August 19, 2026

'इससे बेहतर कुछ नहीं...', गॉल टेस्ट में प्लेयर ऑफ द मैच बनकर देवदत्त पड‍िक्कल हुए भावुक, र‍िएक्शन VIRAL

गॉल टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत में देवदत्त पड‍िक्कल का नाम सबसे ऊपर रहा. पहली पारी में 167 रन की शानदार पारी खेलने वाले पड‍िक्कल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. मैच के बाद उन्होंने अपनी पारी, गॉल की पिच और करियर में मिले मुश्किल टेस्ट वेन्यू को लेकर खुलकर बात की.

पड‍िक्कल के लिए यह मुकाबला खास रहा. उन्होंने पहली पारी में 167 रन बनाए और भारत को 462 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. दूसरी पारी में भी पड‍िक्कल ने 44 रनों की पारी खेली. वहीं पड‍िक्कल के अलावा मैच में मानव सुथार ने भी कमाल की गेंदबाजी करते हुए 10 व‍िकेट झटके. सुथार का यह बैक टू बैक दूसरा 5 व‍िकेट हॉल रहा. सुथार का यह दूसरा ही टेस्ट था. 

'प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद पड‍िक्कल से जब उनके लगातार चुनौतीपूर्ण टेस्ट वेन्यू को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अपने करियर की शुरुआत से लेकर अब तक का सफर याद किया.

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उन्होंने कहा- यह मेरे करियर में कुछ ऐसा ही रहा है. मैंने धर्मशाला में शुरुआत की, फिर पर्थ में टेस्ट खेला और अब गॉल में. लेकिन मैं इससे बेहतर कुछ और नहीं मांग सकता था. पड‍िक्कल ने कहा कि टीम ने पूरे मैच में शानदार क्रिकेट खेली और उन्हें इस जीत से बेहद खुशी है.

For his maiden Test ton that laid the foundation and an equally important knock in the second innings, @devdpd07 receives the Player of the Match award 👏👏#SLvIND #TeamIndia pic.twitter.com/EY7bbMT92f

— BCCI (@BCCI) August 19, 2026

गॉल की पिच पर क्या बोले पड‍िक्कल?
167 रन की पारी खेलने वाले पड‍िक्कल से जब पूछा गया कि क्या पांच दिनों के दौरान पिच में कोई बड़ा बदलाव आया तो उन्होंने माना कि विकेट में स्वाभाविक टूट-फूट हुई. हालांकि पड‍िक्कल ने यह भी माना कि मुकाबले के तीसरे दिन के बाद पिच पर स्पिन ज्यादा देखने को मिली.

उन्होंने कहा कि तीसरे दिन से विकेट ज्यादा टर्न करने लगा था. लेकिन उनके मुताबिक मैच में असली अंतर इस बात से पड़ा कि किस टीम ने अपनी स्किल्स का बेहतर इस्तेमाल किया.

क्या बाएं हाथ के बल्लेबाजों को मिला फायदा?
गॉल की पिच पर बाएं हाथ के बल्लेबाजों को फायदा मिलने के सवाल पर पड‍िक्कल ने सीधे तौर पर इससे सहमति नहीं जताई. हालांकि उन्होंने इसकी एक वजह जरूर बताई. उन्होंने कहा कि मुकाबले में काफी मात्रा में बाएं हाथ के स्पिनरों ने गेंदबाजी की. साथ ही विकेट थोड़ा धीमा था और गेंद को सतह से बहुत ज्यादा बाइट नहीं मिल रही थी.ऐसे में बाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए बाएं हाथ के स्पिनरों को खेलना थोड़ा आसान रहा. पड‍िक्कल के मुताबिक यही इस मामले में अहम फैक्टर था.

पड‍िक्कल की 167 रन की पारी बनी जीत की नींव
पड‍िक्कल की 167 रन की पारी ने भारत की जीत की नींव रखी. भारत ने पहली पारी में 462 रन बनाए, जिसमें पड‍िक्कल का योगदान सबसे बड़ा रहा. केएल राहुल और ध्रुव जुरेल ने भी अर्धशतक लगाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया.

श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर सिमटी. एक समय मेजबान टीम 90 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी थी, लेकिन सोनल दिनुषा और डिकवेला ने 146 रन की साझेदारी कर उसे फॉलोऑन से बचाया. इसके बाद भारत की दूसरी पारी में सिर्फ तीन बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार कर सके, लेकिन ऋषभ पंत की 66 रन की तेज पारी ने भारत की बढ़त को 370 रन के पार पहुंचा दिया.

लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका ने शुरुआती चार विकेट जल्दी गंवा दिए. दिनुषा और डिकवेला ने फिर संघर्ष किया और मैच को आखिरी दिन तक पहुंचाया. लेकिन रवींद्र जडेजा ने डिकवेला को आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई. यशस्वी जायसवाल के दबाव के बाद डिकवेला की पारी भी खत्म हुई और फिर मैनव सुथार ने सिर्फ 10 गेंदों के भीतर चार विकेट लेकर श्रीलंका की पारी समेट दी.

श्रीलंका 206 रन पर ऑलआउट हुआ और भारत ने 165 रन से मैच अपने नाम कर लिया. लेक‍िन इस जीत के बाद सबसे ज्यादा चर्चा पड‍िक्कल की रही. 
 

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