July 26, 2026

भारत को चिढ़ाने की कोशिश में बालेन सरकार? नेपाल जारी कर रहा ऐसा सिक्का, देखते ही दिल्ली तक मचा हड़कंप

भारत को चिढ़ाने की कोशिश में बालेन सरकार? नेपाल जारी कर रहा ऐसा सिक्का, देखते ही दिल्ली तक मचा हड़कंप

Time Published: Sunday, July 26, 2026, 15:22 [IST]

Nepal New 1 Rupee Coin: नेपाल सरकार ने एक रुपये का नया सिक्का जारी करने का फैसला किया है, जिस पर वही विवादित नक्शा होगा जिसमें लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया है। इन तीनों क्षेत्रों पर भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से सीमा विवाद चला आ रहा है।

खास बात यह है कि कुछ दिन पहले सरकार ने सिक्के से नक्शा हटाकर बौद्ध मठ की तस्वीर लगाने का फैसला किया था, लेकिन विरोध के बाद उसे वापस लेना पड़ा। ऐसे में इस फैसले को भारत के प्रति राजनीतिक संदेश और सीमा विवाद को फिर हवा देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

Nepal New 1 Rupee Coin

नेपाल का नया सिक्का और विवादित नक्शा

नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) ने पुष्टि की है कि एक रुपये का नया सिक्का जारी किया जाएगा। बैंक के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल के अनुसार अंतिम डिजाइन अभी आधिकारिक रूप से नहीं मिला है, लेकिन पूरा भरोसा है कि सिक्के पर वही आधिकारिक नक्शा होगा जिसमें लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया है। नया सिक्का आकार में छोटा और वजन में हल्का होगा, लेकिन विवादित नक्शा बनाए रखने का फैसला सबसे ज्यादा चर्चा में है।

क्या है लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी विवाद?

लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी उत्तराखंड से लगे रणनीतिक इलाके हैं। नेपाल इन क्षेत्रों पर अपना दावा करता है, जबकि भारत इन्हें उत्तराखंड का अभिन्न हिस्सा मानता है। मई 2020 में तत्कालीन प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली की सरकार ने नया राजनीतिक नक्शा जारी कर इन इलाकों को नेपाल में शामिल दिखाया था। तभी से दोनों देशों के बीच यह मुद्दा लगातार तनाव का कारण बना हुआ है।

पहले बदला फैसला, फिर विरोध के बाद यू-टर्न

20 जुलाई को नेपाल सरकार ने फैसला किया था कि एक रुपये के सिक्के से देश का नक्शा हटाकर उसकी जगह एक बौद्ध मठ (मोनास्ट्री) की तस्वीर लगाई जाएगी। लेकिन विपक्षी दलों और आम लोगों ने इसे राष्ट्रीय पहचान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कड़ा विरोध किया। बढ़ते राजनीतिक दबाव के बाद सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा और अब विवादित नक्शे के साथ ही सिक्का जारी करने का निर्णय लिया गया है।

भारत का क्या है आधिकारिक रुख?

भारत पहले भी कई बार साफ कर चुका है कि लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी भारतीय क्षेत्र हैं। नई दिल्ली का कहना है कि सीमा से जुड़े ऐसे संवेदनशील मुद्दों का समाधान केवल द्विपक्षीय बातचीत और स्थापित कूटनीतिक तंत्र के जरिए ही निकाला जा सकता है। भारत ने अतीत में भी नेपाल के विवादित नक्शे पर आपत्ति जताई थी और इसे एकतरफा कदम बताया था।

क्या भारत को संदेश देने की कोशिश है?

नेपाल के इस फैसले का समय और राजनीतिक पृष्ठभूमि कई सवाल खड़े कर रही है। विरोध के बाद सरकार का नक्शे को दोबारा सिक्के पर बनाए रखने का फैसला घरेलू राजनीति से जुड़ा माना जा रहा है, लेकिन भारत में इसे सीमा विवाद को फिर उभारने वाले कदम के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि, नेपाल सरकार ने इसे अपने आधिकारिक मानचित्र के अनुरूप सामान्य प्रक्रिया बताया है। आने वाले दिनों में यह फैसला दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों में नई चर्चा का विषय बन सकता है।