छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर: विभाग का बड़ा दावा, 'स्मार्ट मीटर लगाने से नहीं बढ़ती बिजली की खपत
देशभर में और खासकर छत्तीसगढ़ राज्य में बिजली उपभोक्ताओं के बीच इन दिनों स्मार्ट मीटर (Smart Meters) को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और आशंकाएं बनी हुई हैं. आम जनता के मन में अक्सर यह सवाल और डर रहता है कि जैसे ही घरों में पुराने मीटर की जगह नए डिजिटल स्मार्ट मीटर लगाए जाते हैं, वैसे ही बिजली का बिल अचानक बढ़ जाता है और खपत ज्यादा दिखाने लगती है. इन तमाम अफवाहों और बहसों के बीच अब ऊर्जा विभाग और बिजली वितरण कंपनियों की तरफ से एक बहुत बड़ा और स्पष्ट बयान सामने आया है. राज्य के तीन प्रमुख शहरों में किए गए व्यापक सर्वे और तकनीकी आंकलन के बाद विभाग ने आधिकारिक तौर पर यह दावा किया है कि स्मार्ट मीटर लगने से बिजली की खपत बिल्कुल नहीं बढ़ती है, बल्कि यह पूरी तरह पारदर्शी और सटीक तरीके से रीडिंग दर्ज करते हैं.
तीन शहरों के सर्वे में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
आम उपभोक्ताओं की शिकायतों और बढ़ रहे बिजली बिलों के संदेह को दूर करने के लिए बिजली विभाग ने राज्य के तीन प्रमुख शहरी क्षेत्रों में एक विस्तृत सर्वे कराया था. इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य यह जांच करना था कि क्या वाकई स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली की यूनिट्स में कोई असामान्य बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है या नहीं. तकनीकी विशेषज्ञों और इंजीनियरों की टीम ने जब पुराने इलेक्ट्रोमैकेनिकल या डिजिटल मीटरों की कार्यप्रणाली और नए स्मार्ट मीटरों के आंकड़ों का मिलान किया, तो यह साफ हो गया कि मीटर बदलने से बिजली की खपत या यूनिट्स पर कोई असर नहीं पड़ता है. विभाग का कहना है कि कई बार लोगों को रीडिंग का सही आकलन न होने या गर्मियों में उपकरणों के ज्यादा इस्तेमाल के कारण बिल बढ़ा हुआ प्रतीत होता है, जबकि स्मार्ट मीटर अपनी तकनीक के लिहाज से सौ प्रतिशत सटीक होते हैं.
पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था से उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा
विद्युत विभाग के अधिकारियों का मानना है कि स्मार्ट मीटर आने से उपभोक्ताओं और बिजली कंपनियों दोनों के लिए पारदर्शिता बढ़ेगी. अब उपभोक्ताओं को गलत रीडिंग या मनमाने बिल आने की पुरानी समस्याओं से निजात मिल सकेगी क्योंकि स्मार्ट मीटर सीधे सेंट्रल सर्वर से जुड़े होते हैं और मोबाइल ऐप के जरिए उपभोक्ता खुद अपनी खपत पर实时 नजर रख सकते हैं. इसके अलावा, मीटर रीडिंग लेने आने वाले कर्मचारियों पर निर्भरता भी खत्म हो जाएगी. विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे स्मार्ट मीटर को लेकर किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और ऊर्जा की बचत के आधुनिक तरीकों को अपनाएं. इस सर्वे रिपोर्ट के सामने आने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि उपभोक्ताओं के मन से स्मार्ट मीटर को लेकर बैठा डर काफी हद तक दूर हो सकेगा.