July 25, 2026

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भूपेंद्र हुड्डा बोले- यह युवाओं के संघर्ष की जीत, सरकार छात्रों से मांगे माफी| Navbharat Live

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भूपेंद्र हुड्डा बोले- यह युवाओं के संघर्ष की जीत, सरकार छात्रों से मांगे माफी

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सार

Student Protest: भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं के संघर्ष की जीत है। उन्होंने सरकार से छात्रों से माफी मांगने और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग की।

Bhupendra Hooda said on Dharmendra Pradhan's resignation - this is the victory of the struggle of the youth, the government should apologize to the students.

भूपेंद्र हुड्डा (सोर्स-सोशल मीडिया)

विस्तार

Bhupinder Hooda On Dharmendra Pradhan Resignation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपिंदर सिंह हुड्डा ने इसे छात्रों और युवाओं के संघर्ष की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन छात्रों और युवाओं से भी माफी मांगनी चाहिए, जिन्हें आंदोलन के दौरान कथित तौर पर लाठीचार्ज और बर्बरता का सामना करना पड़ा।

हुड्डा ने आरोप लगाया कि देशभर में पेपर लीक की घटनाएं लगातार बढ़ती गईं, लेकिन केंद्र सरकार ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए, जिसके कारण छात्रों को सड़कों पर उतरना पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान चलाकर इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया और अंततः सरकार को झुकना पड़ा। हुड्डा ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग करते हुए कहा कि इसे इतना पारदर्शी बनाया जाए कि भविष्य में किसी भी परीक्षा का पेपर लीक न हो सके। उन्होंने हरियाणा में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की कई घटनाओं का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

केंद्र से माफी मांगने की मांग

विपक्ष के नेता ने मीडिया से कहा कि लाठीचार्ज और बर्बरता के लिए सरकार को युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। इसके अलावा, परीक्षा प्रणाली को इतना पारदर्शी बनाया जाना चाहिए कि भविष्य में पेपर लीक होने की कोई संभावना न रहे। हुड्डा ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा पूरे देश में महामारी का रूप ले चुका है, जिसके चलते भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की उदासीनता के कारण छात्रों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

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युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार पर हमला

उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के माध्यम से देशव्यापी आंदोलन शुरू किया। अंततः, भाजपा को इस जन आंदोलन के आगे झुकना पड़ा। अब कांग्रेस संसद में पेपर लीक के मामले में सरकार से जवाबदेही की मांग करेगी। हुड्डा ने बताया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बार-बार होने वाले पेपर लीक से लगभग 75 लाख उम्मीदवार प्रभावित हुए हैं।

हरियाणा में भर्ती परीक्षाओं पर सवाल

उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल प्रतियोगी परीक्षाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में भी बड़े पैमाने पर पेपर लीक हो रहे हैं। बेरोजगारी का संकट इतना गंभीर है कि 9 करोड़ युवा प्रतिवर्ष केवल 6 लाख नौकरियों के लिए आवेदन करते हैं।

हरियाणा में भर्ती परीक्षाओं पर सवाल

उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा पेपर लीक का गढ़ बन गया है और भाजपा सरकार के कार्यकाल में ऐसी 30 से अधिक घटनाएं हुई हैं। इनमें प्रमुख हैं हरियाणा सिविल सेवा (2023), सीईटी (2023), सब-इंस्पेक्टर भर्ती (मार्च 2022), दंत सर्जन भर्ती (दिसंबर 2021), पीजीआई रोहतक परीक्षा (2025), पुलिस कांस्टेबल भर्ती (अगस्त 2021), ग्राम सचिव भर्ती (12 जनवरी 2021) और क्लर्क भर्ती (दिसंबर 2016)।

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देश भर मे लिक हुए पेपर का किया जिक्र

हुड्डा ने बताया कि देशभर में 152 से अधिक परीक्षा पत्र लीक हुए हैं और आरोप लगाया कि हरियाणा समेत पूरे देश में परीक्षा पत्रों और नौकरियों की तस्करी करने वाला एक गिरोह सक्रिय है। उन्होंने आगे कहा कि समस्या इतनी गंभीर हो गई है कि यह जानलेवा साबित हो रही है; अकेले नीट परीक्षा पत्र लीक से परेशान होकर देशभर में 26 उम्मीदवारों ने आत्महत्या कर ली है।

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