'दीपके कचौड़ी खाएं तो सही,मुझे बर्गर खाने पर निकाला', विजेता दहिया का दर्द,बताया आंदोलन को किसने किया हाईजैक?
Published: Thursday, July 23, 2026, 15:55 [IST]
दिल्ली में CJP के 'संसद चलो' मार्च के दौरान 20 जुलाई को वायरल हुए एक बर्गर वीडियो ने पार्टी के भीतर ऐसा भूचाल ला दिया कि प्रवक्ता रहे विजेता दहिया को पद से हटा दिया गया। अब पहली बार विजेता दहिया खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें सिर्फ एक वायरल वीडियो की वजह से बलि का बकरा बनाया गया। इतना ही नहीं उन्होंने अभिजीत दीपके का नाम लेते हुए कहा कि जब उनके कचौड़ी खाने पर विवाद हुआ था, तब उन्होंने पूरी मजबूती से उनका बचाव किया था, लेकिन वही समर्थन उन्हें वापस नहीं मिला।
विजेता दहिया ने पार्टी लीडरशिप और अभिजीत दीपके पर जमकर भड़ास निकाली है। मीडिया को दिए इंटरव्यू में विजेता दहिया ने आंदोलन, पार्टी की अंदरूनी राजनीति और उसे हाईजैक किए जाने के आरोपों पर भी खुलकर बात की है। विजेता दहिया ने कहा कि जब अभिजीत दीपके को कचौड़ी खाने पर नहीं निकाला गया तो बर्गर खाने पर कैसे निकाला जा सकता है। विजेता का कहना है कि वो इस बात से बहुत ज्यादा दुखी हैं।
अभिजीत दीपके पर विजेता दहिया ने लगाए आरोप
विजेता दहिया ने एक वीडियो जारी कर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि जब अभिजीत दीपके का फोन आया, तो लगा कि वे हालचाल पूछेंगे। लेकिन इसके बजाय उनसे इस्तीफा मांग लिया गया। विजेता दहिया ने याद दिलाया कि जब सोनम वांगचुक के अनशन के वक्त अभिजीत दीपके का कचौड़ी खाते हुए वीडियो वायरल हुआ था, तब उन्होंने ही दीपके को बचाया था।
विजेता दहिया बोले,
"जब तुम कचौड़ी खा रहे थे और लोग ट्रोल कर रहे थे, तब मैंने ही तुम्हारा मजबूती से बचाव किया था कि बंदा भूख हड़ताल पर नहीं है, नादानी में खा लिया। जब तुम ट्रक पर चढ़े या थप्पड़ खाया, तब भी मैं डटकर खड़ा रहा। मुझे लगातार धमकियां मिलती रहीं, फिर भी मैं प्रोपेगेंडा से लड़ता रहा। लेकिन अचानक मुझे ही बलि का बकरा बना दिया गया।"
दहिया का कहना है कि अगर किसी पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी, तो फिर दोनों मामलों में एक जैसा रवैया अपनाया जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा,
"मुझे बताया गया कि बर्गर वाला वीडियो बहुत वायरल हो गया है, इसलिए अब आप आंदोलन में मत आइए। मैंने समझाने की कोशिश की कि यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे प्रोपेगेंडा का हिस्सा है, लेकिन मेरी बात नहीं सुनी गई।"
'दो रातों से सोया नहीं था, भूख लगी थी'
टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में बर्गर खाने की वजह बताते हुए विजेता दहिया ने कहा कि खाना शरीर की बुनियादी जरूरत है। पुलिस कार्रवाई के डर से वे लगातार दो रातों से जंतर-मंतर पर पहरा दे रहे थे और एक मिनट भी नहीं सोए थे। जब पार्टी के साथी मार्च के लिए निकले, तो वे और सुधीर स्टेज संभालने के लिए पीछे रुके रहे।
विजेता ने कहा,
''मैं दो रातों से एक मिनट भी नहीं सोया था। हमें लगातार इनपुट मिल रहे थे कि पुलिस किसी भी समय कार्रवाई कर सकती है। मैं पूरे समय वहीं डटा रहा। सिर्फ खाना खाने चला गया तो वही मेरी पहचान बना दी गई।"
प्रेमानंद महाराज टिप्पणी और 'एनकाउंटर' की धमकियों पर क्या बोले विजेता दहिया?
विजेता दहिया ने खुलासा किया कि बर्गर तो महज एक बहाना था, असली वजह प्रेमानंद महाराज पर दिया गया उनका बयान था। उन्होंने कहा कि जब प्रेमानंद महाराज ने सजायाफ्ता रेपिस्ट आसाराम को 'राम और कृष्ण' की तरह मानने की बात कही, तो उन्होंने इस पर ऐतराज जताया था।
विजेता दहिया ने आगे कहा,
"आसाराम एक सजायाफ्ता बलात्कारी है। अगर कोई उसे भगवान कहेगा, तो मैं इसका विरोध करूंगा। यह मेरा फ्रीडम ऑफ स्पीच है। इसी बात से चिढ़कर कुछ असामाजिक तत्व मेरे पीछे पड़ गए थे। सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ 'एनकाउंटर बटन' चलाया गया, जिसे 1500 लोगों ने लाइक किया।"
विजेता दहिया ने बताया छात्रों के आंदोलन को किसने किया हाईजैक?
नीट (NEET) पेपर लीक आंदोलन में राजनीतिक दलों की एंट्री और हाईजैक के आरोपों पर भी विजेता दहिया ने खुलकर अपनी राय रखी। नीट आंदोलन के राजनीतिकरण पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए विजेता दहिया ने कहा कि CJP का मकसद किसी पार्टी को फायदा पहुंचाना नहीं था। उनका कहना था कि अगर कोई राजनीतिक दल छात्रों की आवाज उठाता है तो उसे रोकना मुश्किल है।
उन्होंने कहा,"जिसे आंदोलन का क्रेडिट लेना है, ले ले। लेकिन छात्रों को न्याय मिलना सबसे जरूरी है। अगर कोई पार्टी इस मुद्दे पर साथ आती है तो हमारा फोकस सिर्फ छात्रों का हित होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आजाद, पवन खेड़ा (कांग्रेस) और टीएमसी के नेता प्रदर्शन में शामिल हुए थे। विपक्षी पार्टियां कोई लूडो या सांप-सीढ़ी खेलने के लिए नहीं आतीं राजनीति करना उनका काम है।
विजेता ने कहा कि, आंदोलन को कोई भी हाईजैक करे या क्रेडिट ले, उससे फर्क नहीं पड़ता। असली मुद्दा यह है कि जिन बच्चों ने आत्महत्या की और जो करोड़ों छात्र डिप्रेशन में हैं, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। सीजेपी के पास सैकड़ों करोड़ का फंड नहीं है कि वह हजारों वॉलंटियर्स खड़े कर सके। पुलिस और गुंडों की बर्बरता के लिए पार्टी को जिम्मेदार ठहराना गलत है।
CJP ने विजेता दहिया को हटाने की क्या वजह बताई?
कॉकरोच जनता पार्टी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि विजेता दहिया का व्यवहार उस समय सामने आया, जब प्रदर्शनकारी और पार्टी के सदस्य पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे थे। संगठन के मुताबिक, ऐसा आचरण आंदोलन की भावना के खिलाफ था। इसी वजह से उन्हें प्रवक्ता पद के साथ-साथ सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से भी मुक्त कर दिया गया।