढ़ किलो सोना, 4 किलो से ज्यादा चांदी; संत ने दिया ₹21 करोड़ का चैलेंज - Haribhoomi

रायसेन के उदयपुरा स्थित दादा धूनी दरबार में संत शिवानंद महाराज के सान्निध्य में 51 दिवसीय महायज्ञ हुआ। इसमें 1 लाख 51 हजार किलो हवन सामग्री और 251 प्रकार की जड़ी-बूटियों के साथ डेढ़ किलो सोना और 4 किलो से ज्यादा चांदी के आभूषण धूनी में अर्पित किए गए। संत ने दावा किया कि आयोजन बिना बाहरी चंदे के हुआ और इसी तरह का आयोजन दोबारा कराने वाले को ₹21 करोड़ देने का चैलेंज दिया।

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धूनी में अर्पित किया डेढ़ किलो सोना,

  • Published: 20 Sep 2026, 10:30 AM IST
  • Last Updated: 20 Sep 2026, 10:30 AM IST

रायसेन: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के उदयपुरा स्थित दादा धूनी दरबार में 51 दिवसीय महायज्ञ का आयोजन चर्चा में है। संत शिवानंद महाराज के सान्निध्य में हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में 1 लाख 51 हजार किलो हवन सामग्री, 251 प्रकार की जड़ी-बूटियों के साथ करीब डेढ़ किलो सोना और 4 किलो से अधिक चांदी के आभूषण धूनी में अर्पित किए गए। आयोजन 29 जुलाई से शुरू होकर 17 सितंबर 2026 तक चला। महायज्ञ के बाद अब 21 दिनों का विशेष नर्मदा संकीर्तन चल रहा है, जो 8 अक्टूबर तक जारी रहेगा। आयोजकों के मुताबिक, इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान और भंडारे भी जारी हैं।

धूनी में क्यों अर्पित किया सोना-चांदी?
सोने और चांदी को अग्नि में अर्पित किए जाने को लेकर संत शिवानंद महाराज ने अपनी धार्मिक मान्यता बताई है। उनका कहना है कि धूनी में अर्पित किए गए सोने-चांदी के आभूषण अग्नि में शुद्ध स्वर्ण और रजत भस्म में बदल जाते हैं। इसके बाद इस भस्म को मां नर्मदा में विसर्जित किया जाता है।
महाराज के मुताबिक, सालभर में ऐसे 4 से 5 बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं और भक्तों के लिए चलने वाले भंडारे में कभी भोजन या प्रसादी की कमी नहीं होती।

बिना चंदे आयोजन का दावा
आयोजन को लेकर संत शिवानंद महाराज का दावा है कि इसे किसी व्यक्ति या संस्था से चंदा या आर्थिक सहयोग लिए बिना संचालित किया गया। उन्होंने इसके पीछे दादा धूनी वाले महाराज और मां नर्मदा की कृपा को कारण बताया। महाराज का कहना है कि वह बचपन से धार्मिक सेवा से जुड़े हैं और आगे भी इसे जारी रखेंगे।

दिया ₹21 करोड़ का खुला चैलेंज
महायज्ञ को लेकर संत शिवानंद महाराज ने एक बड़ा दावा और चैलेंज भी दिया है। उन्होंने कहा कि यदि दुनिया में कोई दूसरा व्यक्ति या संस्था इसी तरह का आयोजन करवा दे, तो वह उसे ₹21 करोड़ नकद पुरस्कार देंगे।  आयोजकों के अनुसार, महायज्ञ में इस्तेमाल हुई विशाल मात्रा में हवन सामग्री और 251 प्रकार की जड़ी-बूटियां भी आयोजन की विशेषता रहीं। संत शिवानंद महाराज को इस आयोजन के लिए इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का प्रमाण पत्र मिलने की बात भी कही गई है।

हालांकि सोने-चांदी के धार्मिक उपयोग, आयोजन की लागत और रिकॉर्ड से जुड़े दावे आयोजकों की ओर से बताए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है। फिलहाल उदयपुरा का यह महायज्ञ अपने अनोखे धार्मिक आयोजन और सोने-चांदी की आहुति के कारण चर्चा में है।