July 25, 2026

महिला प्रधान के बेटे की पिस्टल से हुई थी हत्या: सिर में फंसी मिली गोली, झांसी में रेस्टोरेंट में दोस्तों संग खाना खाने गया था - Jhansi News

झांसी में महिला प्रधान के बेटे LLB स्टूडेंट संजय सिंह उर्फ संजू (33) की हत्या में पिस्टल का इस्तेमाल हुआ है। शुक्रवार शाम डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। तब सिर के अंदर गोली फंसी मिली। सिर के पिछले हिस्से में गोली मारी गई। जो अंदर ही फंसी

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डॉक्टरों के अनुसार गोली लगने से सिर को गंभीर क्षति पहुंची और अत्यधिक ब्लीडिंग हुई, जो मौत की वजह बनी। अब तक पुलिस तमंचे से हत्या की आशंका जता रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट हो गया कि वारदात में पिस्टल का इस्तेमाल हुआ है।

गुरुवार रात संजय अपने चार दोस्तों के साथ इलाइट चौराहे से करीब 300 मीटर दूर स्थित द मेड किचन रेस्टोरेंट में खाना खाने गया था। तभी एक बदमाश आया और संजय को गोली मारकर भाग गया था। मामले में भाई सर्वेश सिंह की तहरीर पर नवाबाद थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

यह वही रेस्टोरेंट है, जहां संजय अपने दोस्तों के साथ खाना खाने आया था।

यह वही रेस्टोरेंट है, जहां संजय अपने दोस्तों के साथ खाना खाने आया था।

पेशेवर शूटर होने की आशंका

जिस तरीके से अकेले युवक ने रेस्टोरेंट के अंदर घुसकर प्रधान के बेटे को गोली मारी, उससे पुलिस पेशेवर शूटर के इस्तेमाल होने की आशंका जता रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और सीसीटीवी फुटेज से संकेत मिले हैं कि आरोपी पहले से पूरी तैयारी के साथ आया।

उसे सटीक जानकारी थी कि संजय अपने दोस्तों के साथ रेस्टोरेंट में मौजूद है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छोटा कद का युवक सीधे संजय की टेबल तक पहुंचा और सिर से सटाकर एक ही गोली मारी। गोली चलाने के बाद वह पिस्टल लहराते हुए बाहर निकला। पार्किंग में तैनात गार्ड ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी धक्का देकर बाहर खड़ी बिना नंबर की बाइक पर सवार अपने साथी के साथ फरार हो गया।

महज 6 मिनट में अंजाम दी वारदात

घटनास्थल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के अनुसार आरोपी रात 9:23 बजे रेस्टोरेंट में दाखिल हुआ और 9:29 बजे वारदात को अंजाम देकर बाहर निकल गया। भीड़भाड़ वाले इलाके में महज छह मिनट के भीतर हत्या कर फरार हो जाना पुलिस के लिए भी चुनौती बना हुआ है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी बिहारी तिराहा होते हुए रक्सा टोल की ओर भागे।

एसओजी और सर्विलांस टीम ने शुक्रवार को पूरे दिन घटनास्थल से लेकर रक्सा टोल तक लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं और आरोपी रक्सा की दिशा में जाते दिखाई दिए हैं।

यह वही टेबल है, जिस पर संजय अपने दोस्तों के साथ खाना खा रहा था। फर्श पर खून पड़ा है।

यह वही टेबल है, जिस पर संजय अपने दोस्तों के साथ खाना खा रहा था। फर्श पर खून पड़ा है।

शादी नहीं हुई थी, 6 साल से शहर में रह रहा था

संजय सिंह झांसी शहर से 100 किमी दूर गरौठा के हैवतपुरा गांव का रहने वाला था। उसकी मां रामदेवी गांव की प्रधान हैं। परिजनों ने बताया कि रामदेवी के तीन बच्चे हैं।

बड़े बेटे सर्वेश और बेटी रचना की शादी हो चुकी है। संजय की शादी नहीं हुई थी। वह छह साल से झांसी में नंदनपुरा के पास रिश्तेदार के घर में रह रहा था। वह कचहरी में एडवोकेट दशरथ सिंह के पास मुंशी का काम करता था।

संजय सिंह उर्फ संजू हैवतपुरा गांव का रहने वाला था। वह एक एडवोकेट के यहां मुंशी का काम करता था।

संजय सिंह उर्फ संजू हैवतपुरा गांव का रहने वाला था। वह एक एडवोकेट के यहां मुंशी का काम करता था।

दतिया पीतांबरा पीठ से लौटे थे

दोस्त शिवम ने बताया था- मैं भी एडवोकेट दशरथ सिंह के पास काम करता हूं, इसलिए मेरी संजय से दोस्ती हो गई थी। गुरुवार शाम 4:30 बजे संजय कचहरी से निकला था।

चंदौली से हमारे दोस्त एडवोकेट नारायण ओझा झांसी आए थे। उन्हें पीतांबरा माई के दर्शन के लिए दतिया जाना था। कार से मैं, संजय, नारायण और एडवोकेट दशरथ दतिया गए और दर्शन करके लौट आए। वापसी में हम इलाइट चौराहे के पास स्थित द मेड किचन रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए रुक गए।

उन्होंने बताया- संजय ने फोन करके दोस्त धर्मेंद्र को भी बुला लिया। हम पांचों ने मिलकर खाना खाया। खाना खा ही चुके थे, तभी काले कपड़े पहने एक युवक आया और गोली चला दी।

हम कुछ समझ नहीं पाए। संजय को गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा। गोली मारने के बाद आरोपी तमंचा लहराते हुए बाहर निकला। पार्किंग में खड़े गार्ड ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। हमने हमलावर को पहले कभी नहीं देखा था।

दोस्त शिवम ने बताया- खाना खाते समय काले कपड़े पहने एक युवक आया और संजय के सिर में गोली मार दी।

दोस्त शिवम ने बताया- खाना खाते समय काले कपड़े पहने एक युवक आया और संजय के सिर में गोली मार दी।

भाई बोला- हमारी किसी से दुश्मनी नहीं

हत्या की सूचना मिलते ही गांव से परिजन झांसी पहुंच गए। पुलिस ने परिजनों से घटना के बारे में पूछताछ की। भाई सर्वेश ने बताया- हमारी गांव में किसी से कोई दुश्मनी नहीं है।

प्रधानी को लेकर भी कोई रंजिश नहीं है। भाई संजय 6 साल से झांसी में रह रहा था। वह कम ही गांव आता-जाता था। गोली किसने और क्यों चलाई, इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है। संजय जमीन का काम भी करता था।

3 एंगल पर जांच

पता चला कि संजय जमीन का कारोबार भी करता था। पुलिस विवादित जमीन के मामलों से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है।

संजय 33 साल का था। अभी तक शादी नहीं की थी। पुलिस की एक टीम लव एंगल पर भी जांच कर रही है।

संजय अपने गांव कम जाता था। इसके पीछे के कारण भी तलाशे जा रहे हैं। क्या वहां पर कोई विवाद या रंजिश थी।