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हर किसी को नहीं, सिर्फ कुछ लोगों को ही परफ्यूम से छींक क्यों आती है? डॉक्टर ने बताया असली कारण
- Authored by: प्रभात शर्मा
- Updated Jul 20, 2026, 02:52 PM IST
Perfume Allergy Symptoms: क्या आपको या आपके आसपास किसी व्यक्ति को परफ्यूम लगते ही छींक आने लगती है? डॉक्टर के अनुसार, इसकी वजह सिर्फ खुशबू नहीं बल्कि शरीर की फ्रेगरेंस के प्रति संवेदनशीलता और एलर्जी हो सकती है।
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परफ्यूम से छींक क्यों आती है
Perfume Allergy Symptoms: परफ्यूम की खुशबू ज्यादातर लोगों को पसंद आती है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें इसकी महक आते ही लगातार छींक आने लगती है। कई बार नाक बहने लगती है, आंखों में जलन होने लगती है या गले में भी परेशानी महसूस होती है। ऐसे में लोगों को लगता है कि उन्हें परफ्यूम से एलर्जी है। लेकिन क्या हर बार ऐसा होना एलर्जी की निशानी होती है? हैदराबाद के यशोदा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट एंडोस्कोपिक ईएनटी सर्जन डॉ. के.वी.एस.एस.आर.के. शास्त्री के मुताबिक, ज्यादातर मामलों में इसकी वजह एलर्जी नहीं बल्कि नाक का जरूरत से ज्यादा संवेदनशील होना होता है।
परफ्यूम से छींक क्यों आती है?
डॉ. शास्त्री बताते हैं कि परफ्यूम में कई तरह के केमिकल्स और अल्कोहल मौजूद होते हैं। ये हवा में तेजी से फैल जाते हैं और कुछ लोगों की नाक की अंदरूनी परत को परेशान कर देते हैं। जब ऐसा होता है तो नाक के अंदर मौजूद नसें तुरंत प्रतिक्रिया देती हैं और शरीर छींक के जरिए खुद को बचाने की कोशिश करता है। यही कारण है कि कुछ लोगों को परफ्यूम सूंघते ही लगातार छींक आने लगती है, जबकि उसी खुशबू से दूसरे लोगों को कोई दिक्कत नहीं होती।
किन लोगों में ज्यादा होती है यह समस्या?
हर किसी को यह परेशानी नहीं होती। कुछ लोगों की नाक पहले से ही ज्यादा संवेदनशील होती है। ऐसे लोगों में परफ्यूम की तेज खुशबू जल्दी असर करती है।
इन लोगों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल सकती है:
- जिन्हें नॉन-एलर्जिक राइनाइटिस (Vasomotor Rhinitis) की समस्या होती है। इसमें परफ्यूम, सिगरेट का धुआं या तेज गंध वाली चीजें छींक और नाक बहने की वजह बन सकती हैं, जबकि इसमें एलर्जी वाली प्रतिक्रिया नहीं होती।
- जिन्हें एलर्जिक राइनाइटिस (Hay Fever), अस्थमा या एक्जिमा जैसी समस्या है। ऐसे लोगों का श्वसन तंत्र पहले से ही संवेदनशील होता है।
- जो लोग लंबे समय तक बंद कमरे में तेज खुशबू वाले परफ्यूम या एयर फ्रेशनर के बीच रहते हैं।
- जिन लोगों को पहले से साइनस, नाक की सूजन या बार-बार जुकाम की समस्या रहती है।
क्या यह एलर्जी है या सिर्फ संवेदनशीलता?
अक्सर लोग छींक आते ही मान लेते हैं कि उन्हें परफ्यूम से एलर्जी है। लेकिन डॉ. शास्त्री के अनुसार, दोनों बातें अलग-अलग हैं। अगर परफ्यूम त्वचा पर लगने के बाद खुजली, लाल चकत्ते, जलन या एक्जिमा जैसी समस्या हो, तो यह परफ्यूम एलर्जी हो सकती है। वहीं, अगर सिर्फ खुशबू सूंघते ही छींक आना, नाक बहना या नाक में जलन महसूस होना शुरू हो जाए, तो यह ज्यादातर मामलों में नाक की संवेदनशीलता होती है, न कि असली एलर्जी। यानी हर बार छींक आना एलर्जी का संकेत नहीं होता।
इस परेशानी से कैसे बचें?
अगर आपको परफ्यूम की खुशबू से बार-बार छींक आती है, तो कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
- परफ्यूम को चेहरे या नाक के बिल्कुल पास स्प्रे करने से बचें।
- बहुत तेज खुशबू वाले परफ्यूम की जगह हल्के या फ्रेगरेंस-फ्री प्रोडक्ट्स चुनें।
- अगर कमरे में परफ्यूम या एयर फ्रेशनर का इस्तेमाल हो रहा है, तो खिड़कियां खोलकर अच्छी वेंटिलेशन रखें।
- ऐसी जगहों पर ज्यादा देर न रहें, जहां बहुत तेज खुशबू वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल हो रहा हो।
कब डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए?
अगर परफ्यूम की खुशबू से सिर्फ कभी-कभार छींक आती है, तो आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती। लेकिन अगर हर बार परफ्यूम के संपर्क में आते ही लगातार छींक, नाक बंद होना, खांसी, सीने में घरघराहट, सांस लेने में तकलीफ या लंबे समय तक नाक बहने जैसी समस्या होने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ऐसी स्थिति में ईएनटी विशेषज्ञ (ENT Specialist) या एलर्जी विशेषज्ञ (Allergist) से जांच करानी चाहिए। जांच के बाद यह पता लगाया जा सकता है कि परेशानी एलर्जिक राइनाइटिस की है, नॉन-एलर्जिक राइनाइटिस की या किसी दूसरी नाक संबंधी बीमारी की। सही कारण पता चलने पर इलाज भी आसान हो जाता है और भविष्य में इस समस्या को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।
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प्रभात शर्माauthor
प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।
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