Prahaar Dialogue: 26/11 मुंबई आतंकी हमले के बाद देश की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कानूनी लड़ाई को पर्दे पर पेश करने वाली फिल्म ‘प्रहार: द उज्ज्वल निकम स्टोरी’ इन दिनों दर्शकों के दिलों-दिमाग पर छाई हुई है. निर्देशक अविनाश अरुण की इस फिल्म में केवल कहानी ही दमदार नहीं है, बल्कि इसके तीखे और सटीक डायलॉग्स दर्शकों के रोंगटे खड़े कर रहे हैं.
सबसे खास बात ये है कि हर डायलॉग का फिल्म के सीन्स, परिस्थितियों और किरदारों के साथ बेहद गहरा कनेक्शन है. आइए जानते हैं फिल्म के वो 10 यादगार डायलॉग्स जो सीधे दिल में उतर जाते हैं.
ये हैं ‘प्रहार’ के 10 शानदार डायलॉग्स
1. पाकिस्तानी डेलिगेट्स के सामने निकम का गुस्सा: जब पाकिस्तानी डिलेगेट्स भारत आए थे, तब उज्ज्वल निकम (राजकुमार राव) ने कड़े शब्दों में उनकी दोगली नीति को बेनकाब करते हुए कहा था, “हमारे घर में कत्ल करके, घंटी बजाकर, कातिल हमसे ही सबूत मांग रहे हैं.
2. कसाब के लिए फेयर ट्रायल की पेचीदगी पर बयान: जब कसाब को केवल सजा देने के बजाय कड़ा फेयर ट्रायल देने की प्रक्रिया चल रही थी, तब निकम का यह डायलॉग उनपर प्रेशर बताता है, “एक तरफ पब्लिक और मीडिया, दूसरी तरफ ये सरकार… और बीच में हम वड़ा पाव!”
3. गवाह डॉक्टरों से सवाल-जवाब के दौरान बजरंगबली में आस्था (जॉनी लीवर): पाकिस्तानी डेलीगेटस में जब गवाह डॉक्टरों से पूछताछ और सवाल-जवाब का दौर चल रहा था, तब उनपर गुस्सा हुए निकम बोलते हैं, “उज्ज्वल निकम भी हनुमान जयंती के दिन पैदा हुआ था, मेरा हिसाब भी बजरंगबली लेंगे और मेरे दुश्मनों का भी.”

राजकुमार राव और जयदीप
4. पाकिस्तान दौरे पर जयदीप अहलावत का करारा प्रहार: जब उज्ज्वल निकम और उनकी टीम जांच के सिलसिले में पाकिस्तान गई थी, तब पाकिस्तानी वकील के किरदार में जयदीप अहलावत ने अपनी ही व्यवस्था की पोल खोलते हुए कहा था, “कट्टरवाद से बना सिस्टम किसी भी देश को फूंक देता है.”
5. कसाब के चालाक कन्फेशन पर निकम का गुस्सा: जब कसाब ने कोर्ट में आधा-अधूरा कन्फेशन दिया कि ‘बाकी सबने कत्ल किए, मैंने नहीं किए’, और सिस्टम जल्दी में केस निपटाने की सोच रहा था, तब निकम ने बिफरते हुए कहा था, “सच का लोबान ओढ़कर झूठ का बिस्कुट खिला रहा है कसाब और हम लार टपकाकर बैठे हैं.”
6. जल्दबाजी में इंसाफ करने की कोशिश पर रोक: कसाब के उसी आधे-अधूरे कबूलनामे को मानकर केस खत्म करने की जल्दबाजी पर उज्ज्वल निकम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “Justice delayed is justice denied, but justice hurried is justice buried!”
7. झूठे कबूलनामे को सरेआम खारिज करना: कसाब के गुमराह करने वाले बयान को सिरे से नकारते हुए विशेष लोक अभियोजक ने दहाड़ लगाई थी, “I, Ujjwal Nikam, reject this confession!”
8. जेल में कसाब की गलतफहमी दूर करते निकम: कोर्टरूम में कसाब की आंखों में आंखें डालकर उज्जवल निकम ने कहा था, “मुझे केस जीतने की खुशी तब तक नहीं मिलती, जब तक क्रिमिनल को उसकी गलती दिल में न चुभे.”
9. बचाव पक्ष के वकील काजमी के पैंतरे पर पलटवार: जब बचाव पक्ष के वकील काजमी ने 500 से ज्यादा गवाहों को अदालत में लाकर गवाही कराने की मांग रखी, ताकि केस सालों-साल खिंचता रहे, तब निकम ने तीखा सवाल किया, “भद्दा मजाक क्या है आप जानते हैं? आप चाहते हैं कि यह केस कसाब के बुढ़ापे तक चलता रहे!”

कसाब का रोल किसने किया?
10. आतंकवाद पर देश के रुख का स्पष्ट संदेश: कसाब के पूरे ट्रायल के दौरान भारत के कूटनीतिक और कानूनी रुख को साफ करते हुए उन्होंने शुरुआत कहा था, “हमारे लिए आतंकवादी के लिए भी संविधान है, वहां पर कुछ लोगों के लिए आतंकवाद ही संविधान है.”
कानूनी दांव-पेच और न्याय की सबसे बड़ी जीत
फिल्म के ये 10 डायलॉग्स सिर्फ शब्द नहीं हैं, बल्कि उस दौर की उस पीड़ा, आक्रोश और कूटनीतिक लड़ाई का दस्तावेज हैं जो बंद कमरों और अदालतों में लड़ी गई.

सोनाली नाईक
सोनाली करीब 15 सालों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रहार न्यूज पेपर से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी. इस न्यूज पेपर में बतौर रिपोर्टर काम करते हुए सोनाली ने एंटरटेनमेंट बीट के साथ-साथ सीसीडी (कॉलेज कैंपस और ड्रीम्स) जैसे नए पेज पर काम किया. उन्होंने वहां 'फैशनेरिया' नाम का कॉलम भी लिखा. इस दौरान एलएलबी की पढ़ाई भी पूरी की, लेकिन पत्रकारिता के जुनून की वजह से इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने के इरादे से 2017 में टीवी9 से सीनियर कोरेस्पोंडेंट के तौर पर अपनी नई पारी शुरू की. टीवी9 गुजराती चैनल में 3 साल तक एंटरटेनमेंट शो की जिम्मेदारी संभालने के बाद सोनाली 2020 में टीवी9 हिंदी डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम में शामिल हुईं. सोनाली ने टीवी9 के इस सफर में कई ब्रेकिंग, एक्सक्लूसिव न्यूज और ऑन ग्राउंड कवरेज पर काम किया है. हिंदी के साथ-साथ गुजराती, मराठी, इंग्लिश भाषा की जानकारी होने के कारण डिजिटल के साथ-साथ तीनों चैनल के लिए भी उनका योगदान रहा है. रियलिटी शोज और ग्लोबल कंटेंट देखना सोनाली को पसंद है. नई भाषाएं सीखना पसंद है. संस्कृत भाषा के प्रति खास प्यार है. नुक्कड़ नाटक के लिए स्क्रिप्ट लिखना पसंद है. सोनाली के लिखे हुए स्ट्रीट प्लेज 'पानी', 'मेड इन चाइना' की रीडिंग 'आल इंडिया रेडियो' पर सोशल अवेयरनेस के तौर पर की जा चुकी है.
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