July 28, 2026

हाई कोर्ट का सख्त रुख: आदेश की अनदेखी पर नागपुर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवमानना का नोटिस जारी!| Navbharat Live

हाई कोर्ट का सख्त रुख: आदेश की अनदेखी पर नागपुर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवमानना का नोटिस जारी!

  • Written By:

    अंकिता पटेल

Updated On: Jul 28, 2026 | 03:50 PM IST

विज्ञापन

सार

Nagpur Education Officials: नागपुर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को HC ने पुराने आदेश का पालन नहीं करने पर अवमानना नोटिस जारी किया। मामले में वर्तमान शिक्षा उपसंचालक व शिक्षणाधिकारी को भी बनाया पक्षकार।

High Court takes a tough stance: Contempt notice issued to Nagpur Education Department officials for disregarding the order!

नागपुर हाई कोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

Nagpur High Court Contempt: नागपुर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाते हुए न्यायाधीश अनिल पानसरे और न्यायाधीश रजनीश व्यास ने अदालत की अवमानना का नोटिस जारी किया। अधिकारियों पर हाई कोर्ट के पुराने आदेश की अनदेखी का आरोप लगाते हुए गजानन वैद्य की ओर से हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई।

दोपहर 2:30 बजे हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकील पी.वी. ठाकरे के मौखिक अनुरोध पर अदालत ने वर्तमान शिक्षा उपसंचालक और वर्तमान शिक्षणाधिकारी को पक्षकार बनाने की अनुमति दी। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत का ध्यान 10 जुलाई 2024 को रिट याचिका संख्या 2662/2024 में पारित आदेश की ओर दिलाया और बताया कि आज तक उस आदेश का पालन नहीं किया गया।

अधिकारी का अजीबोगरीब बहाना

सुनवाई के दौरान जिला परिषद के शिक्षणाधिकारी (माध्यमिक) अनिल दहीफले व्यक्तिगत रूप से अदालत में मौजूद थे। जब अदालत ने आदेश के पालन न होने का कारण पूछा तो शिक्षणाधिकारी ने सरकारी वकील के माध्यम से एक अजीब दलील दी कि कागजातों (दस्तावेजों) की कमी के कारण अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

सम्बंधित ख़बरें

इस बचाव को सुनकर अदालत ने घोर आश्चर्य व्यक्त किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 10 जुलाई 2024 के मूल आदेश के पैराग्राफ 4 में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि याचिकाकर्ता से संबंधित सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी शिक्षणाधिकारी और शिक्षा उपसंचालक की है।

2 सप्ताह के भीतर जवाब दायर करने के आदेश

रिकॉर्ड विभाग के पास होने के बावजूद उचित कदम न उठाने को अदालत ने गंभीरता से लिया। कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों का यह रवैया प्रथम दृष्टया इस न्यायालय द्वारा पारित आदेश की अवमानना है। कड़ा रुख अपनाते हुए हाई कोर्ट ने शिक्षा उपसंचालक माधुरी सावरकर और शिक्षणाधिकारी अनिल दहीफले को बॉम्बे हाई कोर्ट अपीलेट साइड रूल्स, 1960 (Chapter XXXIV, Form No.1) के तहत अवमानना नोटिस जारी किया। अदालत ने दोनों अधिकारियों को 2 सप्ताह के भीतर जवाब दायर करने के आदेश भी दिए।

यह भी पढ़ें:-नागपुर जिला अस्पताल: 300 बेड क्षमता के साथ जल्द शुरू होगा विदर्भ का पहला बहु-पैथी सेंटर

सुधार के लिए दी गई मोहलत

अदालत ने अधिकारियों को अपनी गलती सुधारने का एक मौका भी दिया। अदालत ने अपने आदेश के अंत में स्पष्ट किया कि यदि अधिकारी इस बीच मूल आदेश का पूरी तरह से पालन कर लेते हैं तो वे स्वयं को इस अवमानना की कार्रवाई से मुक्त कर सकते हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पी।वी। ठाकरे और राज्य सरकार की ओर से एजीपी एस।बी। बिस्सा ने पैरवी की।

Follow Navbharatlive whatsapp