July 22, 2026

भोजशाला में नमाज स्थल को लेकर नहीं थम रहा विवाद, मुस्लिम पक्ष ने फिर खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

भोजशाला में नमाज स्थल को लेकर नहीं थम रहा विवाद, मुस्लिम पक्ष ने फिर खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

Bhojshala Namaz Dispute: मध्य प्रदेश के भोजशाला का मामला एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. इस बार मुस्लिम पक्ष ने जुमे की नमाज के चलते सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई 24 जुलाई को करेगा.

Bhojshala Namaz Dispute: मध्य प्रदेश के भोजशाला का मामला एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. इस बार मुस्लिम पक्ष ने जुमे की नमाज के चलते सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई 24 जुलाई को करेगा.

author-image

New Update

SC on Bhojshala

भोजशाला नमान स्थल को लेकर नहीं थम रहा विवाद, मुस्लिम पक्ष ने फिर खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा Photograph: (File/Wikipedia)

Bhojshala Namaz Dispute: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला मामले में मुस्लिम पक्ष एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. इस बार मुस्लिम पक्ष ने जुमा की नमाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. जिस पर शीर्ष अदालत 24 जुलाई यानी शुक्रवार को सुनवाई करेगी. बता दें कि मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि कोर्ट ने भोजशाला के नजदीक ही शुक्रवार की नमाज के लिए कोई खुली जगह देने का आदेश दिया था लेकिन प्रशासन ने नमाज के लिए भोजशाला से दो किलोमीटर दूर जगह दी है.

सुप्रीम कोर्ट 24 जुलाई को करेगा याचिका पर सुनवाई

बता दें कि मुस्लिम पक्ष ने बुधवार को अपनी याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की थी. जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई शुक्रवार यानी 24 जुलाई को करने की सहमति जताई. बता दें कि शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश के भोजशाला मामले में भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर घोषित करने के हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार किया था, लेकिन इसके साथ ही पास में ही मुसलमानों को शुक्रवार की नमाज के लिए किसी खुले स्थान पर जगह देने का भी आदेश दिया था. बता दें बुधवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील हुजैफा अहमदी ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षा वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष ये मामला उठाया है.

The Muslim side has filed a petition in the Supreme Court challenging the administration's decision to allocate land for namaz at a location two kilometres away from the Bhojshala complex, which they say is unacceptable. The petitioners also said they had to skip Friday prayers… pic.twitter.com/SeiWbx0pY6

— IANS (@ians_india) July 22, 2026

नमाज पढ़ने के स्थान को लेकर बवाल

मुस्लिम पक्ष के वकील हुजैफा अहमदी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि नमाज के लिए जमीन भोजशाला के पास दी जाए, लेकिन प्रशासन ने जो जमीन दी है लेकिन वो भोजशाला से दो किलोमीटर दूर है. वहीं मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वे इस मामले में कोई विवाद नहीं कर रहे, लेकिन जमीन दो किलोमीटर दूर नहीं दी गई है बल्कि 900 मीटर दूर है. उन्होंने कहा, "वे कोर्ट को भरोसा दिलाते हैं कि वे खुद इस मामले को देखेंगे और सुलझाएंगे."

Bhojshala-Kamal Maula complex dispute: Supreme Court agrees to hear on Friday (24th July) an application filed Muslim side alleging that alternate site, directed by the apex court to be allocated for offering of namaz by Muslims, has been provided 2 kms away from the complex.…

— ANI (@ANI) July 22, 2026

आदेश का पूरी तरह से होना चाहिए पालन- सुप्रीम कोर्ट

इसके साथ ही अहमदी ने अदालत से अनुरोध किया कि इस संबंध में दाखिल उनकी अर्जी पर गुरुवार को सुनवाई की जाए. लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा कि वह शुक्रवार को मामले पर सुनवाई करेंगे. इस बीच सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने मेहता से भी मामले को देखने को कहा. पीठ के दूसरे जज जस्टिस जोयमाल्या बाग्ची ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आदेश का अक्षरश: और मूल भावना के अनुसार पालन किया जाना चाहिए.

ये भी पढ़ें: हवनकुंड से लेकर मूर्तियां और श्लोक, जानें वो कौन-कौन सी बातें थी जो HC के भोजशाला को मंदिर करार देने का बनीं आधार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 15 मई को सुनाया था फैसला

बता दें कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट 15 मई 2026 को धार जिले में स्थिति भोजशाला की धार्मिक प्रकृति पर फैसला सुनाते हुए उसे भोजशाला और वाग्देवी (सरस्वती देवी) का मंदिर घोषित किया है. हालांकि मुस्लिम इस स्थल को कमाल मौला मस्जिद मानते रहे हैं और नमाज अदा करते रहे हैं. 15 मई के मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था.

ये भी पढ़ें: 'अब सिर्फ कानून चलेगा'... जुम्मे की नमाज से पहले भोजशाला में पुलिस का अलर्ट, SP सचिन शर्मा का वीडियो वायरल

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें! विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें