बच्चे के जन्म के बाद हार्मोनल बदलाव और थकान के कारण त्वचा में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। सही स्किनकेयर रूटीन, खान-पान और सही जानकारी की मदद से आप अपनी त्वचा को दोबारा स्वस्थ और चमकदार बना सकती हैं।
Postpartum Skin Care : मां बनना जिंदगी का एक बेहद खूबसूरत अहसास होता है, लेकिन डिलीवरी के बाद महिला का शरीर कई दौर से गुजरता है।
इस दौरान वजन में बदलाव, हार्मोन का उतार-चढ़ाव, नींद पूरी न होना और तनाव का सीधा असर आपकी त्वचा पर दिखाई देने लगता है।
अक्सर नई माताओं को लगता है कि डिलीवरी के तुरंत बाद उनकी स्किन पुरानी स्थिति में आ जाएगी, जबकि ऐसा नहीं है। त्वचा का ढीला पड़ना, दाग-धब्बे या मुहांसे होना पूरी तरह से सामान्य और रिकवरी प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा है।
सही जानकारी और थोड़ी सी देखभाल से इन समस्याओं को आसानी से संभाला जा सकता है।
डिलीवरी के बाद स्किन में होने वाले 5 आम बदलाव
मेलास्मा या पिगमेंटेशन: इसे अक्सर ‘प्रेग्नेंसी का मास्क’ भी कहा जाता है। इसमें गालों, माथे या ऊपरी होंठ पर गहरे रंग के धब्बे बनने लगते हैं। धूप के संपर्क में आने से ये जिद्दी और अधिक गहरे हो सकते हैं।
स्ट्रेच मार्क्स: गर्भावस्था के दौरान पेट और आसपास की त्वचा के तेजी से खिंचने के कारण निशान बन जाते हैं। ये समय के साथ हल्के तो पड़ते हैं, लेकिन पूरी तरह खत्म होने में वक्त लेते हैं।
पोस्टपार्टम एक्ने (मुहांसे): कई महिलाओं को डिलीवरी से पहले कभी पिंपल्स नहीं होते, लेकिन डिलीवरी के बाद अचानक मुहांसे निकलने लगते हैं। इसका मुख्य कारण शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का तेजी से गिरना होता है।
अत्यधिक रूखापन और संवेदनशीलता: शारीरिक थकान, पानी की कमी और हार्मोनल बदलावों के कारण त्वचा अपनी नमी खो देती है, जिससे स्किन रूखी और संवेदनशील हो जाती है।
त्वचा का ढीलापन: गर्भावस्था के दौरान पेट की त्वचा का खिंचाव और डिलीवरी के बाद कोलेजन का स्तर घटने से पेट और कमर के आसपास की स्किन ढीली नजर आने लगती है।
त्वचा की रिकवरी के लिए अपनाएं ये आसान उपाय
1. सिंपल स्किनकेयर रूटीन रखें
बहुत सारे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का एक साथ इस्तेमाल करने से बचें। केवल एक माइल्ड क्लींजर, अच्छा मॉइस्चराजर और सनस्क्रीन का इस्तेमाल ही आपकी त्वचा के लिए काफी है।
2. सनस्क्रीन लगाना कभी न भूलें
पिगमेंटेशन और झाइयों को बढ़ने से रोकने के लिए रोजाना ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन जरूर लगाएं, भले ही आप घर के अंदर ही क्यों न हों।
3. त्वचा को गहराई से मॉइस्चराइज करें
स्किन की बाहरी परत को सुरक्षित रखने के लिए हर बार हाथ-मुंह धोने के बाद हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं। यह रूखेपन और जलन से राहत दिलाता है।
4. खान-पान और हाइड्रेशन पर ध्यान दें
त्वचा की अंदरूनी रिकवरी के लिए दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। अपने आहार में ताजे फल, हरी सब्जियां, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर चीजें शामिल करें।
5. आराम के लिए समय निकालें
बच्चे की देखभाल के बीच जब भी मौका मिले, भरपूर नींद लें। जब आपका शरीर आराम करता है, तभी त्वचा की कोशिकाएं खुद को रिपेयर कर पाती हैं।
सावधानी जरूरी है
यदि आप बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं, तो रेटिनोइड्स (Retinoids) या मजबूत केमिकल एक्सफोलिएंट्स वाले स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल खुद से न करें।
किसी भी नए एक्टिव इंग्रीडिएंट वाले प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से पहले डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा विशेषज्ञ) की सलाह जरूर लें।