कार्बन फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट के बाद भी नहीं जागा प्रबंधन, बिना सेफ्टी किट काम कर रहे मजदूरों में से एक की हालत गंभीर
छत्तीसगढ़ के औद्योगिक जिले कोरबा से एक बार फिर सनसनीखेज लापरवाही का मामला सामने आया है, जो फैक्ट्रियों के भीतर काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. कुछ समय पहले ही कोरबा की एक कार्बन फैक्ट्री में हुए भीषण ब्लास्ट के हादसों की गूंज ठंडी भी नहीं हुई थी कि प्रबंधन की ओर से एक और बड़ी लापरवाही उजागर हो गई है. ताजा मामले के अनुसार, फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा नियमों को ताक पर रखकर मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा किट (Safety Kit) और सुरक्षा उपकरणों के खतरनाक माहौल में काम कराया जा रहा था. इस घोर लापरवाही के चलते काम के दौरान एक मजदूर की अचानक तबीयत इतनी ज्यादा बिगड़ गई कि उसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उसकी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है. इस घटना के सामने आने के बाद से स्थानीय मजदूरों और श्रमिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है.
हादसों से सबक नहीं ले रहा प्रबंधन, धड़ल्ले से चल रहा जानलेवा खेल
औद्योगिक नगरी कोरबा में कारखानों और फैक्ट्रियों के भीतर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करना कोई नई बात नहीं रह गई है, लेकिन हालिया घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि प्रबंधन हादसों से भी कोई सबक सीखने को तैयार नहीं है. जानकारों का कहना है कि फैक्ट्रियों के भीतर उत्पादन लक्ष्य को पूरा करने के चक्कर में मजदूरों की जान को दांव पर लगा दिया जाता है. कार्बन फैक्ट्री ब्लास्ट जैसी गंभीर दुर्घटनाओं के बावजूद यदि मौके पर काम करने वाले श्रमिकों को हेलमेट, मास्क, ग्लव्स और अन्य बुनियादी सेफ्टी गियर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर कानून और सुरक्षा नियमों की खुली धज्जियां उड़ाना है. इस तरह की लापरवाह कार्यप्रणाली के कारण आए दिन गरीब मजदूर अपनी जान या स्वास्थ्य गंवाने को मजबूर हो रहे हैं.
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल, सख्त कार्रवाई की मांग तेज
इस ताज़ा घटना के बाद से क्षेत्र के श्रमिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन तथा श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. लोगों का आरोप है कि औचक निरीक्षण न होने के कारण फैक्ट्रियों के मालिक बेखौफ होकर मनमानी कर रहे हैं और मजदूरों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. घटना के बाद पीड़ित मजदूर के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और वे फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तथा उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं. अब देखना यह होगा कि इस गंभीर लापरवाही के उजागर होने के बाद जिला प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी इस कार्बन फैक्ट्री के खिलाफ क्या कड़े कदम उठाते हैं.