July 21, 2026

ऑनलाइन ज्वेलरी खरीदने वाले हो जाएं अलर्ट! खतरनाक मिलावट से कैंसर का खतरा

ऑनलाइन ज्वेलरी खरीदने वाले हो जाएं अलर्ट! खतरनाक मिलावट से कैंसर का खतरा

ज्वेलरी से कैंसरImage Credit source: Getty Images

कहा जाता है कि अगर आर्टिफिशियल ज्वेलरी जैसे नेकलेस, रिंग और इयररिंग्स का यूज लंबे समय तक किया जाए तो कैंसर का खतरा बढ़ता है. हम यहां बात ऑनलाइन मिलने वाली ज्वेलरी की कर रहे हैं जिसमें 9000 गुना ज्यादा कैडमियम मिलाया जा रहा है. ये मामला यूके का है जहां ऑनलाइन और लोकल मार्केट में मिलने वाली नकली ज्वेलरी में कैडमियम या सीसा मिलाया जा रहा था. यहां कैडमियम को मिलाने की लिमिट 0.01 तय की गई लेकिन जांच में जो सामने आया वो बेहद चौंकाने वाला था.

दरअसल, ऑनलाइन शॉपिंग आज लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है. चुटकियों में घर पर सामान आ जाना बेहद शानदार सुविधा है. घर का राशन हो या रोजमर्रा की चीजें जैसे दवाइयां, सब कुछ ऑनलाइन मिल जाता है. ज्वेलरी भी इस लिस्ट में शामिल है. इसमें इस तरह की मिलावट कैंसर का खतरा बढ़ाती है. जानें क्या कहती है रिसर्च…

रिसर्च में क्या सामने आया?

आर्टिफिशियल ज्वेलरी में कैडमियम की हद से ज्यादा मिलावट की रिपोर्ट को संडे टाइम्स इन्वेस्टीगेशन में पब्लिश किया गया. इसके मुताबिक पॉपुलर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ऐसे अंगूठी, नेकलेस और इयररिंग्स बेच रहे थे जिनमें कैडमियम की मिलावट 9000 गुना ज्यादा थी. नियम है की यूके में आर्टिफिशियल ज्वेलरी में 0.01 फीसदी से ज्यादा कैडमियम नहीं होना चाहिए.

इस हिसाब अगर कोई प्रोडक्ट 925 सिल्वर का है तो इसमें 92.5 फीसदी जहरीले मेटल की मिलावट थी. दरअसल, अंगूठी को 925 सिल्वर यानी 92.5 फीसदी चांदी से बनी हुई बताकर बेचा जा रहा था. जबकि अंगूठी में 92 फीसदी हिस्सा कैडमियम का था.

दूसरी तरफ एक ब्रेसलेट में 3300 गुना ज्यादा कैडमियम की मिलावट थी. जांच के बाद इन प्रोडक्ट्स को रिकॉल किया गया लेकिन इस तरह की मिलावट बेहद चौंकाने वाली है.

कैंसर और किडनी-लिवर की बीमारी का खतरा

यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी का कहना है कि कैडमियम का किसी न किसी तरीके से लंबे समय तक यूज हो तो न सिर्फ कैंसर होता है बल्कि किडनी-लिवर से जुड़ी बीमारियां भी होती हैं. किंग्स कॉलेज लंदन के प्रोफेसर क्रिस्टर होगस्ट्रैंड ने द संडे टाइम्स को बताया कि इस तरह के हैवी मेटल से किडनी का कैंसर हो सकता है. लिवर को डैमेज करने के अलावा ये चीजें हड्डियों के टूटने की बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस का शिकार भी बना देती हैं.

आर्टिफिशियल ज्वेलरी के नुकसान

रिपोर्ट कहती है कि इस तरह की ज्वेलरी में इयररिंग्स से ज्यादा खतरा रहता है. दरअसल, ये हमारे कान में छेद होने के बाद स्किन से सीधे संपर्क कर पाती है. इस तरह शरीर में जहरीली धातु एंट्री कर जाती है. एक्सपर्ट कहते हैं कि भारत में आर्टिफिशियल ज्वेलरी को बड़े स्तर पर यूज किया जाता है. ऐसे में यहां किस लेवल पर हैवी मेटल की मिलावट की जा रही होगी ये अपने आप में बड़ी चिंता का कारण है.

मनीष रायसवाल

मनीष रायसवाल

मनीष रायसवाल वर्तमान में टीवी9 डिजिटल में लाइफस्टाइल बीट पर बतौर टीम लीड काम कर रहे हैं. मनीष के करियर की शुरुआत साल 2015 से इंडिया न्यूज के डिजिटल प्लेटफार्म Inkhabar के साथ बतौर सब एडिटर हुई थी. अलग-अलग पड़ावों को पार करते हुए इन्होंने इंडिया न्यूज, अमर उजाला और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है. 2009 से 2012 के बीच जामिया मिलिया इस्लामिया से बीए ऑनर्स मास मीडिया में ग्रेजुएशन और 2012-13 के बीच देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (दिल्ली) से डिप्लोमा करने के बाद मनीष पत्रकारिता से जुड़े हैं. मनीष लाइफस्टाइल के अलावा, हेल्थ, सोशल, वुमेन और बाल विकास और ट्रैवलिंग जैसे विषयों पर लिखना पसंद करते हैं. लाइफस्टाइल से जुड़े ज्यादातर टॉपिक्स पर इन्हें नई चीजें सीखने का शौक है.

Read More

google button