कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले शुक्रवार को पुणे के सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के सदस्यों के बीच झड़प हो गई। घटना के बाद परिसर में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।
एबीवीपी के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ता कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे की छात्राओं पर शनिवार को होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराने का दबाव बना रहे थे। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के समर्थन में बोलने वाली दो छात्राओं को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हॉस्टल के अंदर रोक लिया और उन्हें धमकी दी।
विज्ञापन
कांग्रेस ने लगाए क्या आरोप?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने घटना के बाद हॉस्टल का दौरा किया। उन्होंने दावा किया कि एबीवीपी कार्यकर्ता दोनों छात्राओं को धमका रहे थे। महाराष्ट्र प्रदेश यूथ कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष अक्षय जैन ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों छात्राओं ने अपनी छात्रवृत्ति से जुड़ी समस्याएं उठाई थीं और 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का समर्थन किया था।
विज्ञापन
राहुल गांधी जी की ऐतिहासिक Pune Rally के ठीक पहले Colleges और Hostels में जाकर ABVP के गुंडे बेटियों को धमका रहे है, बंधक बना रहे है उन्हें पीट रहे है,
लेकिन अब वो ये गलती करने की हिमाकत न करें, क्योंकि अब उन्ही की भाषा में जबाव देने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता तैयार है। pic.twitter.com/kmKtKSFWMc — Indian Youth Congress (@IYC) August 21, 2026
हालांकि, एबीवीपी के प्रदेश मंत्री अथर्व कुलकर्णी ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई के कार्यकर्ता हॉस्टल परिसर में प्रवेश कर रहे थे और छात्राओं पर शनिवार के कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराने का दबाव बना रहे थे।
पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया
पुणे के डीसीपी हसन गौहर ने कहा, "हमें दो गुटों के बीच झड़प की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर हमने कुछ लोगों को नारे लगाते और सड़क जाम करने की कोशिश करते हुए पाया; उन्हें हिरासत में ले लिया गया है।" पुणे पुलिस ने शनिवार को एबीवीपी के सदस्यों के साथ हुई हिंसक झड़प के बाद 50 से 60 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया।
एक अधिकारी ने बताया कि एबीवीपी सदस्य द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 115(2) (स्वैच्छिक रूप से साधारण शारीरिक चोट पहुंचाना), 189(1) (गैरकानूनी सभा), 351(1) (आपराधिक धमकी) और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत 50 से 60 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है।