July 22, 2026

मर्डर केस में उम्रकैद, सलाखों के पीछे हुआ प्यार... अब मूलाराम और सीमा ने जोधपुर जेल में लिए सात फेरे

मर्डर केस में उम्रकैद, सलाखों के पीछे हुआ प्यार... अब मूलाराम और सीमा ने जोधपुर जेल में लिए सात फेरे

जेल में उम्रकैद की सजा काटते-काटते मिला जीवनसाथी.

Jodhpur News: राजस्थान की न्यायिक राजधानी जोधपुर में बुधवार को एक ऐसा ऐतिहासिक और अनोखा विवाह देखने को मिला, जिसने प्रदेश की सुधारात्मक न्याय व्यवस्था को नई पहचान दी. मंडोर स्थित ओपन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे एक पुरुष और एक महिला कैदी ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार सात फेरे लेकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत की. यह राजस्थान के इतिहास का पहला अवसर है, जब किसी ओपन जेल परिसर में दो सजायाफ्ता कैदियों का विवाह संपन्न हुआ. इस शादी को राजस्थान हाई कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद आयोजित किया गया.

हाई कोर्ट की अनुमति के बाद संभव हुआ विवाह

राजस्थान उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति पी.एस. भाटी और न्यायमूर्ति प्रवीण भटनागर की खंडपीठ ने दोनों कैदियों को विवाह की अनुमति प्रदान की थी. अदालत के इस फैसले के बाद जेल प्रशासन ने सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए विवाह समारोह का आयोजन कराया. यह निर्णय न्याय व्यवस्था के मानवीय और सुधारात्मक दृष्टिकोण का उदाहरण माना जा रहा है.

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जेल में हुई दोस्ती, फिर प्यार और अब शादी

नागौर जिले के हरसिंगार गांव निवासी मूलाराम भाटी करीब दो वर्ष पहले अजमेर जेल से जोधपुर की मंडोर ओपन जेल में स्थानांतरित किए गए थे. वहीं मुंबई निवासी सीमा को करीब डेढ़ वर्ष पहले महिला जेल से मंडोर ओपन जेल भेजा गया था. ओपन जेल के नियमों के तहत दोनों खेती-बाड़ी और अन्य कार्यों में हिस्सा लेते थे. इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो समय के साथ गहरी दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई. हाल ही में सीमा को 40 दिन की पैरोल मिली, जिसके बाद दोनों ने विवाह करने का निर्णय लिया और अदालत से अनुमति मांगी.

पुलिस की निगरानी में पूरे रीति-रिवाज से हुई शादी

बुधवार को मंडोर ओपन जेल परिसर में दोनों का विवाह पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ संपन्न कराया गया. सीमा की सहेली के पिता ने कन्यादान की रस्म निभाई. विवाह समारोह में दोनों के परिजन, रिश्तेदार, शुभचिंतक, पुलिस अधिकारी और न्यायालय से जुड़े अधिवक्ता भी मौजूद रहे. नवदंपती को सभी ने सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया.

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जेल प्रशासन ने की विशेष व्यवस्था

विवाह समारोह को शांतिपूर्ण और गरिमामय ढंग से संपन्न कराने के लिए जेल प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए थे. ओपन जेल प्रभारी हापू राम की निगरानी में सुरक्षा और आयोजन की सभी व्यवस्थाएं की गईं, जबकि सेंट्रल जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह शेखावत पूरे कार्यक्रम की लगातार मॉनिटरिंग करते रहे.

ध्वज आर्य

ध्वज आर्य

राजस्थान में 2008 से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत. 18 वर्षों के पत्रकारिता करियर में राजनीति, सामाजिक मुद्दे, विकास, अपराध और ग्राउंड रिपोर्टिंग पर काम. खबर की तह तक जाने, तथ्यों की पुष्टि करने और जटिल विषयों को सरल भाषा में जनता तक पहुंचाने में विशेषज्ञता. प्रिंट से डिजिटल मीडिया तक के बदलाव को करीब से देखा. प्रिंट ,डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्लेटफार्म पर काम का अनुभव. पत्रकारिता की शुरुआत के 10 साल क्राइम रिपोर्टिंग की. पूर्व में समाचार प्लस, इंडिया न्यूज, दैनिक भास्कर और अब नेशनल चैनल TV9 भारतवर्ष में राजस्थान ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी. इस सफर के दौरान ब्रेकिंग न्यूज से लेकर इन्वेस्टिगेशन स्टोरी के साथ कई बड़े खुलासे, कई बड़े चुनाव, आपदा, बड़े आंदोलनों की ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज समेत भारत पाकिस्तान युद्ध (ऑपरेशन सिंदूर) को कवर किया. क्राइम की खबरों, बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और युद्ध कवरेज में सबसे ज्यादा रूचि. मेरा मानना है कि खबर सिर्फ एक घटना नहीं है, उसके पीछे का सच भी है. पत्रकारिता का काम सत्ता पक्ष से सवाल पूछना और जनता की आवाज़ बनना है. निष्पक्षता, गति और सटीकता मेरी रिपोर्टिंग के तीन स्तंभ हैं.

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