July 25, 2026

'क्या मुझे कैरेक्टर सर्टिफिकेट चाहिए?' अनशन तोड़ने के बाद सोनम वांगचुक का भावुक वीडियो, ट्रोलर्स निशाने पर

'क्या मुझे कैरेक्टर सर्टिफिकेट चाहिए?' अनशन तोड़ने के बाद सोनम वांगचुक का भावुक वीडियो, ट्रोलर्स निशाने पर

Time Published: Saturday, July 25, 2026, 9:50 [IST]

Sonam Wangchuk Video: जंतर-मंतर पर CJP 20 जून से प्रोटेस्ट कर रही है। उनके समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद अपना अनशन खत्म कर दिया है। उनके अनशन खत्म करने के बाद कई लोग उनके खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे, जिसपर अभी सोनम वांगचुक ने जवाब दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिन का अनशन खत्म करने के बाद उन आरोपों पर नाराजगी जताई है, जिनमें कहा जा रहा है कि उन्होंने सरकार के साथ किसी समझौते के बाद अनशन समाप्त किया।

शुक्रवार, 24 जुलाई की रात को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर वांगचुक ने कहा कि उन्होंने छात्रों और अपने साथियों के मुद्दों के लिए दिल्ली की गर्मी में 26 दिन तक भूखे रहकर प्रदर्शन किया। ऐसे में अब उनके फैसले पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कोई डील करनी होती तो वह 26 दिन तक अनशन क्यों करते? वांगचुक ने यह भी बताया कि लंबे अनशन के कारण उनका करीब 11 किलो वजन कम हुआ और उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ा।

Sonam Wangchuk Video

'क्या मुझे कैरेक्टर सर्टिफिकेट चाहिए?'

वांगचुक ने वीडियो में कहा कि अनशन तोड़ने के बाद से लोग उनसे पूछ रहे हैं कि उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों के हाथ से ही अनशन क्यों खत्म किया और क्या कोई समझौता हुआ है। उन्होंने कहा कि क्या 26 दिन तक भूखा रहने के बाद भी उन्हें यह साबित करना होगा कि उनका अनशन कितना ईमानदार था। उन्होंने कहा कि अगर कोई सौदा करना होता तो वह दिल्ली की गर्मी में सड़क किनारे बैठकर 26 दिन भूखे रहने के बजाय किसी आरामदायक जगह पर बातचीत कर सकते थे।

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वांगचुक ने अपने बयान के साथ एक वीडियो क्लिप भी शेयर की। इसमें वह अस्पताल के गलियारे में नजर आ रहे हैं और अधिकारियों से उन्हें परेशान न करने की बात कहते हुए गिरफ्तारी की मांग करते दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि 26वें दिन उन्हें काफी तनाव और परेशानी का सामना करना पड़ा। वांगचुक ने बताया कि 26 दिन के अनशन में उनका करीब 11 किलो वजन कम हुआ और मांसपेशियों के साथ शरीर के अंगों और दिमाग पर भी गंभीर असर पड़ने का खतरा था। उन्होंने कहा कि अब वह तरल आहार ले रहे हैं, जिससे उन्हें थोड़ी ताकत वापस मिली है।

इमरान मसूद के बयान पर विवाद

इससे पहले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने वांगचुक की तुलना अन्ना हजारे से करते हुए उन पर सरकार के साथ 'निजी डील' करने का आरोप लगाया था। उन्होंने सवाल किया था कि सरकार से मुलाकात के दौरान छात्रों की मौजूदगी क्यों नहीं थी। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने इसका जवाब देते हुए कहा कि यह आंदोलन देश के युवाओं का है विपक्ष का नहीं और इससे आंदोलन कमजोर नहीं होगा। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर वांगचुक का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों और आंदोलन का श्रेय लेने की राजनीति कर रही है।

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